उत्तराखंड : सोमवार को सामने आये 19 नए कोरोना संक्रमित मरीज, वहीं एक भी मरीज की नहीं हुई मौत

देहरादून : उत्तराखंड में बीते 24 घंटे में 19 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं। वहीं, एक भी मरीज की मौत नहीं हुई है। जबकि 37 मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया। सक्रिय मामलों की संख्या घटकर 300 से कम पहुंच गई है। जबकि रविवार को प्रदेश में 312 सक्रिय मरीज थे।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, सोमवार को 15715 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। छह जिलों अल्मोड़ा, बागेश्वर, चंपावत, पौड़ी, टिहरी और ऊधमसिंह नगर में एक भी संक्रमित मरीज नहीं मिला है। वहीं, चमोली में पांच, देहरादून में तीन, हरिद्वार, नैनीताल और पिथौरागढ़ में दो-दो, रुद्रप्रयाग में एक और उत्तरकाशी में चार संक्रमित मरीज मिले हैं।

प्रदेश में अब तक कोरोना के कुल संक्रमितों की संख्या 343242 हो गई है। इनमें से 329495 लोग ठीक हो चुके हैं। प्रदेश में कोरोना के चलते अब तक कुल 7389 लोगों की जान जा चुकी है। प्रदेश की रिकवरी दर 95.99 प्रतिशत और संक्रमण दर 0.12 प्रतिशत दर्ज की गई है।

इनकार के बाद भ्रांतियां तोड़ 213 को लगवाई सुरक्षा की डोज

रुड़की में कोरोना वैक्सीन को लेकर प्रचलित भ्रांतियों को तोड़कर अधिकारियों ने अपने सामने 213 लोगों का टीकाकरण कराया। यहीं नहीं, वैक्सीन लगवाने वालों को पहले मन से भी पूरी तरह वैक्सीन लगवाने के लिए तैयार किया। जिला उद्यान अधिकारी के साथ ही टीम के अन्य सदस्यों ने लोगों को घर-घर जाकर समझाया और टीके के फायदे गिनाए, तब जाकर ये लोग राजी हुए।

कोरोना की तीसरी लहर के मद्देनजर केंद्र सरकार जल्द से जल्द हर व्यक्ति को कोरोना वैक्सीन लगवाना चाहती है। इसके लिए प्रदेश के साथ ही हरिद्वार जिले में भी टीकाकरण महा अभियान चल रहा है। इस दौरान एक रिपोर्ट सामने आई थी कि क्षेत्र के किशनपुर जमालपुर गांव में करीब 240 लोगों ने अभी वैक्सीन नहीं लगवाई। ये लोग इसलिए चिह्नित किए गए थे क्योंकि इन्होंने वैक्सीन लगवाने से साफ इनकार कर दिया था।

इन लोगों की वैक्सीन नहीं लगवाने की वजह जानने और उन्हें प्रेरित करने के लिए जिला उद्यान अधिकारी नरेंद्र यादव को गांव में भेजा गया था। सोमवार को वे गांव पहुंचे और प्राइमरी स्कूल के प्रधानाचार्य महिपाल सैनी, क्षेत्र की एएनएम वीना बेंजवाल, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आरोग्यम अस्पताल की वैक्सीनेटर आशना खान, सपना, वर्षा को साथ लेकर घरों का रुख किया। टीम ने घर-घर जाकर वैक्सीन नहीं लगवाने के कारण पूछे।

इस दौरान बड़े अजीबोगरीब कारण सामने आए। अधिकतर लोग सोशल मीडिया पर चल रहे फर्जी वीडियो को लेकर भ्रमित थे। इन लोगों को सकारात्मक वीडियो दिखाकर और वैक्सीन के फायदे बताकर मनोबल बढ़ाया गया। इसके बाद ये लोग टीका लगवाने के लिए तैयार हुए।

जिला उद्यान अधिकारी नरेंद्र यादव ने बताया कि गांव में अधिकतर ऐसे लोग थे, जिनके परिवार के कुछ सदस्य वैक्सीन लगवा चुके हैं। ऐसे में इन्हें वैक्सीन के लिए तैयार करने में ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ी। दो परिवार ऐसे थे, जिनमें से एक भी व्यक्ति ने वैक्सीन नहीं लगवाई थी। इन परिवार के लोगों को काफी समझाना पड़ा। दो दिन की कड़ी मेहनत के बाद 213 लोगों को वैक्सीन लगाने में सफलता हासिल की।

Leave A Reply

Your email address will not be published.