आगामी शरद सत्र से आईआईटी रुड़की के सात नए शैक्षिक प्रोग्राम

रुड़की : भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की देश का सबसे पुराना प्रौद्योगिकी संस्थान है जिसने आगामी शरद सत्र (2021-2022) से विद्यार्थियों के लिए सात नए शैक्षिक प्रोग्राम शुरू करने की घोषणा एक वर्चुअल समारोह में की। संस्थान के करिकुलम में छह पोस्टग्रैजुएट डिग्री और एक पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड प्रोग्राम जोड़े जाएंगे। ये विशेष रूप से नए युग की प्रौद्योगिकियों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए डिजाइन किए गए हैं और तेजी से डिजिटलीकरण और आधुनिक प्रौद्योगिकी के तहत शुरू किए जाएंगे।

नए प्रोग्राम से भारतीय उच्च शिक्षा क्षेत्र का महत्व बढ़ेगा। सात नए प्रोग्राम में शामिल हैं सेंटर फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस (सीएड्स) के तहत एम.टेक (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और एम. टेक. (डेटा साइंस); डिजाइन विभाग के तहत एम. डिज़. (औद्योगिक डिजाइन), और एमआईएम (इनोवेशन मैनेजमेंट में मास्टर्स), इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार इंजीनियरिंग विभाग के तहत ऑनलाइन एम. टेक.(माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स और वीएलएसआई), उद्योग जगत में कार्यरत प्रोफेशनल के लिए; मानविकी और सामाजिक विज्ञान विभाग के तहत एमएस अर्थशास्त्र (पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड प्रोग्राम); और प्रस्तावित ‘अंतर्राष्ट्रीय बांध केंद्र‘ (वर्तमान समन्वयक: जल विज्ञान विभाग) के तहत एम.टेक. (बांध सुरक्षा और पुनर्वास)। ये डिग्री प्रोग्राम डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी विशेषज्ञता के क्षेत्रों के साथ-साथ इंजीनियरिंग, वास्तुकला, अर्थशास्त्र और प्रबंधन के चुने हुए क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सुविधा प्रदान करेंगे।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 की पहल पर हो रहे बड़े बदलावों के अनुरूप संस्थान ने ये कोर्स पेश कर अपने शिक्षा का दायरा बढ़ाया है ताकि कामकाजी लोगों सहित अधिक से अधिक उम्मीदवारों के लिए उच्च स्तरीय शिक्षा सुलभ हो सके। कोर्स इस तरह बनाए गए हैं कि छात्र / कामकाजी लोग सैद्धांतिक ज्ञान और प्रौद्योगिकी जानकारी प्राप्त कर अपने कार्य क्षेत्र में अपना मूल्यवर्धन करें। ये प्रोग्राम सीखने की सुविधा और आवश्यक अनुभव के बीच की दूरी कम करने के साथ सीखने की मानसिकता बदल देंगे। एक बार पढ़ाई पूरी कर रोक देने के बजाय आजीवन सीखेंगे क्योंकि इसकी प्रक्रिया अधिक लचीली, सुलभ होगी। नए कोर्स डिजाइन करने में आईआईटीआर ने एनईपी, 2020 के मौलिक दर्शन का ध्यान रखा है, यानी व्यावहारिक और पेशाजन्य ज्ञान हासिल करने का तालमेल रखा है ताकि अत्यधिक कुशल, सफल और प्रतिभाशाली कार्यबल का विकास हो।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष श्री बी वी आर मोहन रेड्डी ने शुभारंभ समारोह की अध्यक्षता की। भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव प्रोफेसर आशुतोष शर्मा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। संस्थान के शिक्षा कार्यों के डीन प्रो. अपूर्व कुमार शर्मा ने प्रतिभागियों का स्वागत किया और आईआईटी रुड़की के नए प्रोग्रामों और पहलों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि ये उच्च शिक्षा में भावी प्रौद्योगिकियों की मांग पूरी करेंगी। विभिन्न प्रोग्राम का परिचय संबंधित विभागाध्यक्षों और केंद्र प्रमुखों ने दिए।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर आशुतोष शर्मा, सचिव, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार ने संस्थान के प्रगतिशील कदमों की सराहना करते हुए कहा, ‘‘7 नए शैक्षिक प्रोग्राम का शुभारंभ और उनकी रूपरेखा और नजरिया जान कर बहुत खुश हूं। इस तरह की नई पहल लोगों को लीडर बनाते हैं जिनका अन्य अनुसरण करते हैं। मैं सभी को सुनहरे भविष्य की शुभकामनाएं देता हूं। मुझे आपके बीच आने और आईआईटी रुड़की की शानदार उपलब्धियों को जानने का अवसर देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।’’

