सोमवार को प्रदेश में 26 और कोरोना पॉजिटिव केस आए सामने, संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 1845 पहुंचा

देहरादून : उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। सोमवार को प्रदेश में 26 और कोरोना पॉजिटिव केस सामने आए हैं। इसके बाद अब प्रदेश में संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 1845 पहुंच चुका है। अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने इसकी पुष्टि की है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, नैनीताल, पौड़ी, टिहरी, रुद्रप्रयाग में तीन-तीन संक्रमित मामले मिले हैं। जबकि पिथौरागढ़ व बागेश्वर में दो-दो और अल्मोड़ा में एक संक्रमित मामला मिला है। वहीं, देहरादून में छह, उत्तरकाशी में एक और हरिद्वार में दो केस आए हैं। प्रदेश में अब तक 1135 संक्रमित मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं। जबकि अभी भी 668 एक्टिव केस हैं।

दिल्ली से लौटे एमबीए के छात्र की मौत

दिल्ली से आकर संस्थागत और होम क्वारंटीन की अवधि पूरी करने के बाद क्रिकेट खेलकर घर लौटे पुरोला निवासी एमबीए के एक छात्र की मौत हो गई। स्थानीय डॉक्टरों ने उसे दून अस्पताल रेफर किया था। लेकिन, अस्पताल पहुंचने से पहले उसने दम तोड़ दिया। कोरोना जांच के लिए सैंपल लेने के बाद अस्पताल प्रशासन ने बचाव साधनों के साथ शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। गांव ढाकरा, पुरोला (उत्तरकाशी) निवासी 20 वर्षीय युवक दिल्ली में एमबीए कर रहा था। करीब 21 दिन पहले वह दिल्ली से घर लौटा था। युवक को 14 दिन के लिए पुरोला इंटर कॉलेज में संस्थागत क्वारंटीन किया गया था। यह अवधि पूरी करने के बाद युवक को होम क्वारंटीन में रहने की सलाह दी थी। होम क्वारंटीन की सात दिन की अवधि पूरी होने पर वह रविवार को क्रिकेट खेलने चला गया। बताया जा रहा है कि क्रिकेट खेलकर लौटने के बाद उसने घर में आकर ठंडा पानी पिया। कुछ देर बाद युवक के सीने में दर्द उठा। परिजन उसे लेकर पुरोला सरकारी अस्पताल पहुंचे। लेकिन, हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे कोविड-19 की आशंका पर राजकीय दून मेडिकल अस्पताल रेफर कर दिया। रास्ते में हालत बिगड़ने पर उसे परिजन डामटा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां के डॉक्टरों ने भी परिजनों को दून जाने की सलाह दी। देर रात करीब 3:30 बजे परिजन युवक को लेकर दून अस्पताल पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने युवक को मृत घोषित कर दिया। उसके बाद शव को दून अस्पताल की मोर्चरी में रख प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को अवगत कराया। साथ ही कोरोना जांच के लिए सैंपल लिया गया। दून अस्पताल के डिप्टी एमएस एवं कोरोना के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. एनएस खत्री ने बताया कि नई गाइडलाइन के तहत कोरोना जांच के लिए युवक का सैंपल ले लिया गया है। उसके बाद शव बचाव साधनों के साथ परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।

