उत्तराखंड : जानिए प्रदेश में आज कितने कोरोना और ब्लैक फंगस के मरीज आये सामने और कितनों की हुई मौत?

देहरादून : प्रदेश में शनिवार को दो कोरोना मरीजों की मौत और 164 नए संक्रमित मिले हैं। जबकि 272 मरीज स्वस्थ हुए हैं। कुल संक्रमितों की संख्या 339537 हो गई है।

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक शनिवार को शाम छह बजे तक 26798 सैंपलों की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई है। वहीं, 13 जनपदों में 164 लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। नौ जिलों में संक्रमितों की संख्या 10 से कम रही है। देहरादून जिले में 41 कोरोना मरीज मिले हैं। पिथौरागढ़ में 40, हरिद्वार में 21, नैनीताल में 17, अल्मोड़ा व रुद्रप्रयाग में सात, टिहरी में छह, चमोली व ऊधमसिंह नगर में पांच-पांच, बागेश्वर, पौड़ी व चंपावत में चार-चार, उत्तरकाशी जिले में तीन संक्रमित मिले हैं।

प्रदेश में 24 घंटे में दो कोरोना मरीजों की मौत हुई है। जबकि टिहरी जिले में एक मरीज की मौत बैकलॉग की है। अब तक 7086 कोरोना मरीजों की मौत हो चुकी है। वहीं, 272 मरीज स्वस्थ हुए हैं। इन्हें मिला कर 324127 मरीज ठीक हो चुके हैं। 2510 सक्रिय मरीजों का उपचार चल रहा है। वर्तमान में प्रदेश की रिकवरी दर 95.46 प्रतिशत और संक्रमण दर 6.24 प्रतिशत दर्ज की गई है।

प्रदेश में ब्लैक फंगस के तीन नए मामले

प्रदेश में शनिवार को ब्लैक फंगस के तीन नए मामले सामने आए हैं। जबकि किसी भी मरीज की मौत  नहीं हुई है। छह मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया है।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार देहरादून जिले में तीन नए मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है। जिन्हें उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश में भर्ती किया गया। वहीं, एम्स में छह मरीजों को स्वस्थ होने के बाद घर भेजा गया। प्रदेश में अब तक कुल मरीजों की संख्या 486 हो गई है। 90 मरीजों की मौतें और 76  ठीक हो चुके हैं।

चारधाम यात्रा मार्गों पर काम करने वालों का टीकाकरण जल्द

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के निर्देश पर चारों धामों में और चारधाम यात्रा मार्गों पर टीकाकरण अभियान चलाने के लिए 30 हजार वैक्सीन की अतिरिक्त डोज जिलों को उपलब्ध करा दी गई हैं।

एक जुलाई से प्रदेश सरकार ने तीन जिलों के लिए चारधाम यात्रा खोली है। इसलिए चारों धामों पर पंडा, पुरोहित के अलावा यात्रा मार्गों पर दुकानदार, होटल-ढाबा संचालक, घोड़ा-खच्चर, डंडी व कंडी वाले, कैब संचालक व ड्राइवर और वे समस्त लोग जो चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों के सीधे संपर्क में आ सकते हैं, को प्राथमिकता के आधार पर युद्धस्तर वैक्सीन लगाई जाएगी। इससे यात्रा में आने वाले यात्रियों के साथ-साथ इन सबकी सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकेगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे चारों धामों और यात्रा मार्गों पर टीकाकरण अभियान को शीघ्र सुनिश्चित करें। यात्रा मार्ग पर टीकाकरण अभियान चलाने के लिए जिला चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग के अलावा टिहरी व पौड़ी को ये अतिरिक्त वैक्सीन उपलब्ध करा दी गई है।

जिला चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग एवं चारधाम यात्रा के मार्ग में आने वाले जिला टिहरी एवं पौड़ी को राज्य सरकार ने अतिरिक्त वैक्सीन उपलब्ध करा दी है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, राज्य में 16 जनवरी से सभी जिलों में टीकाकरण सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। साथ ही समय-समय पर वैक्सीनेशन से संबंधित कवरेज, वेस्टेज एवं केंद्र सरकार से प्राप्त दिशानिर्देश साझा किए जा रहे हैं।

किस धाम के लिए कितनी डोज 

चमोली (बदरीनाथ धाम) – 5000
उत्तरकाशी (गंगोत्री, यमुनौत्री) – 10000
रुद्रप्रयाग (केदारनाथ धाम) – 5000
टिहरी जिले में यात्रा मार्ग – 5000
पौड़ी जिले में यात्रा मार्ग  – 5000

सितंबर में शुरू होगी केदारनाथ हेली सेवा 

प्रदेश सरकार ने एक जुलाई से तीन जिलों से चारधाम यात्रा शुरू करने की मंजूरी दे दी है, लेकिन केदारनाथ धाम के लिए हेली सेवा फिलहाल शुरू नहीं होगी। सितंबर से हेली सेवा का संचालन शुरू किया जा सकता है।

मानसून सीजन और स्थानीय स्तर पर चारधाम यात्रा को देेखते हुए उत्तराखंड सिविल एविएशन अथॉरिटी (यूकाडा) सितंबर से केदारनाथ हेली सेवा संचालित करने पर विचार कर रही है। बरसात के मौसम में हेली सेवा का संचालन मुश्किल होता है। साथ ही स्थानीय स्तर पर चारधाम यात्रा होने से बुकिंग कम होगी। स्थानीय लोग केदारनाथ के लिए कम ही हेली सेवा का इस्तेमाल करते हैं।

इस बार यूकाडा ने मार्च में केदारनाथ हेली सेवा के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली थी। गुप्तकाशी, फाटा और सिरसी हेलीपैड से नौ एविएशन कंपनियों को हेली सेवा संचालित करने की अनुमति दी गई। 11 हजार से अधिक यात्रियों ने हेली सेवा के लिए एडवांस बुकिंग कर दी थी, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमण तेजी से बढ़ने के कारण सरकार ने चारधाम यात्रा स्थगित कर दी।

जिससे सभी एडवांस बुकिंग को रद्द कर यात्रियों को पैसे वापस लौटाए गए। उत्तराखंड सिविल एविएशन केदारनाथ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष चौहान का कहना है कि मानसून सीजन में मौसम खराब रहने से हेली सेवा का संचालन बंद रहता है। साथ ही अभी दूसरे राज्यों के लोगों को चारधाम यात्रा में आने की अनुमति नहीं है। जिससे सितंबर में केदारनाथ धाम के लिए हेली सेवा का संचालन शुरू किया जाएगा।

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