UPCL की अघोषित बिजली कटौती से जनता परेशान, उद्योगों में 30 प्रतिशत तक उत्पादन प्रभावित

बिजली कटौती

देहरादून : प्रदेश में अघोषित बिजली कटौती से उद्योगों में 30 प्रतिशत तक उत्पादन प्रभावित हो रहा है। देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में रोजाना दो से तीन घंटे तक बिजली कटौती की जा रही है। इस समस्या को लेकर जल्द ही औद्योगिक संगठन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात करेंगे।

सर्दियों में बिजली खपत बढ़ने के कारण यूपीसीएल की ओर से अघोषित कटौती की जा रही है। सिडकुल के औद्योगिक क्षेत्र देहरादून, सेलाकुई, हरिद्वार में स्थापित उद्योगों में बिजली कटौती से उत्पादन प्रभावित हो रहा है। सिडकुल मेन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष हरेंद्र गर्ग का कहना है कि हरिद्वार के औद्योगिक क्षेत्रों में रोजाना दो से तीन घंटे तक बिजली की कटौती की जा रही है।

इससे उद्योगों में 30 प्रतिशत तक उत्पादन कम हुआ है। बिजली कटौती का कोई समय निर्धारित नहीं है। इससे उद्योगों की समस्या और बढ़ रही है। जल्द ही इस समस्या को लेकर उद्योगों का प्रतिनिधिमंडल भी मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगा। इंडियन इंडस्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश भाटिया के मुताबिक बिजली कटौती से उद्योगों पर डबल मार पड़ रही है।

उत्पादन कम होने से आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। साथ ही जनरेटर का इस्तेमाल करने से उत्पादन लागत बढ़ जाती है। ड्रग मेन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद कलानी ने बताया कि बिजली कटौती का कोई टाइम नहीं है। सेलाकुई औद्योगिक क्षेत्र में दिन में किसी भी समय कटौती की जा रही है।

आपातकालीन स्थिति में ही बिजली की कटौती

यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक अनिल कुमार का कहना है कि सात राज्यों से नई बिजली मिली है। जिसे मशीनों में पूरी तरह प्रवाहित होने में थोड़ा समय लगता है। केवल आपातकालीन स्थिति में ही बिजली कटौती की जा रही है।

Share this story