Heart Attack: बचकर रहें डीजे की तेज आवाज हो सकती है खतरनाक! बन सकते है 'सडन हार्ट अटैक' के शिकार
Heart Attack: बचकर रहें डीजे की तेज आवाज हो सकती है खतरनाक! बन सकते है 'सडन हार्ट अटैक' के शिकार

Heart Attack Advice: बीते कुछ सालों में दिल के मरीजों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी देखी गई है. कुछ महीनों से लोगों में 'सडन हार्ट अटैक' यानी अचानक से हार्ट अटैक (Sudden Heart Attack) आ जाने के बहुत सारे मामले भी रिकॉर्ड किए गए हैं. दिल की बीमारियों के डॉक्टर्स के मुताबिक, खासतौर पर युवाओं में अचानक से हार्ट अटैक आने के मामलों की संख्या बढ़ना बेहद चिंताजनक है.

आजकल ऐसे लोगों में भी अचानक से हार्ट अटैक आने की समस्या देखी जा रही है, जिन्हें कोविड महामारी से पहले दिल की बीमारी नहीं थी. बीते दिनों कई सेलिब्रिटीज भी इसका शिकार हुए हैं. डीजे में डांस करते हुए अचानक हार्ट अटैक के कई केस सामने आए हैं. डीजे या तेज बेस वाली आवाज दिल पर अतिरिक्त दवाब बढ़ा देती है, जिसकी वजह से अचानक हार्ट अटैक आने का खतरा बन जाता है. आइए जानते हैं सडन हार्ट अटैक से जुड़ी सभी जानकारी..

क्या तेज आवाज हार्ट अटैक को देती है न्यौता?

दिल की बीमारियों के डॉक्टर्स से बातचीत के दौरान पता चला कि जिन लोगों को दिल से जुड़ी किसी तरह की दिक्कत होती है उन्हें एहतियात के तौर पर तेज आवाज (जिससे दिल पर दबाव बढ़ता है) से दूर रहने के लिए सुझाव दिया जाता है. कम उम्र के लोगों में ऐसी संभावनाएं नहीं होती हैं लेकिन फिर भी उन्हें हार्ट अटैक आना चिंता का विषय है. सडन हार्ट अटैक के मामलों में अगर कार्डियो पल्मोनरी रिस्यूसिटेशन (CPR) दे दिया जाए तो काफी हद तक लोगों की जान बचाई जा सकती है. सीपीआर देने की प्रॉसेस में दोनों हाथों से इंसान के सीने को दबाने उसे सांस लेने में कुछ हद तक मदद मिल सकती है.

तेज़ आवाज हो सकती है खतरनाक

डीजे या लाउडस्पीकर्स की तेज़ आवाज़ कभी-कभी लोगों की सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकती है. कई सारे शोध में मिली जानकारी के अनुसार, अचानक से बढ़ता शोर आपके दिल की धड़कन को बिगाड़ सकती है. ऐसी स्थिति को मेडिकल साइंस की भाषा में एट्रियल फिब्रिलेशन भी कहा जाता है. इसकी वजह से किसी इंसान के शरीर में खून के थक्के बनने, स्ट्रोक और हार्ट फेल हो जाने की समस्याएं भी हो सकती हैं.

क्या कहते हैं हेल्थ एक्सपर्ट

कई सारे डॉक्टरों के मुताबिक, तेज आवाज़ के बीच में लंबे समय तक रहने वाले लोगों की सेहत को सेहत से जुड़े कई सारे जोखिम हो सकते हैं. डीजे के साउंड्स से निकलने वाली आवाज़ से न सिर्फ़ हमारे दिल बल्कि दिमाग और कानों को भी गंभीर नुकसान हो सकता है.

कोरोना के बाद सावधानी की दरकार

डॉक्टर्स के मुताबिक, कोरोना संक्रमण के बाद से लोगों को दिल से जुड़ी कई बीमारियों ने घेर रखा है. दिल की बीमारी होने का  सबसे खतरनाक मामला यह हो सकता है कि कोविड-19 की बीमारी से ठीक हो चुके कई लोगों को पता भी नहीं होता है कि उन्हें दिल से जुड़ी कोई बीमारी हो सकती है. कोरोना का शिकार हो चुके लोगों को समय-समय पर अपने दिल की जांच करा लेनी चाहिए. दिल की बीमारियों के जोखिम से बचे रहने के लिए लाइफस्टाइल पर खास ख्याल रखने की जरुरत है. इसके साथ ही धूम्रपान से दूरी भी जरूरी है.

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