गुजरात में आज या कल दस्तक दे सकता है मानसून

नई दिल्ली। मानसून पश्चिम बंगाल में गंगा के तटवर्ती इलाके और ओडिशा में सक्रिय है। शनिवार को यह मध्य महाराष्ट्र के कुछ और हिस्सों, मराठवाड़ा और विदर्भ के अधिकतर हिस्सों, छत्तीसगढ़, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के बाकी हिस्सों, झारखंड के अधिकांश हिस्सों और बिहार के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ा है। मध्य अरब सागर के शेष हिस्सों में और उत्तर अरब सागर के कुछ हिस्सों और महाराष्ट्र के शेष हिस्सों (मुंबई सहित), छत्तीसगढ़, झारखंड, दक्षिण मध्य प्रदेश और बिहार के हिस्सों और दक्षिण गुजरात के कुछ हिस्सों के लिए अगले 24 घंटों के दौरान आगे बढ़ने के लिए हालात अनुकूल बन रहे हैं। इन इलाकों में मानसून रविवार या सोमवार को दस्तक दे सकता है।

दक्षिण गुजरात सहित प्रदेश में अगले 3 दिन भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल के पर्वतीय हिस्से, सिक्किम, असम, मेघालय, मध्य महाराष्ट्र, कर्नाटक में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

मध्यप्रदेश: मानसून पहले होशंगाबाद, जबलपुर और इंदौर में दस्तक देगा

मानसून मप्र में तय समय 15 जून से एक दिन पहले रविवार को पहुंच सकता है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक एके शुक्ला ने बताया कि यह सबसे पहले होशंगाबाद, जबलपुर और इंदौर में दस्तक देगा। मानसून की उत्तरी सीमा हरनेई, अहमदनगर, औरंगाबाद, गोंदिया, चांपा, रांची, भागलपुर से गुजर रही है। इसकी अरब सागर एवं बंगाल की खाड़ी दोनों ब्रांच भी एक्टिव हैं। इस वजह से इसके जल्द ही भोपाल में भी पहुंचने की संभावना बढ़ गई है।

उधर, मानसून की आहट के साथ शनिवार को मालवा-निमाड़, महाकौशल, विंध्य के कई इलाकों में तेज बारिश हुई। जुन्नारदेव में 100, मेघनगर में 74, हरदा में 73, मंडला में 60 मिमी, खातेगांव में 58 मिमी में बारिश रिकॉर्ड हुई।

सियर जोन, जिसने मानसून को ज्यादा सक्रिय किया, रफ्तार दी
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक पूर्वी और पश्चिमी हवाएं आपस में 19 डिग्री उत्तरी अक्षांश पर मध्य भारत के आसपास 6 किमी ऊंचाई तक मिल रही हैं। इसे सियर जोन कहते हैं। इससे मानसूनी गतिविधियां तेज हो जाती हैं।

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