उत्तराखंड सरकार का बड़ा निर्णय अब बसों से सफर करना हुआ महंगा, बसों के किराये में दोगुने से अधिक वृद्धि

देहरादून : उत्तराखंड में अब बसों से सफर करना महंगा हो गया है। उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश में बसों के किराये में दोगुने से अधिक वृद्धि कर दी है। किराये में वृद्धि महामारी अधिनियम के प्रभावी रहने तक लागू रहेगी। एक्ट हटते ही बढ़ा किराया कम हो जाएगा। कोविड-19 के चलते बसों में सोशल डिस्टेसिंग के मानकों के अनुसार 50 प्रतिशत यात्रियों को ही बैठाया जाएगा। अभी बसों का संचालन राज्य के भीतर ही होगा, लेकिन दूसरे राज्यों के लिए यात्रा शुरू होने पर वहां के रूटों पर भी बढ़ी दरों से किराया लिया जाएगा। बृहस्पतिवार को सचिवालय में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में 18 प्रस्तावों पर चर्चा हुई। शासकीय प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि कोविड-19 के कारण प्रदेश में बसों को सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों के अनुरूप 50 प्रतिशत सवारी ले जाने की अनुमति है। लेकिन बस संचालकों ने 50 प्रतिशत सवारी के साथ मौजूदा किराया दर पर वाहन संचालन में असमर्थता जताई। घाटा होने की स्थिति में वे बसें नहीं संचालित कर रहे थे। इससे यात्रियों को टैक्सी के माध्यम से आना जाना पड़ रहा था, जिससे जनता पर बोझ पड़ रहा था। ऐसे में सरकार ने बसों के किराये में वृद्धि का निर्णय लिया है। बसों का किराया दोगुना बढ़ाया जा रहा है, लेकिन यह तभी तक प्रभावी होगा, जबतक महामारी एक्ट राज्य में लागू है।

  • ये है किराए की लिस्ट

सिटी बस में किराया दर

पहले दो किमी – 07 से बढ़ाकर 14 रु
दो से छह किमी – 10 से बढ़ाकर 20 रु
छह से 10 किमी – 15 से बढ़ाकर 30 रु
10 से 14 किमी – 20 से बढ़ाकर 40 रु
14 से 19 किमी – 25 से बढ़ाकर 50 रु
19 से 24 किमी – 30 से बढ़ाकर 60 रु
24 से 29 किमी – 35 से बढ़ाकर 70 रु
29 किमी से अधिक- 40 से बढ़ाकर 80 रु

नॉन-डीलक्स बस किराया

साधारण बसें (मैदानी क्षेत्र) – 1.05 से बढ़ाकर 2.10 रुपये प्रति किमी
साधारण बसें (पर्वतीय क्षेत्र)- 1.50 से बढ़ाकर 3 रुपये प्रति किमी

वातानुकुलीत श्रेणी में

थ्री बाय टू सीटर बसें – 1.25 गुणा वृद्धि
टू बाय टू सीटर बसें – 1.9 गुणा वृद्धि
सुपर डीलक्स (वॉल्वो) – तीन गुणा वृद्धि

  • अन्य प्रमुख फैसले

– आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत गाइडलाइन सरल की। अब छोटे पुल, पेयजल लाइन, पैदल मार्ग, सड़क मार्ग, चैक डेम, स्कूल भवन, सिंचाई नहर और सुरक्षात्मक कार्य राज्य आपदा मोचन निधि से किए जा सकेंगे।
– बाजपुर चीनी मिल में एक एथनॉल प्लांट पीपीपी मोड में लगेगा, जिसकी क्षमता 100 केएलपीडी होगी।
– सहकारिता नियमावली में संशोधन के तहत अब समिति को एक निश्चित धनराशि की जगह शुद्ध लाभ के आधार पर धनराशि देनी होगी।
– भीमताल केंद्रीय विद्यालय के लिए 0.25 हेक्टेयर भूमि आवंटन के लिए दो करोड़ रुपये माफ।
– अल्मोड़ा कुंम्ट्रान लिमिटेड 1999 बंद हो जाने के बाद पांच कर्मचारियों को वीआरएस आवेदन को मंजूरी। वर्ष 2004 तक अवैतनिक मानते हुए सेवाकाल की गणना शामिल करने का निर्णय।
– कुंभ 2021 में श्रद्वालुओं एवं संतों की व्यवस्था के लिए शौचालय इत्यादि के लिए धन प्रबंधन का निर्णय लेने का अधिकार मुख्यमंत्री को दिया गया।
– उत्तराखंड मोबाइल टावर नियमावली के तहत नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति पोल (खंभा) 500 रुपये किराये की जगह शहरी क्षेत्रों में 100 रुपये और ग्रामीण क्षेत्रों में 50 रुपये किराया लिया जाएगा।
– केंद्र के जीएसटी के संशोधन को राज्य सरकार ने स्वीकार कर लिया है।
– खाद्य विभाग में उपविपणन अधिकारी के लिए सेवा नियमावली बनाई गई।
– राज्य कोषीय उत्तरदायित्व बजट प्रबंधन के लिए जीडीपी का तीन प्रतिशत से बढ़ाकर पांच प्रतिशत करने की छूट दी गई।
– नर्स भर्ती नियमावली को मंजूरी दी गई।
– उत्तराखंड ऑन डिमांड परिवहन सुविधा के लिए नियमावली बनाई गई। मोबाइल एप से टैक्सी बुक की जा सकती है।

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