उत्तराखंड : मंगलवार को आए कोरोना संक्रमण के 126 मामले, कुल संख्या पहुंची 1537

देहरादून : उत्तराखंड में मंगलवार को कोरोना संक्रमण के 126 मामले सामने आए हैं। इसके बाद अब राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या 1537 हो गई है। वहीं, मंगलवार को 41 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया है। इन्हें मिला कर प्रदेश में 755 मरीज ठीक हो चुके हैं। 719 एक्टिव केस हैं। अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने इसकी पुष्टि की है। वहीं, देहरादून में एक पुलिकर्मी भी कोरोना संक्रमित पाया गया है। सीएमओ डॉ. बीसी रमोला ने बताया कि रिस्क फैक्टर देखकर होम क्वारंटीन की व्यवस्था की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार मंगलवार को आई सैंपल जांच रिपोर्ट में 997 सैंपल निगेटिव मिले हैं। वहीं, 126 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए। आज अल्मोड़ा में एक, बागेश्वर में पांच, देहरादून में 21, पिथौरागढ़ में सात, हरिद्वार में सात, नैनीताल, पौड़ी व रुद्रप्रयाग में चार, टिहरी में 72 व उत्तरकाशी में एक कोरोना संक्रमित केस सामने आए हैं। टिहरी जिले में सबसे अधिक 72 संक्रमित मिले हैं। इनमें 69 संक्रमित मरीज महाराष्ट्र, मुंबई, दो दिल्ली और एक मध्य प्रदेश से लौटा है। टिहरी में संक्रमितों का आंकड़ा 221 हो गया है। देहरादून जिले में 21 संक्रमित मरीज मिले हैं। इनमें एक स्वास्थ्यकर्मी, एक पुलिसकर्मी, चार मुंबई, एक दिल्ली, एक पुणे, एक जम्मू, एक निरंजनपुर मंडी का आढ़ती और 11 संक्रमित मरीज संपर्क में आए हैं। रुद्रप्रयाग जिले में दिल्ली से आए चार लोगों में कोरोना संक्रमण मिला है। पिथौरागढ़ में सात संक्रमित मरीजों की ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है। हरिद्वार जिले में मिले सात संक्रमित मरीजों में पांच मुंबई और दो दिल्ली से लौटे हैं। पौड़ी जिले में चार संक्रमित मरीज की ट्रेवल हिस्ट्री मुंबई की है। बागेश्वर में कुल पांच में से दो मरीज पुणे और तीन संपर्क में आए हुए हैं। नैनीताल में 4 मरीज मिले हैं। अल्मोड़ा में एक व्यक्ति संक्रमित मरीज के संपर्क में आया हुआ है। उत्तरकाशी जिले में एक संक्रमित मरीज मुंबई से आया है। अपर सचिव युगल किशोर पंत ने बताया कि मंगलवार को 126 कोरोना संक्रमिंत मामले मिले हैं।

बुजुर्ग और बच्चों को होम क्वारंटीन से छूट

देहरादून जिले में दूसरे राज्यों से आने वाले 10 साल तक के बच्चों, 65 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को होम क्वारंटीन से छूट दी गई है। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं, परिजनों की मौत पर आने वाले लोगों और गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को भी इससे राहत दी गई है। हालांकि उन्हें यह सुविधा नोडल अधिकारी एवं स्वास्थ्य जांच टीम की संस्तुति के बाद ही मिलेगी। जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि ग्रीन और ऑरेंज जोन से आने वालों को 14 दिन होम क्वारंटीन किया जा रहा है। रेड जोन से आने वालों को सात दिन संस्थागत और 14 दिन होम क्वारंटीन में रखा जाएगा। वहीं, जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की है कि वह जरूरत पड़ने पर ही घरों से बाहर निकले। इस दौरान मास्क हरहाल में लगाएं। साथ ही पड़ोस में अगर किसी व्यक्ति में कोरोना संक्रमण के लक्षण दिखते हैं तो उसकी सूचना स्वास्थ्य एवं प्रशासन को देने की भी बात कही।

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