पछुवादून में नहीं दिखा भारत बंद आह्वान का असर

विकासनगर। दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में मंगलवार को आयोजित भारत बंद पछुवादून में असर नहीं दिखा। जौनसार-बावर के त्यूणी कस्बे में पूरे दिन बाजार बंद रहा। पछुवादून में विकासनगर सहित सभी बाजार पूर्व की भांति सुबह से ही खुले रहे। सडक़ों पर वाहनों की आवाजाही भी लगी रही।

इसके साथ ही सरकारी गैर सरकारी कार्यालय भी खुले रहे। किसान आंदोलन का समर्थन करने वालों ने भी जबरदस्ती बंद कराने की कोशिश नहीं की। सिर्फ बाजार में रैली निकाल कर लोगों से बंद को समर्थन देने की अपील करते रहे। पूरा दिन शांतिपूर्ण गुजरने पर प्रशासन को भी राहत मिली।

विकासनगर में सुबह नौ बजे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बाजार में किसान आंदोलन के समर्थन डाकपत्थर तिराहे से रैली निकाली। रैली के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता लोगों से बंद को सफल बनाने की अपील करते रहे। रैली में शामिल कांग्रेस कार्यकर्ता और किसान केंद्र सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए मंडी चौक पर एकत्र हुए और नुक्कड़ सभा का आयोजन किया।

इस दौरान बाजार की गतिविधियां सुचारु रहने के साथ ही सडक़ों पर वाहनों की आवाजाही भी लगी रही। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने डाकपत्थर, विकासनगर, हरबर्टपुर, सहसपुर, सेलाकुई, जमनपुर, सुद्धोवाला, झाझरा में नुक्कड़ सभाएं आयोजित कर सरकार विरोधी प्रदर्शन किए। सभी बाजारों की गतिविधियां सामान्य दिनों की भांति संचालित होती रही।

विकासनगर की रैली में कांग्रेस जिलाध्यक्ष संजय किशोर महेंद्रू, नगर अध्यक्ष शम्मी प्रकाश, जिला महामंत्री नसीम अहमद, राजीव शर्मा, हरीश ग्रोवर डोलू, विपुल जैन, संजय जैन, अभिनव ठाकुर, भाष्कर चुग, एंथोनी, शिवचरण, हर्षुल शर्मा, रिंकू कन्नौजिया, सु्बोध वर्मा, विकास शर्मा, अमित त्यागी, दिनेश चौहान, बलजीत सिंह आदि शामिल रहे।

उद्योपतियों के हाथों में गिरवी है केंद्र सरकार : नवप्रभात

भारत बंद के समर्थन में मंडी चौक पर आयोजित धरना प्रदर्शन में शामिल लोगों को संबोधित करते हुए पूर्व काबिना मंत्री नवप्रभात ने कहा कि केंद्र सरकार देश के चुनिंदा उद्योगपतियों के हाथों में गिरवी है। कहा कि देश एक ऐसी व्यवस्था की ओर जा रहा है, जिसका खामियाजा प्रत्येक नागरिक को भुगतना पड़ेगा।

देश के महत्वपूर्ण सार्वजनिक उपक्रम चार, छह बड़े घरानों के हाथों में जा रहे हैं। कहा कि नए कृषि कानूनों में कांट्रेक्ट फार्मिंग के तहत जो प्रावधान रखे गए हैं, उनसे किसान खुद के शोषण को रोकने के लिए अदालत भी नहीं जा सकते हैं। पूर्व काबिना मंत्री ने कहा कि कांग्रेस के किसी भी कार्यकर्ता ने जबरदस्ती बाजार बंद नहीं कराया है। अगर देश की यही व्यवस्था रही तो कुछ समय बाद सभी छोटे बाजार खुद ही बंद हो जाएंगे।

सेलाकुई में किसानों ने दिया धरना: अखिल भारतीय किसान सभा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नए कृषि कानूनों के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कुछ देर के लिए जमनपुर बस्ती में कुछ दुकानें बंद कराई। जमनपुर से कांग्रेस कार्यकर्ता और अखिल भारतीय किसान सभा से जुड़े लोग रैली निकाल कर सेलाकुई कस्बे की ओर बढ़े, लेकिन पुलिस ने रैली को मुख्य बाजार से पहले ही रोक दिया। जिसके बाद रैली में शामिल लोग एनएच किनारे धरने पर बैठ गए।

कांग्रेस के प्रदेश सचिव आकिल अहमद और सीपीआईएम के जिला सचिव कमरुद्दीन ने केंद्र सरकार पर किसानों के उत्पीडऩ का आरोप लगाया। रामपुर में भारतीय किसान यूनियन टिकैत ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। रैली में पूर्व प्रधान सुंदर थापा, शिव प्रसाद देवली, वाहिद इकबाल, हाजी नूर हसन, परवेज आदि शामिल रहे।

त्यूणी में रहा बाजार बंद: किसानों के समर्थन में आहूत भारत बंद का त्यूणी में व्यापक असर देखने को मिला। यहां सुबह से ही बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। व्यापारियों ने दुकानों के शटर पूरे दिन बंद रखे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बाजार में केंद्र सरकार के खिलाफ रैली निकाली। जेपीआरआर राष्ट्रीय राजमार्ग से शुरू हुई रैली, नया बाजार, गेट बाजार, गुतियाखाटल होते हुए तहसील परिसर में पहुंची। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नए कृषि कानून वापस लेने के लिए तहसील प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। रैली में ब्लाक अध्यक्ष लायकराम शर्मा, बलवीर चौहान, चतर सिंह, संतराम, आदित्य पंवार, कमल सिंह, शैलेंद्र पंवार, मातवर राणा, बारू दत्त नौटियाल आदि शामिल रहे।

चकराता, साहिया, कालसी में बंद का असर नहीं: जौनसार बावर के प्रवेश द्वार कालसी सहित प्रमुख व्यापारिक केंद्र साहिया और पर्यटन नगरी चकराता में बंद बेअसर रहा। हालांकि कालसी में सुबह दस बजे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बाजार बंद कराया लेकिन आधा घंटे के बाद व्यापारियों ने अपनी दुकानें खोल दी। जबकि साहिया और चकराता में बाजार सामान्य दिनों की भांति खुले रहे। चकराता में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एसडीएम को ज्ञापन सौंप कर नए कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग की।

प्रशासन रहा चौकन्ना: भारत बंद को प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस के समर्थन को देखते हुए पछुवादून में प्रशासन मुस्तैद रहा। सुबह से ही सडक़ों पर पुलिस बल तैनात था। कांग्रेस की रैली के दौरान पुलिस के जवान साथ चल रहे थे। जबकि सभा स्थल पर पुलिसकर्मी मौजूद रहे। सेलाकुई में रैली को मुख्य बाजार में जाने से रोकने पर कांग्रेस नेताओं ने विरोध दर्ज किया तो एसडीएम ने मौके पर पहुंच कर स्थिति को संभाला, जिसके बाद एसडीएम प्रशासनिक अमले के साथ विकासनगर मुख्य बाजार में कांग्रेस के सभा स्थल पर पहुंचे। धरना प्रदर्शन और रैली के दौरान सभी बाजारों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा।

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