उत्तराखंड : कोविड कर्फ्यू को आगे बढ़ाने के मूड में धामी सरकार, इस बार ये नियम कर सकती है लागू, जल्द हो सकता है बड़ा फैंसला

देहरादून : उत्तराखंड में आरटीपीसीआर की अनिवार्यता से छूट केवल कोविड वैक्सीन की दोनों डोज लेने वालों को ही मिलेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस संबंध में स्पष्ट किया कि केवल डबल डोज वालों को ही राज्य में प्रवेश में छूट मिलेगी। बता दें कि यह छूट प्रदेश सरकार पिछले सप्ताह ही मानक प्रचालन प्रक्रिया में दे चुकी है।

शुक्रवार को एक टीवी चैनल में मुख्यमंत्री ने कहा था कि सरकार दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों के लिए आरटीपीसीआर की अनिवार्यता खत्म करेगी। उन्होंने अधिकारियों से बातचीत का जिक्र भी किया था। शनिवार को मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान मीडियाकर्मियों ने उनसे आरटीपीसीआर की अनिवार्यता खत्म करने के बारे में पूछा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आरटीपीसीआर की अनिवार्यता केवल डबल डोज लेने वालों के लिए ही खत्म होगी। सूत्रों का कहना है कि प्रदेश में सबकुछ खुलने के बावजूद सरकार साप्ताहिक कोविड कर्फ्यू को जारी रखेगी। कोविड कर्फ्यू को लेकर जारी एसओपी में कोविड वैक्सीन की डबल डोज से 15 दिन की शर्त हटा सकती है।

अध्ययन करने के बाद लिया स्कूल खोलने का निर्णय

कोविड की तीसरी लहर की आशंका के बीच स्कूल खोलने के निर्णय पर कांग्रेस सवाल उठा रही है, इस प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने पूरी समीक्षा की। अन्य राज्यों की जानकारी जुटाई।

पूरा अध्ययन करने के बाद ही स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों से बातचीत और समीक्षा करने का बाद स्कूल खोलने का निर्णय लिया गया है। कुछ लोगों का काम विरोध के लिए विरोध करना है। हमने प्रदेश के हित में निर्णय लिया है।

हम सारी व्यवस्था करेंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए प्रदेश सरकार के स्तर पर तैयारी चल रही है। जहां जो आवश्यकता होगी, उसका प्रबंधन किया जाएगा। यदि तीसरी लहर आएगी तो सारी व्यवस्था करेंगे। जरूरत पड़ने पर निजी डाक्टरों का सहयोग लेंगे। बाहरी राज्यों से भी सहयोग लेना पड़ा तो सहयोग लेंगे।

आवासीय विद्यालयों में छात्रों-शिक्षकों के लिए बनेंगे आइसोलेशन कक्ष  

प्रदेश में दो अगस्त से खुल रहे स्कूलों को लेकर बोर्डिंग एवं डे बोर्डिंग स्कूलों के संबंध में अलग-अलग आदेश जारी किए गए हैं। शिक्षा सचिव राधिका झा की ओर से बोर्डिंग स्कूलों के संबंध में जारी आदेश में कहा गया है कि छात्र, शिक्षक एवं किसी कर्मचारी में खांसी, जुकाम या बुखार के लक्षण मिलें तो उन्हें प्राथमिक इलाज देते हुए आवासीय परिसर में आइसोलेशन की व्यवस्था की जाए। जबकि डे स्कूलों में इस तरह के छात्रों, शिक्षकों एवं अन्य कर्मचारियों को प्राथमिक इलाज देते हुए घर भेजा जाए।

शिक्षा सचिव की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि हर स्कूल में एक नोडल अधिकारी नामित किया जाए जो सोशल डिस्टेंसिंग एवं कोविड प्रोटोकाल संबंधी दिशा निर्देशों के पालन के लिए उत्तरदायी होंगे। यदि स्कूल के छात्रों, अध्यापकों एवं अन्य स्टाफ के बीच संक्रमण की स्थिति पैदा होती है तो समय पर इसकी सूचना जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग को दिए जाने की जिम्मेदारी संबंधित प्रधानाचार्य, प्रबंधक एवं नोडल अधिकारी की होगी।

आदेश में कहा गया है कि बोर्डिंग स्कूल परिसर में बनने वाले आइसोलेशन कक्ष की सूचना जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग एवं संबंधित छात्र-छात्राओं के अभिभावकों को दी जाए। इस बारे में स्वास्थ्य विभाग एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से समय-समय पर जारी एसओपी का पालन किया जाए। शिक्षा सचिव की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जिले के मुख्य शिक्षा अधिकारी समय-समय पर बोर्डिंग, डे बोर्डिंग स्कूलों में कोविड प्रोटोकाल का पालन कराए जाने के साथ ही इसकी निगरानी करेंगे। जो किसी भी अपरिहार्य स्थिति में तत्काल जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग एवं आपदा प्रबंधन विभाग को सूचित करेंगे।

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