पहली फिल्म तक पहुंचने का सफर नहीं था आसान : अभिषेक बच्चन

डिजिटल डेस्क। अभिषेक बच्चन को फिल्म इंडस्ट्री में दो दशक पूरे हो गए हैं। उन्होंने 2000 में जे. पी. दत्ता की फिल्म ‘रिफ्यूजी’ से बॉलीवुड डेब्यू किया था। लेकिन उनकी मानें उनके लिए पहली फिल्म तक पहुंचने का सफर आसान नहीं था। अभिषेक ने सोशल मीडिया पर अपने संघर्ष की कहानी बयां की है। अभिनेता के मुताबिक, उनके करियर की शुरुआत ओम प्रकाश मेहरा के साथ होने वाली थी।

‘समझौता एक्सप्रेस’ नाम से फिल्म बनाने वाले थे

अभिषेक ने लिखा है- ज्यादातर लोग नहीं जानते होंगे कि 1998 में राकेश ओम प्रकाश मेहरा और मैं करियर की शुरुआत साथ करना चाहते थे। उन्होंने मुझे ‘समझौता एक्सप्रेस’ नाम की एक स्क्रिप्ट सुनाई, जिस पर हम दोनों काम करने वाले थे।

कड़ी मेहनत के बावजूद भी हम दोनों को लॉन्च करने वाला कोई नहीं मिला। मुझे याद नहीं कि मैं कितने प्रोड्यूसर्स और डायरेक्टर्स से मिला और उनसे मिन्नतें की कि मुझे एक्टिंग का एक मौका दें। लेकिन कोई तैयार नहीं हुआ। हम दोनों (अभिषेक और राकेश) दोस्त थे। हमने तय किया कि ऐसा कुछ बनाया जाए, जिसे राकेश डायरेक्ट कर सकें और मैं उसमें एक्टिंग करूं। इस तरह समझौता एक्सप्रेस ध्यान में आई।

‘समझौता एक्सप्रेस’ अटकी और ‘रिफ्यूजी’ मिल गई

अभिषेक की मानें तो ‘समझौता एक्सप्रेस’ अटक गई। लेकिन फिल्म के लिए दिए गए उनके लुक टेस्ट ने जे. पी. दत्ता की ‘रिफ्यूजी’ में लीड रोल दिलाने में मदद की। वे लिखते हैं- राकेश मेरे पापा के साथ ‘अक्स’ बनाने चले गए और किस्मत से मुझपर जे.पी. साब की नजर पड़ गई। उन्हें मेरे लंबे बाल और ‘समझौता एक्सप्रेस’ के लिए बढ़ाई गई दाढ़ी बहुत पसंद आई।

जे.पी. साब ‘आखिरी मुगल’ बनाने के बारे में सोच रहे थे, जिसके लिए उन्हें नए युवा चेहरे की तलाश थी। मेरी खुशकिस्मती रही। उन्होंने ‘आखिरी मुगल’ कभी नहीं बनाई। उसके बदले ‘रिफ्यूजी’ में बना दी।”

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