21 साल में प्रदेश के मुद्दों पर नहीं बनी कोई नीति : ऐरी

काशीपुर। उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय अध्यक्ष काशी सिंह ऐरी ने कहा है कि उत्तराखंड राज्य बनाने के लिये 42 लोगों ने शहादत दी। हजारों लोग प्रताड़ना के शिकार बने, लेकिन हासिल कुछ नहीं हुआ। 21 साल में प्रदेश के मुद्दों पर कोई नीति नहीं बन पाई। राजनीति में परिवारवाद फैशन बन गया है। राज्य हमने बनाया और इसे बचाने की जिम्मेदारी भी हमारी है।

यूकेडी के केंद्रीय अध्यक्ष ऐरी बुधवार को रामलीला मैदान सभागार में प्रत्याशी मनोज कुमार डोबरियाल के पक्ष में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा 21 साल में 14 सीएम बदल गये। प्रदेश पर 75 हजार करोड़ का कर्ज है। यूपी पर 1.50 लाख करोड़ की परिसंपत्ति हैं। बेरोजगारी, पलायन कैसे रुकेगा? इस पर 21 साल से कोई नीति नहीं बनी। जनता को जिस चीज की जरूरत थी वह नहीं मिली। कई घोटोले होने के बाद भी एक भी घोटाले का पर्दापाश नहीं हो पाया।

भाजपा और कांग्रेस दोनों ने उत्तराखंड को लूटने का काम किया है और दोनों ही मौसेरे भाई हैं। उन्होंने कहा अगर काशीपुर का विकास, स्वाभिमान से रहने के साथ जिला बनाना चाहते हैं तो यूकेडी प्रत्याशी को विजयी बनाएं। कार्यकर्ता घर-घर जाकर अलख जलाएं। कहा कि जो शुरू में चार कार्यकर्ता थे वह अब चार हजार से अधिक दिख रहे हैं। 14 फरवरी को यह 40 हजार होने चाहिए। कहा कि इस बार पार्टी 50 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। लालकुंआ में सीपीआईएमएन और एक सीट पर निर्दलीय को समर्थन दिया है। पार्टी प्रदेश में 25 से अधिक सीटें जीतेगी।

यूकेडी प्रत्याशी डोबरियाल ने कहा 20 साल से जनता ऐसे नेता को चुन रही है जिससे सभी परेशान हैं। ऐसी स्थिति में संघर्ष के लिये उन्हें चुनाव मैदान में उतरना पड़ा। राज्य के लोगों ने जो सपना देखा था उसका एक अंश भी पूरा नहीं हुआ। कहा लोकतंत्र धीरे-धीरे समाप्त होता जा रहा है। कहा कि क्षेत्रीय पार्टी ही क्षेत्र का विकास कर सकती है। सत्ता जब तक पूंजीपतियों के हाथ में रहेगी तब तक प्रदेश का कुछ नहीं हो सकता। संचालन आरसी त्रिपाठी ने किया।

इस मौके पर जिलाध्यक्ष सुरेश चंद्र जोशी, केंद्रीय संगठन मंत्री हरजाप सिंह, यूकेडी दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष डीडी जोशी, किशन सिंह मेहरा, सुलोचना, शिव सिंह रावत, प्रकाश खनोलिया, भावना खनोलिया, प्रभा तिवारी , रिटा. कैप्टन वचन सिंह, जगदीश चंद्र बोड़ाई, देवकी नैनवाल आदि मौजूद रहे।

Leave A Reply

Your email address will not be published.