आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिये सतत विकास और अक्षय ऊर्जा पर विशेष ध्यान देना होगा : स्वामी चिदानन्द सरस्वती

ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन में कोयला, खनन और रेल राज्य मंत्री श्री रावसाहेब पाटिल दानवे, एमओएसआर एवं सीनियर डीसीएम मुरादाबाद श्री सुधीर सिंह, आईआरटीएस पहुंचे, उन्होंने परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी से भेंट कर आशीर्वाद लिया।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने माननीय मंत्री और अधिकारियों से चर्चा के दौरान रेलवे स्टेशनों और परिसर को हरा-भरा करने तथा रेलवे की खाली जमीन पर वृक्षारोपण करने हेतु विस्तृत चर्चा हुई। स्वामी जी ने कहा कि रेलवे विभाग द्वारा चार धाम के लिये जो योजना बनायी गयी है उसमें जो पेड़ काटे गये हैं उससे अधिक पौधों के रोपण हेतु परमार्थ निकेतन पूर्ण रूप से सहयोग करेगा। रेलवे के निर्माण हेतु जितने पेड़ काटे जा रहे हैं उससे अधिक पौधे रोपित किये जाने हेतु रेलवे के उच्चाधिकारियों के साथ मिलकर योजना बनायी जायेगी। इस प्रस्ताव से माननीय मंत्री जी अत्यंत प्रभावित हुये।

स्वामी जी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान को ध्यान में रखते हुए कोयला और खनन क्षेत्र अत्यंत महत्त्वपूर्ण। उन्होंने अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने के विषय में चर्चा करते हुये कहा कि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य देने के लिये सतत विकास और अक्षय ऊर्जा पर विशेष ध्यान देना होगा। वर्ष 2050 तक वैश्विक उत्सर्जन को शुद्ध शून्य उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की जरूरत है।

स्वामी जी ने कहा कि अक्षय ऊर्जा स्रोतों जैसे कि सौर, पवन, जलविद्युत और बायोएनर्जी को बढ़ावा देने से धीरे-धीरे जलवायु परिवर्तन को कम किया जा सकता है।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के पावन सान्निध्य में माननीय मंत्री श्री रावसाहेब पाटिल दानवे जी, एमओएसआर एवं सीनियर डीसीएम मुरादाबाद श्री सुधीर सिंह जी ने विश्व ग्लोब का जलाभिषेक कर जल संरक्षण का संकल्प लिया। स्वामी जी ने वाटॅर ब्लेसिंग सेरेमनी के दौरान कहा कि हमारा उद्देश्य शिवाभिषेक के साथ-साथ विश्वाभिषेक की ओर बढ़ना भी है।

कोयला, खनन और रेल राज्य मंत्री श्री रावसाहेब पाटिल दानवे जी ने कहा कि चार धाम यात्रा में जाने से पहले पूज्य स्वामी जी के पावन सान्निध्य में जल संरक्षण के लिये ’विश्वाभिषेक’ अत्यंत ही प्रेरणादायक है। हम चारधाम यात्रा के दौरान शिवाभिषेक करेंगे परन्तु उससे पहले परमार्थ निकेतन में विश्वाभिषेक करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

उन्होंने कहा कि परमार्थ निकेतन आश्रम नैसर्गिक सुन्दरता और आध्यात्मिक ऊर्जा से युक्त है। मैं पूज्य स्वामी जी का आशीर्वाद लेकर चार धाम यात्रा के लिये जा रहा हूँ। पुनः जल्दी वापस आकर इस दिव्य आश्रम में विश्राम कर सपरिवार माँ गंगा की आरती में सहभाग करूंगा। यह मेरा सौभाग्य है कि पूज्य स्वामी जी के दर्शन करने का अवसर प्राप्त हुआ और उनका आशीर्वाद लेकर चारधाम यात्रा के लिये प्रस्थान कर रहा हूँ।

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