UTTARAKHAND : जबरन धर्मांतरण पर अब नहीं मिलेगी जमानत, सरकार के इन बड़े फैंसलों से मचा हड़कंप

CM DHAMI UTTARAKHAND

देहरादून : बुधवार को सचिवालय में धामी कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक हुई. तकरीबन 3 घंटे तक चली इस महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक में कई फैसलों पर मुहर लगी. कैबिनेट ने उत्तराखंड हाईकोर्ट को नैनीताल से हल्द्वानी शिफ्ट करने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है. इसके साथ ही कैबिनेट ने धर्मांतरण कानून(conversion law in uttarakhand) को मंजूरी दे दी है. कैबिनेट ने चंपावत में नया RTO ऑफिस खोलने पर मुहर लगाई है. उत्तराखंड दुकान एवं स्थापन 2022 प्रख्यापन और अग्निशमन नियमावाली को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है.

उत्तराखंड सरकार कैबिनेट बैठक में 29 प्रस्ताव लाए गए. उत्तराखंड में धर्मांतरण कानून को यूपी से सख्त करने की बात कही गई. इसे संज्ञेय अपराध में शामिल किया गया है. इसमें अधिकतम 10 साल की सजा का प्रावधान किया गया है. जल्द ही इस संबंध में विधानसभा में लाया विधेयक लाया जाएगा. सरकार ने अपणी सरकार पोर्टल के लिए रिक्रूटमेंट प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है.

इसके साथ ही जल विद्युत परियोजनाओं के लिए टीएचडीसी और UGVNL के बीच उपकरण बनाए जाएंगे. राज्य में 4G मोबाइल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए मोबाइल टावर के लिए 2000 वर्ग गज भूमि निशुल्क दी जाएगी. नजूल भूमि विधायक 2021 को वापस लिया गया है और संशोधित विधेयक सदन में लाया जाएगा. कूड़ा फेंकना अधिनियम लागू किया गया. RWD की राशि को 15 करोड़ से बढ़कर असीमित किया गया. एडिशनल सब इंस्पेक्टर के पद को स्वीकृत किये गये. जिनका पे-ग्रेड 4200 होगा. केदारनाथ धाम में ॐ मूर्ति की स्थापना होगी.

श्रीनगर नगर निगम और नगर पालिका विवाद को लेकर सब कमेटी का गठन किया गया. शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल को कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है. कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत और चंदन रामदास कमेटी में सदस्य के तौर पर शामिल किये गये हैं. साथ ही जमरानी बांध परियोजना में पुनर्वास प्रस्ताव मंजूर किया गया. इसमें 1323 परिवारों का पुनर्वास होना है.

यह हैं अन्य महत्वपूर्ण फैसले:
कैबिनेट के अन्य प्रमुख फैसले

- धर्मांतरण कानून को कैबिनेट से मिली मंजूरी.

- नैनीताल से हाईकोर्ट को हल्द्वानी शिफ्ट किया जाएगा.

- चंपावत में खोला जाएगा नया RTO ऑफिस.

- उत्तराखंड दुकान एवं स्थापन 2022 प्रख्यापन को मंजूरी 

- आवास नीति में संसोधन.

- नियोजन में RWD कार्यदायी संस्था की लिमिट बढ़ाई गई.

- कई विभागों की सेवा नियमावली से हो सकता है संशोधन.

- आवास नीति में संशोधन को कैबिनेट से मंजूरी.

- भूसे पर बढ़ाई जाएगी सब्सिडी.

- कौशल विकास योजना की नियमेवाली में संशोधन.

-पशुपालकों को भूसा व सायलेज के लिए 75 फीसदी सब्सिड़ी

-बीएसएनएल को फोर जी नेटवर्क के लिए मिलेगी निशुल्क जमीन

-सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकने पर सजा के बजाय जुर्माना लगेगा

-जमरानी बांध परियोजना के लिए पुनर्वास नीति को मंजूरी

-केदारनाथ आपदा से प्रभावित कारोबारियों को मुआवजा राशि देने पर मंजूरी

-जब्त वाहनों की नीलामी के नियमों में भी होगा बदलाव

-केदारनाथ में बनेगी कलात्मक ओम मूर्ति

-दुकानों और माल में कामगारों के लिए बैठने की करनी होगी व्यवस्था

-टीएचडीसी और यूजेवीएनएल मिलकर बनाएगी बिजली परियोजनाएं

-भू राजस्व अधिनियम में किया संशोधन

-बाल श्रम कानून में भी होगा बदलाव करने की मंजूरी

-पंचायत प्रतिनिधियों को दस्तावेज जमा न कराने पर अब सजा नहीं

-अपणि सरकार पोर्टल के लिए 22 करोड़ की मंजूरी

-15 करोड़ से अधिक के काम भी कर सकेगा ग्रामीण निर्माण विभाग

-चंपावत में एआरटीओ दफ्तर खोलने को मंजूरी

-अग्निशमन एवं आपात सेवा अधीनस्थ अधिकारी कर्मचारी सेवा नियमावली में संशोधन

-विधि विज्ञान प्रयोगशाला के तकनीकी पदों की नियामवली को मंजूरी

-सहायक उप निरीक्षक का पदनाम अपर उप निरीक्षक किया

इस पर चर्चा

बैठक में राजकीय सेवा में राज्य आंदोलनकारियों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा शिक्षा विभाग में अतिथि शिक्षकों की भर्ती, नर्सिंग भर्ती नियमावली को मंजूरी, खनन नीति में वन स्टेट वन रॉयल्टी का प्रावधान, पीआरडी जवानों को मातृत्व अवकाश के लाभ का प्रस्ताव भी बैठक में चर्चा के लिए लाया जा सकता है। आवास विकास विभाग, राजस्व, लोनिवि, गृह विभाग से संबंधित प्रस्ताव पर भी कैबिनेट में चर्चा के लिए लाए जा सकते हैं।

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