उत्तराखंड : बुधवार को सामने आये 77 नए कोरोना संक्रमित मरीज वहीँ ब्लैक फंगस का एक मरीज आया सामने

देहरादून : उत्तराखंड में लगभग सौ दिन के बाद बुधवार को एक भी कोरोना मरीज की मौत नहीं हुई। बीते 24 घंटे में 13 जनपदों में 77 नए संक्रमित मिले हैं। जबकि 104 स्वस्थ हुए हैं, कुल संक्रमितों की संख्या 340959 हो गई है।

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक बुधवार को 27420 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। देहरादून जिले में 14, हरिद्वार में 13, नैनीताल व रुद्रप्रयाग में 10-10, पिथौरागढ़ में नौ, ऊधमसिंह नगर में पांच, चमोली में चार, चंपावत व पौड़ी में तीन-तीन, टिहरी और अल्मोड़ा में दो-दो, बागेश्वर व उत्तरकाशी जिले में एक-एक संक्रमित मिला है।

प्रदेश में 24 घंटे के भीतर किसी भी जिले में एक भी कोरोना मरीज की मौत नहीं हुई है। इससे पहले 28 मार्च 2021 को प्रदेश में एक भी कोरोना मरीज की मौत नहीं हुई थी। वहीं, 104 मरीजों को ठीक होने के बाद डिस्चार्ज किया गया है। अब तक 326147 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। 1506 सक्रिय मरीजों का इलाज चल रहा है। प्रदेश की रिकवरी दर 95.66 प्रतिशत और संक्रमण दर 5.98 प्रतिशत दर्ज की गई है।

ब्लैक फंगस का एक मरीज मिला, एक मौत

प्रदेश में बुधवार को ब्लैक फंगस का एक नया मरीज मिला है। जबकि एक मरीज ने इलाज के दौरान दम तोड़ा है। अब कुल मरीजों की संख्या 510 हो गई है, जबकि 102 मरीजों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के हेल्थ बुलेटिन के अनुसार देहरादून जिले में एक मरीज में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है, जिसे उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश में भर्ती किया गया है।

कोरोना की तीसरी लहर से लड़ने को रहें तैयार : धन सिंह

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर से लड़ने के लिए निजी अस्पताल भी तैयार रहें। संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाया जाए। अटल आयुष्मान गोल्डन कार्ड में आने वाली दिक्कतों को सरकार दूर करेगी।

स्वास्थ्य विभाग की कमान संभालने के बाद मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बुधवार को विधानसभा स्थित सभाकक्ष में निजी अस्पतालों और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) पदाधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर में बच्चों पर संक्रमण का ज्यादा प्रभाव रहने की संभावना है। इसे देखते हुए निजी अस्पताल तीसरी लहर से लड़ने को तैयार रहें।

बैठक में निजी अस्पताल संचालकों व आईएमए पदाधिकारियों ने उपचार के दौरान आयुष्मान गोल्डन कार्ड के उपयोग में आ रही समस्याओं को विभागीय मंत्री के समक्ष रखा। इस मांग पर मंत्री ने कहा कि सरकार की ओर से सूचीबद्ध अस्पतालों में कार्ड धारकों को उपचार के दौरान आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को शीघ्र दूर करने के लिए उच्च स्तर पर अधिकारियों की बैठक की जाएगी। इसके लिए उन्होंने दूरभाष पर ही स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी को निर्देश दिए।

प्रदेश में कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने निजी अस्पताल संचालकों को हर परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा। उन्होंने आईएमए के पदाधिकारियों से भी समय-समय पर सरकार को जन उपयोगी सुझाव देने और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ आम जन तक पहुंचाने के लिए सहयोग करने की अपेक्षा की है।

आईएमए और निजी अस्पतालों ने डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के साथ होने वाली अप्रिय घटनाओं पर रोक लगाने के लिए  उत्तराखंड चिकित्सा परिचर्या सेवा कर्मी एवं सेवा संस्था अधिनियम को प्रभावी तरीके से लागू करने की मांग की है। जिस पर विभागीय मंत्री ने आश्वासन देते हुए कहा कि सरकार द्वारा इस संबंध में शीघ्र आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।

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