विद्यामंदिर क्लॉसेस का नेशनल एडमिशनटेस्ट 14 और 15 जनवरी को

Vidhya mandir classes

देहरादून। देश का लीडिंग इंस्टीट्यूट और जेईई व नीट एग्जाम की तैयारी का हब विद्यामंदिर क्लासेज (वीएमसी) अपना फ्लैग शिपटेस्ट कराने के लिए तैयार है। एडमिशन और स्कॉलरशिप के लिए वीएमसी का नेशनल एडमिशन टेस्ट इसी महीने 14 और 15 जनवरी को कराया जाएगा। ये टेस्ट ऑफलाइन व ऑनलाइन दोनों मोड में होगा। इस टेस्ट का मकसद मेधावी छात्रों को स्कॉलरशिप देना और उन्हें बेहतर स्टडी के लिए तैयार करना है।

ये टेस्ट उन बच्चों के लिए बूस्टर होता है जो जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं या करना चाहते हैं। ऐसे बच्चों को मेंटरशिप मिलती है, डाउट क्लीयर होते हैं, मोटिवेशनल सेशन होते हैं। वीएमसी के फाउंडर्स समेत टॉप फैकल्टी बच्चों के साथ इंटरैक्ट करती है, फ्रीमॉकटेस्ट कराए जाते हैं, स्कूल और बोर्ड एग्जाम की प्रैक्टिस कराई जाती है।

अभी जो बच्चे क्लास 5, 6, 7, 8, 9, 10 और 11 में पढ़ रहे हैं उनके पास इस टेस्ट में शामिल होने का चांस है। ये टेस्ट बच्चों के लिए विद्यामंदिर क्लासेज में खुद को एनरॉल कराने का एक बेहतर रास्ता है। नेशनल एडमिशन टेस्ट बच्चों को न सिर्फ 100 प्रतिशत स्कॉलरशिप पाने का मौका देता है बल्कि फ्री प्रैक्टिस टेस्ट, मॉक बोर्ड टेस्ट का भी मौका देता है। बच्चों को उनकी मौजूदा क्लास के लिए ई-स्टडी मटेरियल मिलता है। गर्ल स्टूडेंट और स्कूल टीचर्स के बच्चों को ट्यूशन फीस में 10 परसेंट की एक्स्ट्रा छूट दी जाती है।

विद्यामंदिर क्लासेज के चीफ अकेडमिक ऑफिसर (सीएओ) सौरभ कुमार ने कहा कि विद्यामंदिर क्लासेज का सबसे पहला मकसद बच्चों के अंदर साइंटिफिक और टेक्निकल नॉलेज का मजबूत फाउंडेशन तैयार करना है ताकि वो बेहतर इंजीनियर और डॉक्टर बन सकें। नेशनल एडमिशन टेस्ट का उद्देश्य शुरुआती स्टेज में ही बच्चों को इस लायक बनाना है कि वो आने वाली डिफिकल्टी को आसानी से क्रैक कर सकें। हमारे कोर्स में छात्रों को फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स, बायो के बेसिक कंसेप्ट क्लियर कराए जाते हैं और उनके अंदर एनालिटिकल स्किल्स व समानांतर थिंकिंग प्रोसेस डवलप किया जाता है और उन्हें मुश्किल से मुश्किल प्रॉब्लम्स को क्रिएटिविटी के साथ सॉल्व करने के लिए सक्षम बनाया जाता है।

विद्यामंदिर क्लासेस के सीबीओ अभिषेक शर्मा ने कहा कि वीएमसी की टीचिंग का सबसे बड़ा फॉर्मूला ये है कि यहां अलग-अलग स्टेज के हिसाब से बच्चों की जरूरत के अकॉर्डिंग टीचिंग मेथोडोलॉजी अपनाई जाती है। अलग-अलग राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय एग्जाम्स में हमारे यहां के बच्चों की कामयाबी के पीछे भी ये एक बड़ा कारण है।

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