उत्तराखंड : रविवार को सामने आये कोरोना के 22 नए संक्रमित मरीज, वहीँ ब्लैक फंगस का एक मरीज आया सामने

देहरादून : उत्तराखंड में बीते 24 घंटे में 22 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं। वहीं एक भी मरीज की मौत नहीं हुई है। जबकि 45 मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया। वहीं, सक्रिय मामलों की संख्या 609 पहुंच गई है।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, रविवार को 21238 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं पांच जिलों अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, टिहरी और ऊधमसिंह नगर में एक भी संक्रमित मरीज सामने नहीं आया है। वहीं, चंपावत और नैनीताल में एक-एक, देहरादून में पांच, हरिद्वार और पौड़ी में दो-दो, पिथौरागढ़ में तीन, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में चार-चार संक्रमित मिले हैं।

प्रदेश में अब तक कोरोना के कुल संक्रमितों की संख्या 342161 हो गई है। इनमें से 328153 लोग ठीक हो चुके हैं। प्रदेश में कोरोना के चलते अब तक कुल 7362 लोगों की जान जा चुकी है।

ब्लैक फंगस का एक नया मरीज

प्रदेश में तीन दिन के बाद ब्लैक फंगस का एक नया मरीज मिला है। हेल्थ बुलेटिन के अनुसार देहरादून जिले में एक मरीज में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है। मरीज को इलाज के लिए एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया है। जबकि छह मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया है। कुल मरीजों की संख्या 556 हो गई है। जिनमें से 236 मरीज स्वस्थ हो हुए हैं जबकि 124 मरीजों की मौत हो चुकी है।

कोरोना गाइडलाइन का पालन करके पढ़ाएं शिक्षक

हरिद्वार जिला अकादमिक समूह (डीआरजी) की सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज सेक्टर 1 के सभागार में हुई बैठक में मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ. आनंद भारद्वाज ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से कक्षा 9 से 12 के स्कूलों को खोलने का निर्णय लिया है। 16 अगस्त से कक्षा 6 से 8 के स्कूलों क़ो भी खोला जाना प्रस्तावित है। ऐसे में बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए किस प्रकार शिक्षण कार्य करना है यह चुनौती है। उन्होंने शैक्षिक मुद्दों पर विमर्श करते हुए कोरोनाकाल में बच्चों की सुरक्षा के साथ बेहतर शिक्षण की रणनीति तैयार करने पर जोर दिया।

मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ. आनंद भारद्वाज ने कहा कि विद्यालयों को एसओपी का पालन करते हुए स्कूल खोले जाएं। उन्होंने कहा कि एक साल तक ऑनलाइन शिक्षण और वर्कशीट आदि के माध्यम से बच्चों को पढ़ाने का प्रयास किया गया। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। कक्षा 1 से 8 तक का ई-कांटेट भी तैयार कराया गया है। जिससे बच्चों को लाभ होगा। जिला शिक्षा अधिकारी प्राथमिकता डॉ. विद्या शंकर चतुर्वेदी ने कहा कि कोरोना की विषम परिस्थितियों में जो बच्चों का जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई शिक्षक शीघ्र करेंगे।

उन्होंने कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य पहली प्राथमिकता है। इस मौके पर खंड शिक्षा अधिकारी श्रीकांत पुरोहित, जिला समन्वयक डॉ. संतोष चमोला, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य नरेश चौहान, अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के जिला समन्वयक दीपक दीक्षित, अरुण नौटियाल, राजीव आर्य, सरस्वती पुंडीर, कमलेश पंवार, रविंदर रोड, पंकज चौहान, पूनम राणा, अजय शर्मा, हेमेंद्र चौहान, योगेश, असमा सुबहानी आदि मौजूद रहे।

देहरादून नगर निगम के अस्पतालों में भी होगा कोरोना मरीजों का इलाज

कोरोना की संभावित लहर में कोरोना मरीजों का इलाज नगर निगम के अस्पतालों में भी होगा। मरीजों के इलाज में किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए नगर निगम प्रशासन की ओर से पहल की गई है।

नगर निगम प्रशासन राजधानी के विभिन्न इलाकों में स्थित अपने अस्पतालों में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए तमाम चिकित्सकीय व्यवस्थाएं कर रहा है। यहां ऑक्सीजन युक्त बेड की व्यवस्था भी की जा रही है। मेयर सुनील उनियाल गामा ने बताया कि कोरोना मरीजों को इलाज के लिए भटकना न पड़े इसके लिए नगर निगम प्रशासन की ओर से संचालित अस्पतालों में माकूल व्यवस्थाएं की जा रही हैं। पहले चरण में एक अस्पताल में 20 आक्सीजन युक्त बेड लगाने के साथ ही मरीजों के इलाज की पूरी व्यवस्था की जा रही है। बताया कि हंस फाउंडेशन की ओर से 20 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भी मुहैया कराए गए हैं।

जबकि, नगर निगम प्रशासन की ओर से कई और सामाजिक संस्थाओं से संपर्क साधा गया है। ताकि, और अधिक ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के साथ ही अन्य उपकरणों को जुटाया जा सके। मेयर गामा ने बताया कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर आए ही नहीं इसके लिए तमाम कदम उठाए जा रहे हैं। राजधानी के तमाम इलाकों में दवाइयों के छिड़काव के साथ ही फॉगिंग कराई जा रही है।

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