कोरोना संक्रमित युवक की गलती पड़ी भारी, एफआईआर दर्ज

विकासखंड देवप्रयाग के डांडा भैंसकोट गांव में कोरोना संक्रमित युवक की गलती पूरे गांव पर भारी पड़ गई। गलत जानकारी देने के साथ ही युवक होम क्वारंटीन का उल्लंघन कर पूरे गांव में घूमता रहा। युवक की लापरवाही से गांव को कंटेनमेंट जोन घोषित करने के साथ ही उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई है। वही दूसरी ओर कोविड-19 एंबुलेंस के ड्राइवर के कोरोना पॉजिटिव मिलने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) हिंडोलाखाल को सील कर दिया गया है। विकासखंड देवप्रयाग के डांडा भैंसकोट का एक युवक 31 मई को फरीदाबाद से लौटा था। कुछ दिन वह ऋषिकेश रहा, जिसकी जानकारी उसने किसी को नहीं दी। इसके बाद सात जून को वह गांव पहुंचा। गाइड लाइन के अनुसार उसे होम क्वांरटीन कर दिया गया था। आठ जून को युवक का सैंपल लिया गया। रविवार को युवक की रिपोर्ट आई, जिसमें वह कोरोना पॉजीटिव निकला। उधर, युवक क्वारंटीन नियमों का उल्लंघन कर अन्य लोगों के संपर्क में आ गया। साथ ही गांव की बैठक और अन्य कार्यक्रमों में शामिल हुआ। इसके बाद प्रशासन ने उसे टिहरी भेज गांव को कंटेनमेंट जोन घोषित कर सीमाएं सील कर दी गई हैं। दूसरी ओर कोविड-19 एंबुलेंस ड्राइवर के कोरोना पॉजिटिव निकलने के बाद सीएचसी हिंडोलाखाल को सील कर दिया गया है। साथ ही यहां के 31 लोगों का स्टाफ भी क्वारंटीन हो गया है। उधर, कोटी चलण्यों गांव में भी एक व्यक्ति कोरोना पॉजीटिव निकला है। उक्त व्यक्ति 3 जून को गांव पहुंचा था और रविवार को घर चला गया था। जिसके चलते परिजनों को क्वांरटीन सेंटर में भेज दिया गया है। डांडा भैंसकोट में कोरोना पॉजिटिव निकले युवक ने नियमों का उल्लंघन कर अन्य लोगों की जान संकट में डाली है। इसलिए उस पर राजस्व पुल्सि चौकी में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। कोटी चलण्यों में कोरोना संक्रमित परिजनों के संपर्क में आ गया था। इसके अलावा उसके अन्य लोगों के संपर्क में आने की आशंका को देखते हुए 17 लोगों को क्वांरटीन कर दिया गया है।
– अजयवीर सिंह, एसडीएम कीर्तिनगर

मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए अस्पताल सील किया गया है। जब तक रिपोर्ट नहीं आती, तब तक बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश वर्जित किया गया है।
– सीएचसी प्रभारी डा. सतीश

मसूरी आने वाले बाहरी लोग होंगे क्वारंटीन

मसूरी आने वाले हर बाहरी व्यक्ति को स्वास्थ्य परीक्षण के बाद क्वारंटीन किया जाएगा। रेड जोन से आने वाले लोग सात दिन इंस्टीट्यूशनल और 14 दिन होम क्वारंटीन रहेंगे। बाकी लोगों को होम क्वारंटीन किया जाएगा। यह निर्णय एसडीएम प्रेमलाल ने अधिकारियों संग बैठक करने के बाद लिया। एसडीएम ने कहा है कि अगर कोई रेड जोन से मसूरी आ रहा है तो उसे यूथ हॉस्टल में ही सात दिन के लिए संस्थागत क्वारंटीन किया जाएगा। वहीं अन्य लोगों को अपने घरों में 14 दिन के लिए होम क्वारंटाइन होना पड़ेगा। एसडीएम प्रेम लाल ने बताया कि मसूरी इस समय कोरोना संक्रमण से पूरी तरीके से मुक्त है। लेकिन, अनलाक-1 के बाद अन्य राज्यों से लोग भारी संख्या में मसूरी आ रहे हैं। जिससे कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा हो सकता है। वहीं बाहर से आने वाले लोग कोरोना संक्रमण को लेकर जारी किए गए एडवाइजरी का पालन नहीं कर रहे हैं। ऐसे में मसूरी पुलिस, नगर पालिका और स्वास्थ विभाग की संयुक्त टीम का गठन किया गया है, जो मसूरी में बाहर से आने वाले लोगों पर नजर रखेगी। उन्होंने बताया कि बिना मास्क के घूमने वाले और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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