50116 वोट प्राप्त कर सुमित ने बचाया कांग्रेस का किला, मां के सारे रिकॉर्ड तोड़े

हल्द्वानी। भले ही 2022 विधानसभा चुनाव मत प्रतिशत में बढ़ोतरी के लिए नहीं जाना जाएगा मगर इसे रिकॉर्डों के लिए पहचान जरूर मिलेगी। इस चुनाव ने कई दिग्गजों की जमीन हिलाकर रख दी। मां डॉ. इंदिरा हृदयेश के निधन के बाद हल्द्वानी सीट पर सुमित हृदयेश ने केवल पुराने सारे रिकॉर्ड ध्वस्त किए बल्कि अपने गढ़ को भी भाजपा की सेंधमारी से बचा लिया।

सुमित ने इस चुनाव में 50116 वोट प्राप्त कर जीत दर्ज की है। जबकि उनकी मां इंदिरा को 2012 में सबसे अधिक 42627 व 2017 में 43786 वोट मिले थे। इस लिहाज से सुमित हल्द्वानी विधानसभा के वोटरों का मिजाज भांपने में भी मां से दो कदम आगे निकल गए।

आंकड़ों पर नजर डालें तो 2002 विधानसभा चुनाव में हल्द्वानी विधानसभा सीट पर 13 प्रत्याशी विधायक बनने की दौड़ में थे। इनमें से कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. इंदिरा हृदयेश ने 23327 वोट लाकर जीत दर्ज की। प्रतिद्वंदी भाजपा के बंशीधर भगत को 20269 वोट प्राप्त हुए। 2007 विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी बंशीधर भगत ने 39248 वोट पाकर जीत दर्ज की। इस चुनाव में डॉ. इंदिरा को 35013 वोट ही मिले।

2012 विस चुनाव में एक बार फिर इंदिरा ने हल्द्वानी में कांग्रेस की विजय पताका फहराई। भाजपा की रेनू अधिकारी को 23 हजार से अधिक वोटों से हराकर नया रिकॉर्ड कायम किया। 2017 में इंदिरा ने 43786 वोट प्राप्त कर भाजपा के जोगेंद्र रौतेला को हराया था। हल्द्वानी सीट पर किसी प्रत्याशी के सबसे अधिक वोट प्राप्त करने के अपने ही पिछले रिकॉर्ड को इंदिरा ने तोड़ा था।

हल्द्वानी सीट पर इंदिरा हृदयेश के वोट

2002 में 23327 वोट, 2007 में 35013 वोट, 2012 में 42627 वोट, 2017 में 43786 वोट

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