इंसानों के पास रहने वाले जानवरों में संक्रमण का खतरा

न्यूज़ डेस्क। कोरोनावायरस के संक्रमण का अगला खतरा जानवरों से है। अगर इंसानों से वायरस को खत्म कर दिया गया तो भी महामारी की दूसरी लहर का कारण जानवर बन सकते हैं। इनमें कोरोनावायरस बड़ी संख्या में मिल सकते हैं।

यह दावा यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन की रिसर्च रिपोर्ट में किया गया है। लेंसेट जर्नल में प्रकाशित शोध के मुताबिक, कोरोना महामारी को रोकने के लिए दुनियाभर में जानवरों की आबादी पर नजर रखने की जरूरत है।

इंसानों के पास रहने वाले जानवरों में संक्रमण का खतरा

शोधकर्ताओं का दावा है कि इंसानों के पास रहने वाले जानवरों में अगर वायरस पहुंचा और ऐसे मामले बढ़े तो महामारी की दूसरी लहर आ सकती है। फिलहाल किस जानवर में संक्रमण का खतरा अधिक है, इस पर और अधिक शोध किए जाने की जरूरत है।

जानवरों से इंसान और इंसान से जानवरों में संक्रमण के प्रमाण मिले

शोधकर्ता प्रोफेसर जॉन सेंटिनी कहती हैं कि ऐसे प्रमाण मिले हैं कि जानवरों में इंसान से कोरोनावायरस पहुंच सकता है और वापस इनसे इंसानों में कोरोना फैल सकता है। संक्रमण का रिस्क कितना है, अभी यह नहीं बता सकते क्योंकि इस पॉइंट पर रिसर्च नहीं की गई है।

इंसान और जानवर दोनों को बचाने की रणनीति बनाने की जरूरत

प्रोफेसर सेंटिनी कहती हैं, हमें बचाव की ऐसी रणनीति बनाने की जरूरत है, जिससे इंसानों के साथ जानवरों को भी बचाया जा सके। कोविड-19 की शुरुआत चीन में हुई थी, जिसमें वायरस का वाहक चमगादड़ को बताया गया था। चमगादड़ से किसी दूसरे जानवर में कोरोना पहुंचा और फिर इंसान में यह फैला।

कई तरह के जानवरों में फैलने का खतरा

प्रोफेसर सेंटनी के मुताबिक, जिस तरह महामारी बढ़ रही है, ऐसे में जानवरों में कोरोना का एक जखीरा पनपने का खतरा अधिक है। अगर ऐसा होता है तो 2002 की महामारी के मुकाबले इंसानों में अधिक संक्रमण फैलेगा। कोरोना का मॉडल और लैब स्टडी इसी ओर इशारा करती है और बताती हैं कि यह कई तरह के जानवरों में फैल सकता है।

चुनौतीपूर्ण होगा इसे रोकना

शोधकर्ताओं का कहना है कि अगर यह जानवरों में पहुंचा तो इसे रोकना एक चुनौती साबित होगा क्योंकि यह प्रजाति से दूसरे में नैचुरली फैलेगा। परेशानी बढ़ने का एक कारण ये भी है कि इनमें पाए जाने वाले कोरोना का जीनोम भी इंसान में फैले वायरस का होगा।

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