उत्तराखंड : जानिए सोमवार का ताजा कोरोना और ब्लैक फंगस अपडेट, कितने मरीज आये सामने और कितनो की हुई मौत?

देहरादून : उत्तराखंड में बीते 24 घंटे में 51 संक्रमित मिले हैं। वहीं दो मरीज की मौत हुई है। जबकि 205 मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया। वहीं, सक्रिय मामलों की संख्या घटकर 932 पहुंच गई है।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, सोमवार को 22294 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं तीन जिलों अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग और टिहरी में एक भी संक्रमित मरीज सामने नहीं आया है। वहीं, बागेश्वर में तीन, चमोली में एक, चंपावत में दो, देहरादून में 15, हरिद्वार में सात, नैनीताल में 11, पौड़ी में एक, पिथौरागढ़ में दो,  ऊधमसिंह नगर में दो और उत्तरकाशी में सात मामले सामने आए हैं।

प्रदेश में अब तक कोरोना के कुल संक्रमितों की संख्या 341230 हो गई है। इनमें से 326968 लोग ठीक हो चुके हैं। प्रदेश में कोरोना के चलते अब तक कुल 7341 लोगों की जान जा चुकी है।

ब्लैक फंगस के तीन नए मामले, दो मरीजों की मौत

प्रदेश में ब्लैक फंगस के नए मामले और मौतें थम नहीं रही हैं। सोमवार को तीन नए मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है। जबकि दो मरीजों ने दमतोड़ा है। प्रदेश में कुल मरीजों की संख्या 526 हो गई है। मरने वालों की संख्या 106 हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार देहरादून जिले में ब्लैक फंगस के तीन नए मरीज मिले हैं। जिन्हें उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश में भर्ती किया गया है। दो मरीजों की मौतें की मौत हुई है। चार मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया है।

कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट लिए बिना लैंसडौन पहुंचे 100 पर्यटक लौटाए

कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से अनुपालन कराने के लिए सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। सोमवार को कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट लिए बिना लैंसडौन और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचे करीब सौ से अधिक पर्यटकों को लौटा दिया।

सोमवार को कोतवाली पुलिस ने लैंसडौन सहित निकटवर्ती क्षेत्र पालकोट, डेरियाखाल, जयहरीखाल, फतेहपुर तक के होटलों में चेकिंग अभियान चलाया, जिसके तहत होटलों और रिजॉर्ट के आसपास बिना मास्क पहने और झुंड बनाकर घूम रहे 279 पर्यटकों का चालान किया गया।

इसके अलावा कोरोना की निगेटिव आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट लिए बिना लैंसडौन में प्रवेश कर रहे करीब 100 पर्यटकों को लौटा दिया। कोतवाल संतोष सिंह कुंवर ने बताया कि पर्यटकों को लौटाना उन्हें भी अच्छा नहीं लगा, लेकिन तीसरी लहर की आशंका के कारण मिली गाइड लाइन का सख्ती से पालन कराना उनकी जिम्मेदारी है।

कोतवाल ने बताया कि 145 पर्यटकों का बिना मास्क में चालान काटते हुए उनसे 72 हजार 500 की राशि,  87 पर्यटकों का शारीरिक दूरी उल्लंघन के तहत चालान काटते हुए उनसे 8700 रुपये की राशि और 47 पर्यटकों का पुलिस एक्ट में चालान कर 13 हजार 450 की राशि वसूली गई।

नामिक गांव में 18 साल से अधिक आयु के सभी लोगों को लगा कोरोना का पहला टीका

पिथौरागढ़ जिले के दूरस्थ गांव नामिक में स्वास्थ्य विभाग ने 18 साल से अधिक आयु के सभी लोगों को कोरोना का पहला टीका लगा दिया है।  नामिक के ग्रामीण लगातार टीकाकरण की मांग उठा रहे थे। अमर उजाला ने ग्रामीणों की मांग को प्रमुखता से प्रकाशित किया।

खबर का संज्ञान लेते हुए सीएमओ डॉ. एचसी पंत ने क्षेत्र में टीम भेजकर ग्रामीणों का टीकाकरण कराने के साथ ही स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए। आठ जुलाई को प्रतिरक्षण सहायक मोहित पंत के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम 158 किमी की यात्रा कर नामिक पहुंची। इसमें गोगिना से आठ किमी की पैदल यात्रा भी शामिल है। टीम ने दो दिन गांव में रहकर 18 साल से अधिक आयु के सभी 312 लोगों को कोविड की पहली डोज लगाई।

इसके अलावा स्वास्थ्य कैंप लगाकर 374 मरीजों को जरूरी दवा वितरित की। टीम बागेश्वर के रास्ते गोगिना होते हुए नामिक तक पहुंची। टीम में वैक्सीन कोल्ड चैन मैनेजर पंकज बिष्ट, नर्सिंग ऑफिसर रश्मि भट्ट, प्रियंका बिष्ट फार्मासिस्ट सूरज बिष्ट, अशोक मेहता ने शामिल रहे। ग्रामीणों ने टीकाकरण करने के लिए स्वास्थ्य विभाग का आभार जताया।

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