सेना में शामिल हुए 331 युवा सैन्य अफसर

सेना में शामिल हुए 331 युवा सैन्य अफसर

देहरादून। देश की सरहदों की सुरक्षा और अमन कायम रखने के लिए 331 युवा सैन्य अफसर थल सेना को मिल गए। भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) देहरादून में शनिवार को हुई पासिंग आउट परेड में अंतिम पग पार कर यह सेना की अलग-अलग विंग में लेफ्टिनेंट बनें। आईएमए से इनकी कोर और पोस्टिंग स्थान तय करते हुए रवाना कर दिया गया। जहां वह आने वाले दिनों में ज्वाइनिंग देंगे। पासिंग आउट परेड के दौरान 373 कैडेट शामिल रहे। इनमें आठ मित्र राष्ट्रों के 42 विदेशी कैडेट भी पास आउट हुए। आईएमए में शनिवार सुबह 6:42 बजे मार्कर्स कॉल के साथ पीओपी की शुरुआत हुई।

कंपनी सार्जेंट मेजर प्रीत कुंडू, तुषार ठाकुर, अमर परिहार, दिवेश झाझरा, शुभम शर्मा और आनंद ए ने ड्रिल स्क्वयार पर अपनी-अपनी जगह ली। सुबह 6:47 बजे एडवांस कॉल के साथ छाती ताने देश के भावी कर्णधार मित्र राष्ट्रों के कैडेटों संग असीम हिम्मत और हौसले के साथ कदम बढ़ाते हुए परेड के लिए पहुंचे। परेड कमांडर मिहिर बनर्जी ने ड्रिल स्क्वायर पर जगह ली। कैडेट्स ने शानदार मार्चपास्ट से दर्शक दीर्घा में बैठे हर शख्स को मंत्रमुग्ध किया। इधर, युवा सैन्य अधिकारी अंतिम पग भर रहे थे तो आसमान से हेलीकाप्टरों के जरिए उन पर पुष्प वर्षा हो रही थी। परेड के बाद आईएम के दक्षिणी मैदान में पीपिंग व ओथ सेरेमनी में भाग लेने के बाद सभी जेंटलमैन कैडेट सेना में अफसर बन गए है। पीपिंग सेरेमनी में युवा अफसरों को उनके परिजनों ने स्टार लगाए। यहां उन्होंने सेना में नौकरी के लिए पहला पग रिवाज को निभाया। इससे पहले सेना प्रमुख मनोज पांडे ने पासिंग आउट परेड की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने युवा अफसरों को भविष्य की चुनौतियों से अभिभूत कराते हुए उनमें जोश भरा।

अतिम पग पार करते वक्त हेलीकाप्टरों से बरसाए फूल

भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) की पासिंग आउट परेड में जोश, जज्बा और उत्साह का समागम दिखा। जेंटलमैन कैडेट्स ने अंतिम पग पार करने से पहले चैटवुड बिल्डिंग के परेड मैदान में कदमताल की। अंतिम पग पार करने वक्त भावी अफसरों पर हेलीकाप्टर से फूल बरसाए गए।

पासिंग आउट परेड सुबह छह बजकर 40 मिनट पर शुरू हुई। मार्कर कॉल के बाद कंपनी सार्जेंट मेजरों ने अपनी-अपनी जगह ली। छह बजकर 74 मिनट पर एडवांस कॉल के बाद सीना ताने भावी अफसर कदमताल करते हुए परेड मैदान में पहुंचे। आईएमए के निशान को सलामी दी गई। वरिष्ठ अधिकारियों ने परेड की सलामी ली। निरीक्षण अधिकारी सेना प्रमुख मनोज पांडेय ने परेड का निरीक्षण किया। देशभक्ति गीत ‘कदम-कदम बढ़ाए जा खुशी के गीत गाए जा और ‘सारे जहां से अच्छा हिंदोस्ता हमारा की धुन पर परेड शुरू हुई। अंतिम पग पार करते हुए हेलीकाप्टर के माध्यम से पुष्प बरसाए गए। इसके बाद पीपिंग सरेमनी हुई। यहां युवा अफसरों ने परिजनों से अपने कंधों पर सितारे सजवाकर पहला कदम पार किया, इसके बाद मैदान अफसरों ने खूब जोश और जज्बा दिखा। इस ऐतिहासिक पल को लेकर परिजनों में खूब उत्साहित दिखे। हर किसी ने अपने मोबाइल में फोटो खींचकर इसे यादगार बनाया।

युवा अफसरों को भविष्य की चुनौतियों गिनाईं
थलसेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे शनिवार को आईएमए की पासिंग आउट परेड में बतौर रिव्यूइंग अफसर शामिल हुई। उन्होंने शानदार ड्रील के लिए सभी को बधाई दी। इसके बाद युद्ध की तेजी से बदलती चुनौतियों के लिए तैयार रहने को कहा। सेना में लेफ्टिनेंट बने अफसरों को कहा कि वे युद्ध के तेजी से बदलते स्वरूप से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए अपने कौशल को अपडेट करते रहें। तकनीकी के तेज विकास के कारण युद्ध की गतिशीलता तेजी से बदल रही है और युद्ध लड़ना अधिक जटिल हो गया है। ऐसे परिदृश्य में तकनीकी कौशल, मानसिक चपलता, महत्वपूर्ण मुद्दों पर सोचना और त्वरित प्रतिक्रिया सफलता की कुंजी होगी।

युवा अफसरों से कहा कि वे अपनी योग्यता को लगातार बेहतर बनाते रहें। सेना प्रमुख ने कहा कि आपकी यात्रा सेना में शामिल होने के साथ समाप्त नहीं होती। यह आत्म-सुधार के प्रति प्रतिबद्धता की शुरुआत है। जनरल पांडे ने कहा कि सैनिक  का पेशा सभी पेशों में सबसे अच्छा है। क्योंकि, यह वर्दी पहनने और निःस्वार्थ भक्ति के साथ अपनी मातृभूमि की सेवा करने का अवसर देता है। कैडेटों के माता-पिता का आभार व्यक्त करते उन्होंने कहा कि राष्ट्र आपके बहुमूल्य योगदान के लिए ऋणी रहेगा। विदेशी कैडेटों को भी प्रशिक्षण पूरा करने की उन्होंने बधाई दी।

यह उम्मीद जताई कि वह अपने देश के प्रतिनिधि के रूप में इस जगह और प्रशिक्षण की अच्छी यादों में संजोए रखेंगे। भारतीय सैन्य अकादमी में दिया गया प्रशिक्षण न केवल आपके पेशेवर और व्यक्त्वि और विकास की आधारशिला है। बल्कि, यह हमारे बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को और मजबूत भी करेगा। अपने आठ मिनट 47 सेकेंड के संबोधन में वह लगातार युद्ध की बदलती तकनीकी से अपग्रेड रहने पर जोर देते रहे। इस दौरान आईएमए के कमांडेट ले जनरल वीके मिश्रा, डिप्टी कमांडेंट मेजर जनरल आलोक जोशी सहित कई सेवारत व सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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