विश्व का सर्वश्रेष्ठ व पुरातन धर्म है सनातन धर्म : स्वामी गौरीशंकर दास

हरिद्वार (ब्यूरो)। हिंदू कोई धर्म नही है, बल्कि विश्व का सबसे पुरातन धर्म सनातन धर्म है। शेष सभी कथित धर्म पंथ या संप्रदाय है। सनातन धर्म का प्रथम संरक्षक व पुरोधा ब्राह्मण है। ब्राह्मण कोई जाति नहीं, वरन एक संस्कृति व जीवन जीने की पद्धति है। ब्राह्मण बचेगा तो यह देश व समाज बचेगा। उक्त विचार आज यहां साधुबेला आश्रम में अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद (पंजी.) की प्रदेशीय बैठक में श्री बनखंडी साधुबेला पीठाधीश्वर आचार्य स्वामी गौरीशंकर जी महाराज जी ने व्यक्त किए।

उन्होंने कहा कि आज चहुं ओर ब्राह्मण आत्त्ताइयों के निशाने पर हैं, उनके संस्कार व एकता ही उन्हें बचा सकती हैं। प्रदेश स्तरीय इस समीक्षा बैठक में विशेष रूप से उपस्थित परिषद के राष्ट्रीय महासचिव श्याम शुक्ला जी ने कहा कि परिषद का उद्देश्य किसी धर्म, जाति का विरोध करना नहीं है, बल्कि ब्राह्मण समाज को संस्कारी व आर्थिक रूप से सुदृढ़ करना है। ब्राह्मण समाज को आत्मनिर्भर बनाना, आत्मसम्मान की रक्षा, सभी को साथ लेकर चलना मुख्य उद्देश्य है।

उन्होंने कहा कि ब्राह्मण एकता परिषद आज देश का सबसे बड़ा ब्राह्मण संगठन है, जिसकी देश के 16 राज्यों में प्रदेश, जनपदीय, तहसील, ब्लाक स्तर पर इकाइयां गठित हैं। परिषद के देशभर में 1.5 लाख से अधिक सदस्य हैं, तथा विभिन्न प्रकोष्ठ की इकाइयां कार्य कर रही हैं।

परिषद के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष हरी शुक्ला जी ने परिषद के कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि परिषद देश भर के ब्राह्मण व्यवसायियों का पंजीकरण, कक्षा 6 से 12 के छात्रों को एप के जरिए पाठ्यक्रम की तैयारी, आई आई टी छात्रों न्यूनतम शुल्क पर कोचिंग, रोजगार, विवाह, की जानकारी, स्पेशल पोर्टल, यू ट्यूब चैनल, जगत पिता ब्रह्मदेव के मध्यम से ब्राह्मणों को उपयोगी जानकारी, देश भर के ब्राह्मणों का डाटा तैयार करना आदि योजनाएं चल रही है।

राष्ट्रीय संयोजक डा. प्रवीण मिश्रा जी ने सुझाव दिया कि परिषद अपने राज्य के ब्राह्मण परिवारो की सूची बनाएं, अपने घरों के पूजा स्थल में भगवान परशुराम जी का चित्र स्थापित करें, अपने अपने क्षेत्र में मासिक मिलन, हवन आदि का आयोजन, अपने समाज के लिए माह में कम से कम दो घंटा दें, अपनी पारंपरिक वेशभूषा, पहचान कायम करें, विवादास्पद बयानों से बचें, ब्राह्मण सम्मेलन, बैठकों, कार्यक्रमों में भारी संख्या में उपस्तिथि सुनिश्चित करें।

परिषद के प्रदेश संयोजक जे.पी. जुयाल जी ने उपस्थित सभी पदाधिकारियों व सदस्यों से आग्रह किया कि वे सदस्यता, इकाई के गठन, कार्यक्रमों की सुनिश्चित रूपरेखा में यथा सहयोग करे।

प्रदेश महासचिव डा.वी.डी.शर्मा जी ने कहा कि कलयुग में संघ ही शक्ति होती है। यदि हमें वर्तमान संक्रमण काल से बचना है तो देश व प्रदेश में ब्राह्मणों का शक्तिशाली संगठन खड़ा करना पड़ेगा। टिट फॉर टैट की पॉलिसी अपनानी पड़ेगी, अपने अहम को त्याग कर ब्राह्मण के अधिकारों के लिए संघर्ष करना ही पड़ेगा।

बैठक में उपरोक्त के अलावा प्रदीप शर्मा, सर्वश्री युगलकिशोर पाठक, आनंद बड़थ्वाल, विनोद घिल्डियाल, कपिल शर्मा जौनसारी, प्रभात कौशिक, डा. आशु बड़थ्वाल, पंडित विकाश शर्मा, पंडित रविंद्र उनियाल, पंडित अनिल भट्ट, लक्ष्मी प्रसाद त्रिपाठी, नवीन भट्ट, पंडित मनीष कपिल आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे। बैठक में जनपद इकाई द्वारा राष्ट्रीय पदाधिकारियों व प्रदेश के पदाधिकारियों का माल्यार्पण कर व गंगाजली प्रदान कर स्वागत किया गया।

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