एक्शन में धामी सरकार जनहित में आज लिए गए महत्वपूर्ण फैंसले, कैबिनेट बैठक में 18 प्रस्तावों पर लगी मुहर

cm dhami uttarakhand

देहरादून : धामी सरकार की कैबिनेट बैठक में आज बड़ा फैसला अनुपूरक बजट को लेकर लिया गया. कैबिनेट ने करीब 4867 करोड़ रुपए के अनुपूरक बजट को मंजूरी दी है. इसके अलावा शिक्षा के अधिकार (RTE) में फीस का बजट 1350 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 1850 करोड़ रुपए किया गया.

इसके साथ ही धामी कैबिनेट ने उम्र कैद की सजा माफी को लेकर बड़ा फैसला लिया है. उम्र कैद की सजा पाने वाले कैदी की अब कभी भी सजा माफ की जा सकती है. पहले 15 अगस्त और 26 जनवरी को ही सजा माफ होती थी. इसके साथ ही महिला और पुरुष के लिए उम्र कैद की सजा को भी बराबर किया गया.

धामी कैबिनेट में उत्तराखंड परिवहन निगम को लेकर भी बड़ा फैसला लिया है. बस अड्डों की सभी जमीन परिवहन निगम के नाम करने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट में अपनी मुहर लगा दी है. अभी तक सरकार की जमीन लीज पर चल रही है. इसके अलावा स्मार्ट सिटी परियोजना में ग्रीन बिल्डिंग को मिली मंजूरी. साथ ही लिसा उठान पर स्टाम्प शुल्क को 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत किया गया.

वहीं कैबिनेट में राज्य कोऑपरेटिव बैंक राज्य सहकारी संघ में प्रोफेशनल एमडी की नियुक्ति का प्रस्ताव भी पास किया. साथ ही वीरता पुरस्कार, अशोक चक्र, महावीर चक्र, कीर्ति चक्र, वीर चक्र और शौर्य चक्र प्राप्त भारतीय सैनिकों और उनकी वीरांगनाओं को उत्तराखंड राज्य परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा सुविधा प्रदान की जाएगी. जल जीवन मिशन के अंतर्गत कराए जा रहे कार्यो में अनुबंधों में परफॉर्मेंस सिक्योरिटी 10 प्रतिशत के स्थान पर 3 प्रतिशत दिए जाने के फैसले को मंजूरी.

धामी कैबिनेट में लिए गए ये बड़े फैसले

- 4867 करोड़ का अनुपूरक बजट को मंजूरी
- आजीवन कारावास की अवधि 14 साल की गई. पहले ये अवधि महिलाओं के लिए 14-16 और पुरुषों के लिए 16 -18 साल के के बीच थी
- लीसा उठान पर स्टाम्प ड्यूटी घटाई गई. स्टाम्प ड्यूटी 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत की गई.
- रोडवेज वर्कशॉप पर स्मार्ट सिटी ग्रीन बिल्डिंग बनाने को मिली मंजूरी
- सभी बस अड्डों की जमीन रोडवेज को दने के प्रस्ताव भी पर लगी मुहर
- आरटीई के तहत प्रतिपूर्ति 1350 से बढ़ाकर 1850 करोड़ करीब किया गया.
- जल निगम के ढांचे का पुनर्गठन होगा. साथ ही एसई के 6 पद भी बढ़ाये जाने पर सहमति बनी है
- सौंग बांध परियोजना पुर्नवास नीति को मंजूरी

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