अंतरराष्ट्रीय शूटर दिलराज कौर की मां ने माँगा बेटी के लिए इंसाफ

देहरादून। अंतरराष्ट्रीय शूटिंग स्पर्धाओं में 24 गोल्ड, आठ सिल्वर, तीन ब्रांज मेडल जीतने के बावजूद शूटर व दिव्यांग खिलाड़ी दिलराज कौर को इंसाफ दिलाने के लिए उनकी बुजुर्ग मां गुरदीप कौर बुधवार को अकेले विधानसभा कूच के लिए पहुंच गईं। यहां उन्होंने दिलराज कौर को सरकारी नौकरी न देने के लिए नेताओं और अधिकारियों को जमकर खरी खोटी सुनाई।

अपनी बात कहते-कहते वह फफक-फफक कर रो पड़ीं। गुरदीप कौर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में दिलराज कौर ने देश और प्रदेश का नाम रोशन किया, लेकिन उन्हें सिवाय उपेक्षा के कुछ नहीं मिला। दिलराज कौर करीब एक माह से गांधी पार्क के सामने नमकीन, चिप्स बेच रही है।

बेहद निराश और भावुक दिख रही गुरदीप कौर ने कहा कि उन्हें लगा था कि उनकी हालत पर किसी का तो दिल पसीजेगा, लेकिन एक माह बाद भी सड़क पर एड़ियां घिसने के बाद उन्हें एहसास हो रहा है किसी को उनकी परवाह नहीं है। उनके पति की मृत्यु हो चुकी है, बेटा नहीं है, वह खुद बीमार हैं और उन्हें अपने बाद बेटी की चिंता है। उनके बाद दिव्यांग बेटी किसके भरोसे रहेगी। वह बैरीकैडिंग के पार विधानसभा जाकर अपनी बात रखना चाहती थीं। पुलिस ने उन्हें समझा बुझाकर वापस भेजा।

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