पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने किया लक्जरी वाहन ‘कैरवान’ का शुभारंभ

अल्ट्रा लक्जरी वैन ‘कैरवानं’ से पर्यटक उत्तराखंड में पसंदीदा जगह की कर सकेंगे यात्रा

देहरादून। उत्तराखंड के दूरस्थ स्थानों पर अब पर्यटक अल्ट्रा लक्जरी वैन कैरवान से अपने परिवार और दोस्तों के साथ सफर कर सकेंगे। अत्याधुनिक विशेषताओं से लैस विशेष वाहन कैरवान का शुक्रवार को पर्यटन मंत्री श्री सतपाल महाराज ने उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (यूटीडीबी) के परिसर में रिबन काटकर शुभारंभ किया।

कैरवान इन्वेस्टर प्रमोशन सेल की नोडल अधिकारी श्रीमती पूनम चंद ने बताया कि कैरवान को वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना में शामिल किया गया है। राज्य सरकार की पर्यटन नीति के तहत एमएसएमई के अंतर्गत कैरवान खरीद सकते हैं। इसके लिए सरकार की ओर से तय अनुदान भी दिया जा रहा है। इसका पर्यटकों और उत्तराखंड़ वासियों दोनों को सीधा लाभ मिलेगा।

पर्यटन मंत्री श्री सतपाल महाराज ने कहा कि यात्रा के शौकीन पर्यटकों के लिए यह कैंपिंग वाहन घर जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। इस वाहन के साथ आप सोशल डिस्टेंसिंग को मेंनटेंन करते हुए सड़क के रास्ते कहीं भी यात्रा कर सकते हैं। कैरवान के जरिए पर्यटक अपने पसंदीदा पर्यटन स्थल पर सड़क यात्रा कर आसानी से पहुंच सकेंगे। उन्होंने कहा कि इस वाहन में एलसीडी टीवी, सैटेलाइट टीवी, जीपीआरएस नेविगेशन सिस्टम, वॉशरूम, पेंट्री, कॉफी मेकर, माइक्रो वेव आदि सुविधाएं उपलब्ध हैं।

कैरवान से ट्रैवल करने का एक बड़ा फायदा ये है कि इसमें बैठकर आपको कभी ऐसा अनुभव नहीं होगा कि आप घर से बाहर आए हुए हैं। कैरवान के जरिए पर्यटक दूरदराज के इलाकों, जंगलों और नदियों के किनारे अपनी उत्तराखंड यात्रा को यादगार बना सकते हैं। कैरवान में घर जैसा ही वातावरण मिलता है, इसमें आप अपने परिवार, दोस्तों के साथ मस्ती करते हुए आराम से यात्रा कर सकते हैं। वहीं यह स्थानीय लोगों को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के साथ उन्हें स्वावलम्बी बनाने की दिशा में एक अच्छी पहल है। कैरवान के माध्यम से पर्यटक सड़क यात्रा कर अपनी पसंदीदा स्थल पर पहुंच सकेंगे। कैरवान में आवास भोजन की सुविधा होने के चलते पर्यटकों को अलग से होटल की बुकिंग नहीं करानी पड़ेगी।

इस अवसर पर श्री युगल किशोर पंत, अपर सचिव पर्यटन, कर्नल अश्विनी पुंडीर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (साहसिक पर्यटन), श्री विवेक सिंह चौहान अपर निदेशक, श्री योगेंद्र सिंह गंगवार उप निदेशक, श्री एस.एस. सामंत वरिष्ठ शोध अधिकारी समेत विभाग के अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

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