सूचना एवं लोक संपर्क विभाग की कार्यप्रणाली एवं मनमानी रवैये को लेकर उग्र हुए पत्रकार समूह, धरना प्रदर्शन कर जताया आक्रोश
सूचना एवं लोक संपर्क विभाग की कार्यप्रणाली एवं मनमानी रवैये को लेकर उग्र हुए पत्रकार समूह, धरना प्रदर्शन कर जताया आक्रोश

देहरादून। आज दिनांक 13 सितम्बर 2022 को रिंग रोड, रायपुर रोड, देहरादून स्थित सूचना महानिदेशालय के परिसर में सैंकड़ों पत्रकारों ने एकत्रित होकर सूचना विभाग की कार्यप्रणाली एवं मनमानी रवैये को लेकर आज धरना प्रदर्शन किया, जिसमें पत्रकार समूह से जुड़े पत्रकारों ने अपना रोष व्याप्त किया एवं विभिन्न मुद्दो पर मांग रखी जिसमें पत्रकारो के हितो को ध्यान में रखते हुए मा. मुख्यमंत्री, विशेष सचिव सूचना व डीजी सूचना को ज्ञापन प्रेषित किया। 

बीते दिनों सूचना विभाग द्वारा कुछ ही न्यूज पोर्टलों को विज्ञापन जारी किया गया, जबकि सूचना विभाग में श्रेणी क, ख, ग, में तीन सौ से अधिक न्यूज पोर्टल सूचीबद्ध हैं। सूचना विभाग द्वारा बैक डोर से कुछ खास अपने चहेते न्यूज पोर्टलों को विज्ञापन जारी कर उन्हें फायदा पहुंचाया गया। बाकी सूचीबद्ध पोर्टलों के स्वामियों को मात्र 21 हजार रूपये का विज्ञापन देकर खानापूर्ति की गई है। वहीं, कुछ खास चहेतों को 42 हजार के साथ-साथ 21 हजार रूपये का अतिरिक्त विज्ञापन भी जारी कर दिया गया।

सूचना विभाग के इस मनमाने रवैये से पत्रकारों का एक तबका नाराज हैं, साथ ही इस पूरे प्रकरण पर विभागीय जांच की मांग करता है। जिससे नजर अंदाज किये गये पोर्टल स्वामियों को उचित न्याय मिल सके। जबकि मा. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी का कहना है कि प्रदेश में सभी जगह सरकार सरलीकरण/जीरो टाॅलरेंस ऑन करप्शन की नीति से कोई समझौत न करने पर दृढ संकल्पित है। लेकिन सूचना विभाग ठीक इसके विपरित कार्य कर रही है।

पत्रकारों के इस समूह ने निम्न बिन्दुओं पर जांच कर अतिशीघ्र कार्यवाही की जाने की मांग रखी है:-

1. सभी लघु व मंझौले समाचार पत्र/पत्रिकाएं एवं न्यूज पोर्टल स्वामियों को सूचना विभाग द्वारा समान रूप से विज्ञापन नहीं दिया जा रहा है, पूर्व में जारी हुये सभी विज्ञापनों की जांच करायें।

2. जिन लघु व मंझौले समाचार पत्र/पत्रिकाएं एवं न्यूज पोर्टलों को विशेष विज्ञापन जारी किया गया उसका आधार क्या था, आखिर इन न्यूज पोर्टलों में वह क्या खास था जो अन्य में नहीं, इसकी जांच की जाये।

3. सूत्रों के अनुसार विभाग में मोटी कमीशन लेकर कुछ पदाधिकारियों द्वारा विज्ञापन की बंदरबांट की जा रही है इसकी सत्यता की जांच की जाए।

4. यह भी शिकायत है कि विभाग में पारदर्शिता के साथ बिल भुगतान न करके चहेतों को प्राथमिकता दी जा रही है जो कि न्यायोचित नहीं है। पूर्व में विभाग द्वारा समाचार पत्र/पत्रिकाओं व न्यूज पोर्टलों को किये गये भुगतानों की जांच की जाये।

5. बीते दिनो सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी से मुलाकात के दौरान यह आश्वासन दिया गया था कि सरकार की नजर में सभी समाचार पत्र/पत्रिकाओं एवं न्यूज पोर्टल समान है और सभी को समान रूप से विज्ञापन जारी किया जायेगा, लेकिन डीजी के आश्वासन के बावजूद नियम के विपरीत विज्ञापन जारी किए जा रहे हैं। पूर्व से आज तक जारी किये सभी विज्ञापनों की जांच की जायें।

6. सूचना विभाग में कार्यरत कुछ पदाधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा अपने कुछ पारिवारिक सदस्यों के नाम पर समाचार पत्र/न्यूज पोर्टल संचालित किये जा रहे हैं, जो अनुचित है यदि नियम के विपरित है तो इसकी विस्तृत जांच कर उचित कार्यवाई की जाये।

7. सूचना विभाग में पूर्व में संविदा कर्मचारियों की भर्ती की गई थी, उन सभी भर्ती किये गये कार्मिको की जांच की जाये।

8. सूचना विभाग में कार्यरत वरिष्ठ पदाधिकारियों/अधिकारियों की आय व इनकी चल व अचल सम्पत्तियों की एसटीएफ जांच की जाये।

इस अवसर पर आलोक शर्मा, सोमपाल सिंह, वीरेंद्र गैरोला, अफरोज खान, राजेश बहुगुणा पोलखोल, शहजाद अली, त्रिभुवन चौहान, अरुण मोगा, बी.डी.शर्मा, केशव पचौरी सागर, बवानिया, हरीश, विजय रावत, प्रकाश कुमार, बॉबी गुप्ता, अर्पित गुप्ता, सुरमई, ओपी बलोदी, विजय रावत, मिस पालकी, सुरेंद्र रावत, हरीश शर्मा, मनीष व्यास, कुलविंदर तड़ियाल, तनमय चौहान आदि बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित थे।

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