प्राइवेट डॉक्टर्स ने किया ओपीडी का बहिष्कार, मरीजों को हुई परेशानी

देहरादून। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन से जुड़े राज्य के प्राइवेट डॉक्टर्स ने शुक्रवार को ओपीडी का बहिष्कार किया। आयुर्वेदिक डॉक्टरों को सर्जरी का अधिकार दिए जाने के विरोध में आईएमए ने हड़ताल का निर्णय लिया है।

आईएमए के प्रदेश महासचिव डॉ. अजय खन्ना ने बताया कि शुक्रवार को आईएमए से जुड़े 2500 डॉक्टर सुबह छह बजे से लेकर शाम छह बजे तक ओपीडी का बहिष्कार किया।

इस दौरान केवल अस्पतालों में भर्ती मरीज, कोरोना मरीज और इमरजेंसी मरीजों का उपचार किया जाएगा। आईएमए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. डीडी चौधरी ने कहा कि 27 और 28 दिसम्बर को चेन्नई में आईएमए की राष्ट्रीय बॉडी की मीटिंग में आगे के आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।

आयुर्वेद डॉक्टर लगाएंगे नि:शुल्क ओपीडी शिविर : आयुर्वेद डॉक्टरों ने आईएमए की हड़ताल के विरोध का ऐलान किया है। हरिद्वार के ऋषिकुल और गुरुकुल आयुर्वेदिक कॉलेज के चिकित्सकों ने कहा है कि वह हड़ताल के विरोध में दो घंटे ज्यादा ओपीडी में बैठेंगे और मरीजों से शुल्क भी नहीं लेंगे।

आयुर्वेद विभाग के निदेशक डॉ. वाईएस रावत ने कहा कि आयुर्वेद डॉक्टरों को सर्जरी का अधिकार देने से लोगों को सस्ता इलाज मिलेगा। आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सकों के संघ के प्रदेश महासचिव डॉ. हरदेव रावत ने कहा कि आईएमए डॉक्टरों का विरोध पूरी तरह गलत है।

भारतीय चिकित्सा परिषद के अध्यक्ष डॉ. दर्शन कुमार शर्मा और भारतीय चिकित्सा परिषद के उपाध्यक्ष डॉ. जेएन नौटियाल ने भी एलौपेथ के डॉक्टरों की हड़ताल का विरोध किया है।

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