कोरोना की पहचान को गणित का सुपर मॉडल बनाने की तैयारी

नयी दिल्ली। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) ने कोरोना वायरस संक्रमण के फैलने के संबंध में पूर्वानुमान लगाने में मदद के लिए गणित का एक राष्ट्रीय सुपरमॉडल तैयार करने की योजना बनाई है, जिससे नीति निर्माताओं को सहायता मिल सकती है। डीएसटी के सचिव आशुतोष शर्मा ने शनिवार को बताया कि ऐसे 20 से अधिक समूह हैं जिनके पास गणित के विभिन्न मॉडल तैयार हैं। इन सभी मॉडल के सबसे अच्छे पहलुओं को चुनकर सुपरमॉडल तैयार करने की योजना है। शर्मा ने कहा कि कोविड-19 से निपटने के लिए विशेष निधि देने की पहल के तहत डीएसटी गणितीय मॉडल तैयार करने में शामिल 10 समूहों को पहले ही निधि मुहैया करा रहा है। इस पहल के तहत बंगलूरू स्थित जवाहरलाल नेहरू उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र (जेएनसीएएसआर) और भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएस) देश में कोविड-19 मॉडल संबंधी सभी परियोजनाओं एवं कार्यक्रमों से जुड़ने और उनके साथ काम करने के लिए समन्वय स्थापित करेंगे। शर्मा ने कहा कि इससे विभिन्न मॉडल का आकलन करने के लिए मापदंड तैयार करने और अंतत: ‘कोविड-19 भारत राष्ट्रीय सुपरमॉडल’ पेश करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह सुपरमॉडल कोरोना वायरस के विभिन्न पहलुओं संबंधी पूर्वानुमान लगाने में मदद कर सकता है, जिनका इस्तेमाल नीति निर्माता कर सकते हैं।

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