IIT ROORKEE और आर्यभट्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ ओबज़रवेशनल साइंसेस ने शैक्षणिक सहयोग के तहत सहमति ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए

रुड़की : इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, रुड़की (IITR) ने आर्यभट्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ ओबज़रवेशनल साइंसेस,नैनीताल के साथ शैक्षणिक सहयोग हेतु आपसी हितों के क्षेत्र में एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टेंडिंग (MOU) पर हस्ताक्षर किये। आईआईटी रुड़की और एरिज़, नैनीताल शोध और शिक्षा के क्षेत्र में विज्ञान, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट और सोशल साइंसेस संबंधी एक-दूसरे की शक्तियों को मान्यता देते हैं और एक-दूसरे के पारम्परिक हित में स्वयं के शैक्षिक सहयोग के लिए सहभागिता कर रहे हैं। इस सहमति ज्ञापन (MOU) का लक्ष्य एक-दूसरे से प्राप्त जानकारियों के आधार पर, सर्वश्रेष्ठ प्रयासों से, एक – दूसरे के हितों की रक्षा और लगातार विचारों के आदान-प्रदान से सहयोग करते हुए ज्ञान बढ़ाना है।

इसके अतिरिक्त आईआईटी रुड़की और आर्यभट्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ ओबज़रवेशनल साइंसेस ने सहमति व्यक्त की कि वे संयुक्त रूप से अनुसंधान में सहयोग करेंगे, परामर्श को बढ़ायेंगे और संकाय सदस्यों, वैज्ञानिकों और विद्यार्थियों का आदान-प्रदान करेंगे, वैज्ञानिक और तकनीकी मामलों को एक-दूसरे से साझा करेंगे, संयुक्त सम्मेलन, कार्यशालाएं और अल्पकालीन पाठ्यक्रम आयोजित करेंगे।

प्रमुख बिंदु:

* आईआईटी रुड़की के फिजिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग के विद्यार्थी आर्यभट्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ ओबज़रवेशनल साइंसेस के विभिन्न प्रकार के टेलिस्कोप्स पर प्रोजेक्ट संबंधी गतिविधियों में शामिल हो सकेंगे।
*इलेक्ट्रॉनिक्स व कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग के विद्यार्थी आर्यभट्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ ओबज़रवेशनल साइंसेस की हो रही माइक्रोवेव इंजीनियरिंग/ एटमॉस्फियरिक रडार पर चल रहे प्रोजेक्ट की गतिविधियों में सहभागी हो सकेंगे।
* कम्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग के विद्यार्थी आर्यभट्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ ओबज़रवेशनल साइंसेस की आर्टिफिशल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग, जो कि इसरो ISRO के भावी मिशन के अध्ययन के लिए ‘आदित्य एल-वन’ से जुड़े डाटा के विशलेषण से संबंधित है, के प्रोजेक्ट्स पर चल रही गतिविधियों में प्रतिभागिता कर सकते हैं।

इस अवसर पर, प्रोफेसर अजीत के चतुर्वेदी, निदेशक आईआईटी रुड़की ने कहा ,- ” इस भागीदारी का उद्देश्य आईआईटी रुड़की और आर्यभट्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ ओबज़रवेशनल साइंसेस के शोधकर्ताओं को एक-दूसरे के समीप लाना है ताकि उनकी तत्संबंधी शक्तियों को मिलाकर वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग संबंधी समस्याओं का हल मिलकर ढूँढा जा सके”।

आर्यभट्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ ओबज़रवेशनल साइंसेस की ओर से 1.04m, 1.3m और 3.6m अपरचर्स के 3 ऑप्टिकल टेलिस्कोप्स और एक आगामी 4m लिक्विड मिरर टेलिस्कोप प्रस्तुत होगा। नैनीताल शहर के कारण हाल ही में प्रकाश प्रदूषण में वृद्धि हुई है। हिमालय क्षेत्र में कई स्थानों पर किए गए व्यापक सर्वे के बाद आर्यभट्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ ओबज़रवेशनल साइंसेस ने अब एक नया साइट देवस्थल में विकसित किया है। देवस्थल कैम्पस में 1.3m, 3.6m तथा आगामी 4m लिक्विड मिरर टेलिस्कोप स्थापित किए गए हैं।

प्रोफेसर दीपंकर बनर्जी, डायरेक्टर आर्यभट्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ ओबज़रवेशनल साइंसेस ने अवगत करवाते हुए कहा, -” आर्यभट्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ ओबज़रवेशनल साइंसेस वैज्ञानिक उपकरणों को आईआईटी रुड़की को अपने श्रेष्ठ प्रयास करके प्रदान करने में सहायक होगा, जो कि एक-दूसरे के लाभ के लिए होगा और दोनों संस्थानों के विद्यार्थियों को सुविधाएं प्रदान करेगा।

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