नए प्रोग्राम शुरू करने पर आईआईटी रुड़की के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष श्री बी वी आर मोहन रेड्डी ने कहा, ‘‘आईआईटी रुड़की को 7 नए शैक्षिक प्रोग्राम शुरू करने के अवसर पर मैं बधाई देता हूं। विभिन्न विषयों के परस्पर संबद्ध प्रोग्राम तैयार करने में आईआईटी रुड़की का नाम है और यह ऐसे प्रोग्राम पेश करता रहा है जिनकी हमारे देश में मांग है और जो प्रासंगिक हैं। हम आत्मनिर्भर भारत के लिए लक्ष्य से काम कर रहे हैं, इसलिए इनोवेशन हमेशा हमारे भविष्य का अभिन्न हिस्सा होगा। आज हमारे देश में उद्यमिता की आवश्यकता है और मैं यह सुनिश्चित करने के लिए उद्यमिता के प्रोग्राम पर जोर देने की अनुशंसा करता हूं ताकि हमारे यहां रोजगार के इच्छुक लोगों की तुलना में रोजगार देने वाले अधिक लोग हों’’

संस्थान के प्रयासों की सराहना करते हुए आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. अजीत के चतुर्वेदी ने कहा, ‘‘संस्थान में शुरू किए गए सभी नए शैक्षिक प्रोग्राम हमारे देश की जरूरतों को पूरा करेंगे। ये कई स्तरों पर गहन विचार-विमर्श के बाद शुरू किए गए हैं। नए प्रोग्राम शुरू करने के लिए आईआईटी रुड़की ने एक नए विभाग यानी डिजाइन विभाग और एक नए केंद्र यानी सेंटर फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस की स्थापना की है। इन प्रोग्राम में विभिन्न विषय परस्पर जुड़े हुए हैं इसलिए संस्थान ने एक प्रोग्राम समिति का गठन किया है जिसमें चार विभागों के प्रतिनिधि हैं।‘‘

कामकाजी लोगों के लिए 3 वर्षीय एम.टेक. (माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स और वीएलएसआई) प्रोग्राम है। करियर को अपग्रेड करने के इच्छुक और नियमित रूप से कैंपस में कक्षा करने में अक्षम लोगों के लिए यह सुविधाजनक प्रोग्राम है। यह ऑनलाइन डिग्री विद्यार्थियों को उद्योग जगत में प्रबंधन इंजीनियरिंग की जिम्मेदारी निभाने के तैयार करेगी। बांध सुरक्षा और पुनर्वास कार्यक्रम में एम.टेक. दो साल का कोर्स है। यह इस क्षेत्र में कार्यरत प्रायोजित अधिकारियों को प्रशिक्षित करेगा ताकि वे पुराने बांधों की सुरक्षा और पुनर्वास और नए बांधों के डिजाइन की चुनैतियों का समाधान आसानी से करें। संबंधित क्षेत्र का कोई भी ग्रैजुएट यह कोर्स कर सकता है। एमएस इकोनॉमिक्स (पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड प्रोग्राम) पांच साल का इंटीग्रेटेड प्रोग्राम है जिसके तहत विद्यार्थियों को वे साधन दिए जाएंगे जो सरकार या अन्य संगठनों में पेशेवर अर्थशास्त्री का काम संभालने या शोध करने के लिए चाहिए। हालांकि चार साल बाद विद्यार्थी बीएस डिग्री हासिल कर इस कोर्स से बाहर हो सकते हंै।

एम. डिज़. (औद्योगिक डिजाइन) और एमआईएम (इनोवेशन मैनेजमेंट में मास्टर्स) दो वर्षीय प्रोग्राम हैं जो बुनियादी स्तर पर डिजाइन इनोवेशन के कार्यों का डाॅक्युमेंटेशन और अभिलेख भंडार विकसित करने पर केंद्रित हैं। इनका मकसद शिक्षा और उद्योग जगत के बीच मैत्री का माहौल बनाना भी है ताकि सहयोग से सृजन और उन्हें उत्पाद में परिवर्तन कर सामयिक सामाजिक मुद्दों का हल किया जाए। वर्चुअल सेंटर सीएआईडीएस पेश करेगा दो वर्षीय मास्टर्स प्रोग्राम – एम. टेक. (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और एम.टेक (डेटा साइंस) जिनका मकसद नए और कुशल मानवसंसाधन का विकास करना है। इसके लिए उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा और अनुसंधान और परामर्श को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस प्रोजेक्ट में सहायक भूमिका निभाने का लक्ष्य है।

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