पूज्य मोरारी बापू की 863वीं रामकथा माँ नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक में…

टीम डिजिटल : माँ नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक में (दिनांक 31 जुलाई से 8 अगस्त 2021) विराजमान होना तय हुई है। कोरोना काल की पूर्व कथाओं की भांति इस कथा में भी सीमित श्रोताओं को ही कथा स्थल पर आने की अनुमति है।

बापू का विनम्र अनुग्रह पूर्वक आदेश है कि केवल निमित्त मात्र यजमान और आयोजकों द्वारा पूर्व आमंत्रित श्रोता ही कथा स्थल में प्रवेश करें। एक ओर कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है वहीं दूसरी ओर अमरकंटक स्थान अति दुर्गम होने के कारण ज्यादा लोगों की व्यवस्था अत्यंत कठिन है।

अतः आयोजक और यजमान परिवार से न तो कथा में उपस्थिति का कोई आग्रह करें और न ही वह आकर हमे मना करने पर मजबूर करें। मना करना हमारे स्वभाव के विपरीत है। और यदि कोई ज़बरदस्ती आये तो उसे मना करने में हमे ज्यादा तकलीफ होती है।

*रामकथा* हम सभी के लिए है। इसका आनंद घर बैठे आस्था पर और यू ट्यूब चैनल पर लीजिये कथा में उपस्थित होना इतना आवश्यक नहीं जितना कथा में होना ज़रूरी है और कथा में आप घर बैठे भी प्रवेश कर सकते है। भाव के साथ इस सहयोग के लिए धन्यवाद!

जय सियाराम!

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