अब श्रद्धालुओं को केदारनाथ का प्रसाद होगा ऑनलाइन उपलब्ध, ऑनलाइन बुकिंग कर मंगवा सकते है प्रसाद

रुद्रप्रयाग : वैश्विक महामारी कोरोना के कारण चारधाम यात्रा पर रोक लगी हुई है। इस दौरान जो स्थानीय श्रद्धालु धामों में पहुंच भी रहे हैं, वे न तो आराध्य की पूजा कर पा रहे हैं और न उन्हें प्रसाद मिल रहा है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं को केदारनाथ का प्रसाद ऑलनाइन उपलब्ध कराने की योजना बनाई है, इसके लिए पोर्टल बनाया जा रहा है, जिसमें डिमांड के हिसाब से ऑनलाइन बुकिंग कर मांगनुसार प्रसाद की होम डिलीवरी हो जाएगी। यह पहला मौका है, जब श्रद्धालु बाबा केदार के धाम का प्रसाद ऑनलाइन बुक कर सकेंगे। इसके लिए श्रद्धालु को प्रशासन द्वारा बनाए गए पोर्टल पर अपनी डिमांड देनी होगी। बुकिंग के दो से तीन दिनों में प्रसाद घर पर पहुंचा दिया जाएगा। कोरोना संक्रमण के कारण केदारनाथ समेत सभी धामों में सन्नाटा पसरा हुआ है। बीते आठ जून से शासन के निर्देशों पर स्थानीय लोगों को यात्रा की अनुमति मिली है, लेकिन धाम में पूजा-अर्चना, प्रसाद चढ़ाव, तिलक लगाने व घंटी बजाने की अनुमति नहीं हैं। इन हालातों में श्रद्धालु अपने आराध्य का अभिषेक/जलाभिषेक नहीं कर पा रहे हैं। साथ ही उन्हें धाम में प्रसाद भी नहीं मिल रहा है। मुख्य विकास अधिकारी मनवेंद्र कौर ने बताया कि जब तक यात्रा संचालन शुरू नहीं होता, तब तक बाबा के भक्तों को ऑनलाइन डिमांड के हिसाब से घरों तक प्रसाद की डिलीवरी कराई जाएगी।

  • रुद्रप्रयाग में ऑनलाइन होगी स्थानीय उत्पादों की बिक्री

रुद्रप्रयाग में काश्तकारों के स्थानीय उत्पादों को ब्लैक बर्ड आईटी कंपनी के सहयोग से ऑनलाइन बेचा जाएगा। इस सुविधा से उत्पादों को सुलभ बाजार मिलने से काश्तकारों की आर्थिकी को भी बल मिलेगा। रुद्रप्रयाग में 336 ग्राम पंचायतों व चार निकाय क्षेत्रों में लगभग दो सौ महिला स्वयं सहायता समूह कार्य कर रहे हैं। इनके द्वारा सब्जी, डेयरी, अचार, पापड, मशरूम उत्पादन, सिलाई-बुनाई आदि का कार्य किया जा रहा है। साथ ही जनपद में सवा सौ प्रगतिशील काश्तकार हैं, जो गांवों में वृहद स्तर पर सब्जी व फलोत्पादन कर रहे हैं, लेकिन बाजार के अभाव में बिचौलियों द्वारा काश्तकारों से कम दामों में उत्पाद खरीदकर मोटा मुनाफा कमाया जा रहा है, लेकिन, अब काश्तकारों को उत्पादों के लिए सीधे ग्राहक मिल सकेंगे। जिला प्रशासन ने इसके लिए ब्लैक बर्ड आईटी कंपनी से अनुबंध किया है, जो काश्तकारों व महिला समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री करेगा। कंपनी के हिमांशु नेगी ने बताया कि उनके कर्मचारी स्वयं काश्तकार के उत्पाद को ग्राहक तक पहुंचाएगी।

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