ईशांत और चहल ने बताया लार के इस्तेमाल पर प्रतिबंध को गलत

डिजिटल डेस्क। भारत के सीनियर तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा और स्पिनर युजवेंद्र चहल ने क्रिकेट में बॉल को चमकाने के लिए लार के इस्तेमाल पर प्रतिबंध को गलत बताया है। ईशांत ने कहा कि 5 दिन के टेस्ट मैच में तेज गेंदबाज स्विंग के लिए बॉल को लार से चमकाते हैं। यदि ऐसा नहीं करेंगे तो बॉल स्विंग नहीं होगी और इसका पूरा फायदा बल्लेबाज को मिलेगा। उन्होंने कहा कि मुकाबला बराबर का होना चाहिए।

हाल ही में इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने कोरोनावायरस के कारण मैच के दौरान बॉल को चमकाने के लिए लार के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। हर टीम को एक पारी में दो बार चेतावनी दी जाएगी। तीसरी बार में पेनाल्टी के तौर पर बल्लेबाजी करने वाली टीम के खाते में 5 रन जोड़ दिए जाएंगे।

ईशांत ने स्टार स्पोर्ट्स के शो क्रिकेट कनेक्टेड में कहा, ‘‘यदि हम रेड बॉल (टेस्ट मैच में) को चमकाएंगे नहीं, तो वह स्विंग नहीं होगी। यदि स्विंग नहीं मिलेगी, तो बल्लेबाजों के लिए बॉल खेलना काफी आसान हो जाएगा। मेरा मानना है कि मुकाबला बराबर का होना चाहिए, न कि पूरा मैच बल्लेबाजों के पक्ष में करना चाहिए।’’

लार का इस्तेमाल ज्यादातर नई बॉल पर होता है

तेज गेंदबाज ने कहा, ‘‘हमें इसके लिए (लार के इस्तेमाल) ज्यादा सावधानी रखने की जरूरत होगी, क्योंकि हम मैच में बॉल को चमकान के लिए लार का इस्तेमाल करते रहते हैं। खासकर टेस्ट मैच में गेंदबाज इसके आदी होते हैं।’’ ईशांत ने कहा कि लार का इस्तेमाल ज्यादातर नई बॉल पर किया जाता है, जबकि पुरानी बॉल से रिवर्स स्विंग कराने के लिए पसीने का इस्तेमाल होता है।

बॉल ड्रिफ्ट नहीं होने से बल्लेबाजी करना आसान होगा

वहीं, स्पिनर युजवेंद्र चहल ने क्रिकेट वेबसाइट क्रिकइंफो से कहा, ‘‘जब आप बॉल को चमकाने लिए लार जैसी नेचुलर चीज का इस्तेमाल करते हैं, तो इससे तेज गेंदबाज को स्विंग और स्पिनर्स को ड्रिफ्ट कराने में मदद मिलती है। यदि एक स्पिनर के तौर पर मैं मैच के दौरान बॉल को ड्रिफ्ट नहीं कराउंगा, तो प्लेयर्स के लिए बल्लेबाजी करना काफी आसान हो जाएगा।’’

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