उत्तराखंड : तीन दिन सेल्फ क्वारंटीन के बाद सीएम ने फिर संभाला मोर्चा

कोरोना संक्रमित की मृत्यु होने पर आश्रित को दी जाएगी एक लाख रुपये की सहायता राशि

देहरादून : तीन दिन के सेल्फ क्वारंटीन के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बृहस्पतिवार से कामकाज संभाल लिया। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमित की मृत्यु होने पर आश्रित को एक लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। कहा कि कोविड-19 से लड़ाई में सख्ती और जागरुकता हमारे दो प्रमुख अस्त्र हैं। सचिवालय स्थित अपने कार्यालय की बजाए उन्होंने मुख्यमंत्री आवास पर कोविड-19 की रोकथाम को लेकर जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कई सख्त निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को कंटेनमेंट जोन में गाइडलाइन का कड़ाई से पालन करवाने के निर्देश दिए। कहा कि कंटेनमेंट जोन के बाहर भी फिजिकल डिस्टेंसिंग, मास्क की अनिवार्यता के लिए लोगों को लगातार जागरूक किया जाए। निर्देश दिए कि जो लोग इनका पालन न करें, उन पर सख्त कार्रवाई की जाए। इसके लिए फील्ड सर्विलांस पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्वारंटीन सेंटरों में आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। होम क्वारंटीन का मानकों के अनुरूप पालन हो रहा है या नहीं, इसकी लगातार चैकिंग भी की जाए, आकस्मिक निरीक्षण किए जाएं। गांवों में क्वारंटीन सुविधा पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसके लिए ग्राम प्रधानों को निर्देशानुसार धनराशि दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें त्वरित रोजगार और आजीविका सृजन के लिए खेती, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य को प्राथमिकता देनी होगी। हाल ही में किसानों के लिए केन्द्र सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं, इनका लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए कार्ययोजना बनाई जाए। बैठक में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने टेस्टिंग को बढाने और कांटेक्ट ट्रेसिंग पर विशेष ध्यान देने को कहा। सचिव कृषि आर मीनाक्षी सुंदरम ने जिलाधिकारियों को फसलों का क्लस्टर चिह्निकरण जल्द करने के निर्देश दिए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी ने बताया कि कोविड-19 के लिए कुल 686 करोड़ रुपये का बजट उपलब्ध कराया जा चुका है। इसमें एनएचएम को 160 करोड़ रुपये, चिकित्सा शिक्षा को 150 करोड़, एसडीआरएफ से स्वास्थ्य को 16 करोड़ रुपये, जिला प्लान में 150 करोड़ रुपये, डीएम फंड में 70 करोड़ रुपये, सीएम राहत कोष से 50 करोड़ रुपये और एसडीआरएफ से जिलाधिकारियों को 90 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं।

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