उत्तराखंड : गुरुवार को प्रदेश में ब्लैक फंगस और कोरोना से नहीं हुई किसी भी मरीज की मृत्यु, जानिए आज का ताजा अपडेट

देहरादून : उत्तराखंड में बीते 24 घंटे में 48 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं। वहीं एक भी मरीज की मौत नहीं हुई है। जबकि 51 मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया वहीं, सक्रिय मामलों की संख्या 669 पहुंच गई है।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, गुरुवार को 25619 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं तीन जिलों चमोली, चंपावत और टिहरी में एक भी संक्रमित मरीज सामने नहीं आया है। वहीं, अल्मोड़ा में छह, बागेश्वर में एक, देहरादून में 12, हरिद्वार, पौड़ी और रुद्रप्रयाग में एक-एक, नैनीताल में 12, पिथौरागढ़ में चार, ऊधमसिंह नगर में सात और उत्तरकाशी में तीन संक्रमित मिले हैं।

प्रदेश में अब तक कोरोना के कुल संक्रमितों की संख्या 341982 हो गई है। इनमें से 327915 लोग ठीक हो चुके हैं। प्रदेश में कोरोना के चलते अब तक कुल 7361 लोगों की जान जा चुकी है।

ब्लैक फंगस के चार मरीज हुए ठीक

प्रदेश में गुरुवार को ब्लैक फंगस का न तो नया मामला मिला है और न ही मौत हुई है। एम्स ऋषिकेश में भर्ती चार मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया। प्रदेश में कुल मरीजों की संख्या 555 और 124 की मौत हो चुकी है जबकि 216 मरीज ठीक हो चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने किया कोविड टीकाकरण कैंप का निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में चल रहे कोविड टीकाकरण कैंप का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने अभियान में जुटे स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों का उत्साहवर्द्धन किया एवं टीका लगवाने आए सचिवालय कर्मियों एवं उनके परिजनों से भी बात की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में टीकाकरण अभियान में और तेजी लाई जाएगी। प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में टीकाकरण के कैंप लगाए गए हैं।

चकराता में एक माह से 45 साल से ऊपर उम्र वालों को नहीं लग रही पहली डोज

सीएचसी चकराता में पिछले एक माह से 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को वैक्सीन की पहली डोज नहीं लग पा रही है। वैक्सीनेशन को लेकर ऐसे लोग रोज अस्पताल के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन डोज उपलब्ध न होने के कारण उन्हें बैरंग लौटना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उन्हें स्लॉट न खुलने की बात कहकर लौटा रह हैं।

स्थानीय निवासी विजय कुमार, चंदन सिह, मेघ सिह, राम सिंह, बलवीर सिंह, पंकज आदि का कहना है कि पिछले दिनों इस आयु वर्ग के कुछ लोग कोविड पॉजिटिव हो गए थे या कुछ बीमार थे। कुछ लोग अन्य कारणों से वैक्सीन नही लगवा पाए थे।

जिसके चलते वह अब वैक्सीन की पहली डोज लेने के लिए रोजाना अस्पताल आ रहे हैं, लेकिन अस्पताल में उपस्थित कर्मी उन्हें यह कह वापस लौटा रहे हैं कि 45 प्लस की पहली डोज के लिए वैक्सीन का स्लॉट नही खुल रहा है। जिसके कारण वह परेशान हैं। उन्होंने जल्द ही इस समस्या के समाधान की मांग की है।

मामला संज्ञान में नहीं है। जल्द ही इस ओर कार्यवाही कर वैक्सीनेशन शुरू कराया जाएगा।
-डॉ. दिनेश चौहान, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी 

देहरादून जिले में लगाए जा रहे 10 ऑक्सीजन प्लांट

कोरोना की संभावित तीसरी लहर में ऑक्सीजन गैस की किल्लत नहीं होगी। कारण कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले के सभी उप जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं। पहले चरण में कोरोनेशन व मसूरी जैसे अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट संचालित कर दिया गया है। जबकि, ऋषिकेश, प्रेमनगर, विकासनगर, रायपुर समेत अन्य स्थानों पर ऑक्सीजन प्लांट लगाने का काम जारी है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज उप्रेती ने बताया कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर में ऑक्सीजन गैस की किल्लत न हो, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी से सारे इंतजाम किए जा रहे हैं। जिला अस्पताल के अलावा उप जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में कुल 10 नए ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं।

इन सभी ऑक्सीजन गैस प्लांट की क्षमता इतनी है कि अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों को 24 घंटे ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा सकती है। बता दें कि कोरोना की दूसरी लहर में उत्तराखंड समेत देश के तमाम राज्यों में ऑक्सीजन की भारी किल्लत खड़ी हो गई थी। इसके चलते अस्पताल में भर्ती हजारों मरीजों को जान गंवानी पड़ी थी।

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