मात्र एक फीसदी ब्याज पर मिलेगा लोन

नई दिल्ली। स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स (Small Savings Schemes) में लोगों का सबसे पसंदीदा विकल्प पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) माना जाता है. ज्यादातर लोग बिना जोखिम लिये लंबी अवधि के लिए PPF (Public Provident Fund) को ही चुनते हैं. लेकिन, बहुत कम लोगों इस पर ध्यान देते हैं कि फाइनेंशियल परेशानी के समय उनका PPF अकाउंट बेहद सस्ती दर पर लोन लेने में मदद कर सकता है. टैक्स और इन्वेस्टमेंट एक्सपर्ट्स का मानना है कि PPF के माध्यम से लोन लेना बैंक रिटेल लोन, गोल्ड लोन या एफडी पर लोन लेने से ज्यादा फायदेमंद होता है. ऐसे में अगर मौजूदा संकट में आपको कुछ राशि की जरूरत है और आपने पीपीएफ में इन्वेस्ट किया है तो आप इस विकल्प का लाभ उठा सकते हैं.
एक्सपर्ट्स का कहना है कि PPF बैलेंस पर लोन लेना वाकई में किसी भी पर्सनल लोन, गोल्ड लोन या एफडी पर लोन लेने से कहीं बेहतर विकल्प है. लेकिन, इसमें एक बात का ध्यान रखना होता है कि आपके लोन की रकम इस बात पर निर्भर करेगी कि आपने PPF अकाउंट (PPF Account) में कितनी रकम डिपॉजिट कर रखी है. जबकि, रिटेल बैंकिंग लोन आपके मासिक आय ​पर निर्भर करता है. केंद्र सरकार दिसंबर 2019 में PPF स्कीम 1968 को PPF स्कीम 2019 से बदल दिया था. नये PPF स्कीम में कई तरह के बदलाव किये गये थे. इन्हीं में से एक PPF पर लोन (Loan Against PPF) के लिए ब्याज भी था. अगर कोई व्यक्ति PPF अकाउंट के अगेन्स्ट लोन लेता है तो इस पर उन्हें केवल 1 फीसदी ही ब्याज (Interest on PPF Loan) देना होगा. पहले यह ब्याज दर 2 फीसदी था.

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