IIT रुड़की ने केमिकल इंजीनियरिंग : सस्टेनेबल फ्यूचर की ओर परिवर्तन को सक्षम करने सम्बन्धी विषय पर एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का किया आयोजन
IIT रुड़की ने केमिकल इंजीनियरिंग : सस्टेनेबल फ्यूचर की ओर परिवर्तन को सक्षम करने सम्बन्धी विषय पर एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का किया आयोजन

रुड़की : केमिकल इंजीनियरिंग विभागभारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (आईआईटी रुड़कीने अपनी स्थापना के 175 वर्षों के उपलक्ष्य में 'केमिकल इंजीनियरिंगसस्टेनेबल फ्यूचर की ओर परिवर्तन को सक्षम करनेसम्बन्धी विषय पर तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय हाइब्रिड सम्मेलन का आयोजन की मेज़बानी की।

इस आयोजन का उद्घाटन 8 सितंबर, 2022 को हुआ। 

डॉरामकुमारनिदेशक (आर एंड डी), इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्य अतिथि थे।मंच की शोभा प्रोफेसर अजीत के चतुर्वेदीनिदेशकआईआईटी रुड़कीप्रोफेसर वी.सीश्रीवास्तवप्रमुखकेमिकल इंजीनियरिंग और प्रोफेसर दीपक ओझासम्मेलन केसंयोजक द्वारा बढ़ाई गई।पूरे कार्यक्रम में केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसरों और छात्रों की उपस्थिति थीऔर अन्य प्रमुख वक्ताजिनमें डॉएसएसवी रामकुमारनिदेशक आर एंड डीइंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेडप्रोफेसर निशीथ वर्माआईआईटी कानपुरप्रोफेसर एसपुष्पवनमआईआईटी मद्रासप्रोफेसर रजनीश कुमारआईआईटी मद्रासआदि उपस्थित थे।प्रोफेसर प्रवीण लिंगानेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ सिंगापुर और प्रोफेसर शिशिर सिन्हामहानिदेशकसिपेटसेट पर 10,2022, को आयोजित होने वाले समापन समारोह में शिरकत करेंगे।इसी के साथ प्रोफेसर चांग ग्युन कीइंहा विश्वविद्यालयकोरिया गणराज्यप्रोफेसर मीनेश आरसिंह,   इलिनोइस विश्वविद्यालय,शिकागोऔर प्रोफेसर झेनयुआन यिनसिंघुआ विश्वविद्यालयचीन द्वारा वर्चुअल मोड में सम्मेलन में मुख्य भाषण दिया गया।इसके अतिरिक्तसंकाय सदस्योंवैज्ञानिकोंउद्योगों और अन्य सरकारी एजेंसियों के व्यक्तियोंशोधार्थियों और छात्रों ने सम्मेलन में भाग लिया।

सम्मेलन का विषय महत्वपूर्ण एजेंडो के इर्दगिर्द घूमता है, जैसे, पर्यावरण के अनुकूल पृथक्करण और परिवहन प्रक्रियाएं, अगली पीढ़ी का कटैलिसीस (उत्प्रेरण) या हरित उत्प्रेरण, सतत ऊर्जा चक्र, और रासायनिक इंजीनियरिंग में अपशिष्ट द्वारा धन।सम्मेलन का उद्देश्य शिक्षा और उद्योगों में विभिन्न स्तरों पर काम करने वाले लोगों के बीच विचारों के आदान-प्रदान के लिए एक मंच प्रदान करना है।

सम्मेलन को तीन दिवसीय समारोह  सत्र में विभाजित किया गया है। पहले सत्र की सह-अध्यक्षता प्रोफेसर इंद्रनील साहा दलालआईआईटी कानपुर और प्रोफेसर ईशान बजाजआईआईटी रुड़की ने की और उन्होंने वेस्ट टू वेल्थ विषय पर चर्चा की।दूसरे सत्र में नेक्स्ट-जेन कैटेलिसिस के बारे में बात की गई और इसकी सह-अध्यक्षता प्रोफेसर पीमोहंतीआईआईटी रुड़कीऔर प्रोफेसर सयंती/शायन्ति चटर्जी , आईआईटी रुड़की ने की।इसी तरहनौ अन्य सत्र भी थेजिनकी अध्यक्षता विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों ने की थीजो एक स्थायी भविष्य की दिशा में परिवर्तन की आवश्यकता पर चर्चा और संबोधित कर रहे थे।

एक सतत भविष्य की ओर परिवर्तन के बारे में बोलते हुएडॉरामकुमारनिदेशकआईओसीएलने कहा, "यह महत्वपूर्ण है कि रासायनिक इंजीनियर संसाधन उपयोगऔर प्रतिकूल पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने के उद्देश्य से प्रक्रिया और उत्पाद डिज़ाइन में स्थिरता के विचारों को शामिल करें।और यह सम्मेलन स्थायी भविष्य की दिशा में इस तरह के नवोन्मेषी बदलाव के लिए सही मंच है।"

आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रोफेसर अजीत के चतुर्वेदी ने कहा, "मुझे खुशी है कि हमारे 175 वें वर्ष में केमिकल इंजीनियरिंग विभाग स्थिरता के विषय पर एक सम्मेलन का आयोजन कर रहा है जो केमिकल इंजीनियरिंग के सभी अनुसंधान क्षेत्रों को एकीकृत कर सकता है और जो मानव सभ्यता के लिए महत्वपूर्ण।

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