नोक की झौंक : स्वाधीन हम

डिजिटल डेस्क : देश पचहत्तरवां स्वाधीनता दिवस मना रहा है। 15 अगस्त 1947 को हम आजाद हुए थे। संवैधानिक और शारीरिक रूप से स्वतंत्र होने के कुछ समय बाद हम मानसिक रूप से स्वतंत्र हो गए। आज तो हम एकदम स्वतंत्र हैं। बोलने की आजादी है, जहां चाहें अपना रुमाल बिछाने की आजादी है, वोट देने की आजादी है, उपासना पद्धति की आजादी है आदि आदि।

स्वतंत्रता दिवस या कोई भी ऐसा दिवस जिसने हमारे जीवन को प्रभावित किया हो जैसे कि कोई उपलब्धि, ऐसे अवसरों को समारोहपूर्वक मनाने की परंपरा है। देश का स्वतंत्रता दिवस तो सर्वोत्तम उपलब्धि है जो हमें मिली। जहां हम अपने जीवन के सभी पलों को मनाते हैं वहीं देश के इस पर्व पर नागरिकों का उत्साह देखते ही बनता है। स्कूलों में, कॉलेजों में, कार्यालयों में, कॉलोनियों में, सोसाइटियों में स्वतंत्रता दिवस समारोह मनाया जाता है। इन वर्षों में देश ने अनेक उपलब्धियां प्राप्त की हैं।

नागरिकों का जीवन सुखकर बनाने के लिए अनेक योजनाएं बनाई गई हैं। इस यात्रा में देश के सभी राजनीतिक दलों ने योगदान दिया है। परतंत्रता के बेड़ियों से आत्मनिर्भरता की उड़ान तक का यह सफर समस्त नागरिकों और व्यवस्थापकों के परिश्रम का प्रतिफल है। स्वतंत्र भारतीय के भारतीय विश्व के कोने कोने में देश का परचम लहरा रहे हैं। विज्ञान का क्षेत्र हो या कोई और आज भारत एक महाशक्ति बनने की ओर है। देश में स्वस्थ लोकतंत्र के 75 वर्ष भी हमें गर्वित करते हैं।

स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में प्रवेश होने पर नागरिकों का जोश देखते ही बनता है। देश के 135 करोड़ नागरिक सामाजिक, सांस्कृतिक और संवैधानिक मूल्यों के प्रति सजग हैं। यही देश की आत्मा है। इसी से देश का निर्माण होता है। प्रत्येक भारतीय के मन में तिरंगे को ऊंचा और ऊंचा देखने की ललक है। झंडा ऊंचा रहे हमारा का उद्घोष बाल्यकाल से ही होने लगता है। जन गण मन देश के जनों के मनों में देश भक्ति की अलख जगाता है। अभी हमें ऊंचाइयों के और कीर्तिमान स्थापित करने हैं।

हम सब इसके लिए प्रतिबद्ध भी हैं। देश की कीर्ति पताका समूचे विश्व में फहरे, यही प्रत्येक भारतीय का अभिमान है। स्वतंत्रता के 75वें दिवस पर उन महान विभूतियों को नमन भी है जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर देश को स्वतंत्र कराया। शहीदों के रक्त से सिंचित स्वतंत्रता का आनंद लेते हुए हमें उन बलिदानियों को नहीं भूलना चाहिए। यह गौरवशाली देश इसी प्रकार 100वां , 200वां, 500वां स्वाधीनता दिवस मनाएगा और विकास की नई ऊंचाइयां छुवेगा। इसी विश्वास के साथ जय भारत।

– विनय नोक

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