उत्तराखंड : दिन प्रतिदिन भयावह होता जा रहा कोरोना, बुधवार को सामने आये ताबड़तोड़ मामले सामने

देहरादून : उत्तराखंड में पिछले 24 घंटे में 505 नए संक्रमित मिले हैं। वहीं एक भी संक्रमित की मौत नहीं हुई है। प्रदेश में अब तक 346468 लोग संक्रमित हो चुके हैं। आज 119 लोग ठीक हुए हैं। राज्य में अब एक्टिव केस 1000 हो गए हैं।

सोमवार को मिले इतने मामले

बुधवार को देहरादून जिले में 253 लोग संक्रमण की चपेट में आए हैं। हरिद्वार में 64, नैनीताल में 55, पौड़ी में 60, टिहरी, अल्मोड़ा व चमोली में पांच, बागेश्वर में नौ, चंपावत में तीन, ऊधमसिंह नगर में 37, पिथौरागढ़ में छह, रुद्रप्रयाग में एक, उत्तरकाशी जिले में दो संक्रमित मिले हैं।

बिना मास्क के घूमने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश

राजधानी देहरादून समेत जिले भर में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए जिलाधिकारी ने बिना मास्क के घूमने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं। जिलाधिकारी डॉ. आर राजेश कुमार ने पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने अपने क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाएं और ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें जो बिना मास्क के सड़कों पर घूम रहे हैं।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को हिदायत दी है कि भीड़-भाड़ भरे बाजारों और सार्वजनिक स्थानों में भी सघन जांच की जाए और जो भी लोग बिना मास्क के घूम रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। जिलाधिकारी ने सख्त हिदायत दी है कि कोरोना गाइडलाइन का कड़ाई से पालन कराया जाए। सोशल डिस्टेंसिंग समेत कोरोना गाइडलाइन के प्रावधानों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करें। यदि कोई व्यक्ति बिना मास्क के घूमता पाया गया उसके खिलाफ मौके पर ही कार्रवाई की जाएगी और निर्धारित जुर्माना वसूला जाएगा।

जिलाधिकारी ने सरकारी विभागों के विभागाध्यक्षों को हिदायत दी है कि वे यह सुनिश्चित कराएं कि कार्यालयों में अधिकारी, कर्मचारी कोरोना गाइडलाइन का पालन करने के साथ ही मास्क का इस्तेमाल कर रहे हैं। साथ ही यह भी सुनिश्चित कराया जाए कि सरकारी कार्यालयों में जो भी आमजन आ रहे हैं वे भी बिना मास्क के कार्यालयों में दाखिल न होने पाएं।

स्वास्थ्य महानिदेशक ने तीसरी लहर से निपटने की तैयारियों को लेकर रखी बात

प्रदेश में अब तक ओमिक्रॉन वैरिएंट के आठ मामले सामने आए हैं, इनमें से पांच मरीज पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं, बाकी तीन मरीज भी अब स्वस्थ हैं। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. तृप्ति बहुगुणा ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तीसरी लहर से निपटने के लिए विभागीय स्तर पर पूरी तैयारी की गई है।

ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर चल रहीं खबरों के बीच स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. तृप्ति बहुगुणा ने बताया कि अभी तक इस वैरिएंट ने कोई गंभीर रूप नहीं लिया है। अधिकांश रोगियों में यह बिना लक्षणों या हल्के-मामूली लक्षणों के साथ ही ठीक हो रहा है। ज्यादातर रोगियों को अस्पताल में भर्ती होने की भी जरूरत नहीं पड़ रही है।

उन्होंने बताया कि ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर किसी भी असामान्य स्थिति से निपटने के लिए सरकार तैयार है। उन्होंने बताया कि अस्पतालों में 27 हजार 186 आइसोलेशन बेड, 13 हजार 674 ऑक्सीजन सपोर्ट बेड, दो हजार 113 आईसीयू बेड, एक हजार 451 वेंटिलेटर उपलब्ध हैं। रोगियों के लिए 532 एंबुलेंस भी तैनात हैं। ओमिक्रॉन के प्रभावी नियंत्रण के लिए 22 हजार 420 ऑक्सीजन सिलिंडर, नौ हजार 828 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और 71 ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट संचालित हो रहे हैं। जल्द ही 17 ऑक्सीजन प्लांट और शुरू होने वाले हैं।

कहा कि ओमिक्रॉन की तीसरी लहर से निपटने के लिए ग्राम स्तर तक तैयारी की गई है। इसके लिए प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बेड, ऑक्सीजन व टेस्टिंग की सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। तैयारियों को परखने के लिए जिलास्तर पर लगातार मॉकड्रिल भी की जा रही है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 की जांच के लिए प्रदेश में 11 लैब संचालित हो रही हैं, जिनमें रोजाना औसतन 15 हजार जांच की जा रही हैं।

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