आयुर्वेदिक डॉक्टरों को सर्जरी का अधिकार दिए जाने के विरोध आईएमए ने किया प्रदर्शन

रुडकी। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने आयुर्वेदिक डॉक्टरों को सर्जरी का अधिकार दिए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। आईएमए से जुड़े डॉक्टरों ने मंगलवार को सिविल लाइंस के बोट क्लब पर एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन किया। चिकित्सकों ने भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद की ओर से जारी उस अधिसूचना पर आपत्ति दर्ज की है। जिसमें आयुर्वेदिक चिकित्सकों को सर्जरी की अनुमति दी गई है। इसे मिक्सोपैथी करार दिया।

बोट क्लब पर विरोध प्रदर्शन के दौरान आईएमए अध्यक्ष डॉ. विकास त्यागी ने कहा कि आयुर्वेद चिकित्सकों को सर्जरी के अनुमति दिया जाना सीधे-सीधे मरीजों की जान से खिलवाड़ है। इसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। केवल एलोपैथ में ही सर्जरी की अनुमति है, इसलिए इसके अलावा किसी अन्य पैथी को सर्जरी की अनुमति दिया जाना गलत है।

डॉ. अशंक ऐरन ने कहा कि आईएमए इस अधिसूचना का विरोध करता है। यदि इस को वापस नहीं लिया। जाता है तो वह अपना आंदोलन और तेज करेंगे। डॉ. वंदना ग्रोवर ने कहा कि चिकित्सा में सभी पैथी का अपना अलग महत्व है लेकिन इस प्रकार के निर्णय से भविष्य में इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

डॉ. शमीम अहमद ने कहा कि यदि सर्जरी को आयुर्वेद में शामिल किया जाता है तो एलोपैथ के लिए होने वाली एनईईटी, नीट जैसी परीक्षा औचित्यहीन हो जाती हैं। बोट क्लब पर जमा चिकित्सकों ने इस दौरान केंद्र सरकार से अधिसूचना जल्द वापस लेने की बात कही। चिकित्सकों ने अधिसूचना वापस नहीं लिए जाने तक इस प्रकार के विरोधों को जारी रखने की बात भी चिकित्सकों ने की।

अधिसूचना का विरोध करने वालों में डॉ.बीएस सैनी, डॉ. प्रवीण गोठी, डॉ.वीके सिंह, डॉ. पीके सिंह, डॉ. सुधीर अग्रवाल, डॉ. ज्योत्स्ना, डॉ अंकुर सैनी, डॉ. आनंद गोस्वामी, डॉ. श्री मोहन, डॉ. डीडी लुम्बा, डॉ. महिपाल आदि मौजूद रहे।

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