UTTARAKHAND : जोशीमठ भू-धंसाव प्रभावित क्षेत्रों में सरकार के आपदा राहत बचाव कार्य अपर्याप्त व नाकाफी

गौचर/चमोली (ललिता प्रसाद लखेड़ा) : जोशीमठ शहर हमारी धार्मिक आस्था केंद्र है जो बद्रीनाथ धाम का प्रवेश द्वार होने के साथ साथ सामरिक दृष्टिकोण से भी काफी महत्वपूर्ण है। समय रहते सरकार अगर चेत गई होती तो इस विपदा से निपटा जा सकता था। सरकार, शासन व प्रशासन को जोशीमठ के प्रभावित लोगों के दर्द को समझने, जोशीमठ शहर को बचाने के सार्थक प्रयासों के साथ साथ दैवीय आपदा में जमींदोज हो चुके मकानों व हो रही अन्य क्षति का यथाशीघ्र आंकलन करवा कर यथोचित मुआवजा भी देना चाहिये।
आज जनपद चमोली के जोशीमठ में हो रहे भू-धंसाव प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण तथा प्रभावितों से मिलकर सरकार द्वारा किये जा रहे राहत-बचाव व पुनर्वास कार्यों का जायज़ा लेने पर लोगों के आक्रोश को महसूस किया। सरकार द्वारा किये जा रहे आपदा राहत-बचाव कार्य अपर्याप्त हैं, अधिकारियों को भी कहना चाहता हूं कि संवेदनशील रुख अपनाते हुए विस्थापित किये गये लोगों की समुचित व्यवस्था के इंतजाम करें।
उन्हें दो वक्त का भोजन मुहैया कराया जाये। उन्हें उपलब्ध कराए गए कंबल जोशीमठ की ठंड के लिये नाकाफी हैं, रात्रि में अलाव की व्यवस्था भी की जाये। प्रभावितों से वार्ता में बताया गया कि बाईपास के निर्माण व जलविद्युत परियोजना के निर्माण में वृहद स्तर पर प्रयोग किये जा रहे विस्फोटकों तथा नदी द्वारा किये जा रहे भूकटाव का प्रतिकूल प्रभाव जोशीमठ शहर पर पड़ रहा है, इस पर भी कार्य करने की आवश्यकता है। चमोली जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री वीरेंद्र रावत थोकदार, प्रदेश महामंत्री श्री राजेन्द्र शाह व श्री हरिकृष्ण भट्ट व अन्य वरिष्ठजन मौजूद।