एक युवक ऐसा भी जिसने दोनों हाथ और पैर खोने के बाद भी नहीं मानी हार बनाया एक नया इतिहास

टीम डिजिटल : दुनियाभर में कई लोग हैं जो बस एक शुरुआत चाहते हैं. कई लोग अपने हाथ पैर खोने के बाद भी हार नहीं मानते हैं. आज हम आपको एक ऐसे ही युवक की कहानी बताने जा रहे हैं. जी दरअसल हम बात कर रहे हैं गुजरात के वडोदरा के रहने वाले शिवम सोलंकी की. उन्होंने एक एक्सीडेंट में अपने दोनों हाथ और एक पैर गंवा दिए थे. लेकिन इसके बाद भी उसने ख़ुद को असक्षम नहीं समझा. जी दरअसल शिवम ने गुजरात बोर्ड से 12वीं का एग्ज़ाम दिया और साइंस स्ट्रीम से पढ़ते हुए 92 फ़ीसदी स्कोर किया है. हाल ही में एक वेबसाइट से बात करते हुए शिवम ने कहा, ‘मैं डॉक्टर बनना चाहता हूं. अगर नहीं, तो मैं ऐसी ही किसी दूसरी सेवा में जाना चाहता हूं.’ सामने आने वाली रिपोर्ट्स के मुताबिक़, जब शिवम 12 साल का था, तो उसके साथ एक दर्दनाक हादसा हो गया था. दरअसल, छत पर पतंग उड़ाते वक़्त वो हाई-टेंशन तार की चपेट में आ गया था, जिसमें उसके दोनों हाथ और एक पैर कट गए थे. वहीँ यह हादसा शिवम की हिम्मत को नहीं तोड़ सका, बल्क़ि उन्होंने और ज़्यादा ध्यान अपने करियर पर देना शुरू कर दिया आप सभी को बता दें कि अब शिवम ने कड़ी मेहनत से अपनी कुहनियों से लिखना सीख लिया और 10वीं की परीक्षा में 89 फ़ीसदी अंक हासिल किए. इसी के साथ हाल ही में शिवम के पिता ने एक इंटरव्यू में बताया कि, ‘उसे स्कूल की तरफ़ से बहुत मदद और सपोर्ट मिला है.’ वैसे अगर हौसला बुलंद हो तो बड़ी से बड़ी मुसीबत भी आपके कुछ नहीं लगती.

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