सरकार कोरोना से मौत के आंकड़े छिपा रही : धस्माना

देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने प्रदेश सरकार पर जोरदार हमला किया। कहा कि सरकार कोरोना से मौत के आंकड़े छिपा रही है। वहीं, उन्होंने कोरोनाकाल में राहत के नाम पर प्रदेश की जनता से मजाक करने का आरोप लगाया। कहा कि प्रदेश सरकार तीस रुपये महीने की राहत देकर अपनी पीठ थपथपा रही है। त्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि सरकारी आंकड़ों के मुताबिक उत्तराखंड में सवा तीन लाख से अधिक लोग अब तक कोरोना से संक्रमित हुए हैं।

वहीं, मौत का आंकड़ा 6200 से अधिक है। उन्होंने कहा कि सरकारी आंकड़ों से अलग हकीकत कुछ और है। कोरोना से मरने वालों की असली आंकड़े कई गुना हैं। बहुत सारे ऐसे लोग हैं, जो पीक समय पर मरे, उनका आंकड़ा नहीं है। लोगों को वैक्सीन, वेंटीलेटर, ऑक्सीजन नहीं मिला, संक्रमित हुए और उनका रिकॉर्ड नहीं है। व्यापक पैमाने पर तबाही हुई, उसका असली आंकड़ा सरकार के पास नहीं है।

घरों में हुई मौतों का आंकड़ा भी सरकार के पास नहीं है। वहीं, हर दिन के आंकड़े में पिछली मौत के आंकड़े जोड़े जा रहे हैं। ऐसे में सवाल उठने लाजमी हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह ने घोषणा की थी कि हर मृतक के आश्रित को सरकारएक लाख रुपये देगी। आज तक किसी भी आश्रित को इस घोषणा के अनुरूप राशि नहीं दी गई।

कहा था परिवहन व्यवसाय से जुड़े दो लाख लोगों को राज्य सरकार एक एक हजार रुपये देगी, उसका भी आज साल भर बाद पता नहीं। उन्होंने राज्य की भाजापा सरकार पर महंगाई, कोरोना काल में स्वास्थ सेवाओं की बदइंतजामी व जनता को राहत के नाम पीडीएस में मिलने वाली चीनी पर तीस रुपया महीना प्रति परिवार के अपमानजनक राहत पर जोरदार हमला बोला।

कांग्रेस के प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि कोरोना काल के बीते पंद्रह महीनों में राज्य की प्रचंड बहुमत वाली भाजापा सरकार ने प्रदेश की जनता को कभी न भूलने वाले जख्म दिए हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी के इतने भयंकर दौर में भी भाजपा नेता कुर्सी की लड़ाई में इतने व्यस्त रहे कि उन्होंने जनता को उनके हाल पर छोड़ दिया और कोविड प्रथम और कोविड कि दूसरी लहर के बीच जो सात आठ महीने का समय मिला था उसका सदुपयोग नहीं किया।

सरकारी आंकड़ों से हकीकत अलग

कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा तंत्र को मजबूत करने में लगाने की बजाय भाजपा ने सीएम सीएम का खेल खेलने में बर्बाद कर दिया। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण आज राज्य में चार लाख के आंकड़े को छूने की तरफ है और मृतक दर देश में पहले पायदान को छू रही है। सरकारी आंकड़े में 6200 पार कर चुकी मृतक संख्या वास्तव में कई गुना है।

पूरी तरह विफल सरकार

राज्य की सरकार कहीं भी जनता के साथ खड़ी नहीं दिखाई पड़ी। धस्माना ने कहा कि दूसरी लहर में जिस प्रकार से लोग बिना आक्सीजन बिना अस्पताल में बैड आईसीयू बिना वेंटिलेटर और बिना दवा व इंजैक्शन के अभाव में मरे हैं। ये अपने आप में सरकार के पूर्ण रूप से फेलियर को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित रही और जनता को आज तक राहत नहीं मिली।

पिछले 15 महीनों में लोगों के रोजगार उजड़ गए। मेहनत मजदूरी व ध्याड़ी कर कमाने खाने वाले लोग पूरी तरह से बर्बाद हो गए। छोटे व्यापारी , परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोग, चार धाम यात्रा से जुड़े पांच लाख परिवार, ये सब बिना काम के बेरोजगार हो चुके हैं। सरकार ने किसी की मदद नहीं की।

एक रुपये प्रतिदिन की मदद लोगों से भद्दा मजाक

धस्माना ने कहा कि नए मुख्यमंत्री तीरथ रावत ने भी राहत के नाम पर अभी तक कुछ मदद नहीं की। अब कल शाम जो तीरथ कैबिनेट ने जो निर्णय किया वो राहत देने की जगह दुखी लोगों के जख्मों पर नमक लगाने जैसा है। उन्होंने कहा कि तीरथ कैबिनेट ने राज्य के राशन कार्ड धारकों को प्रति कार्ड दो किलो चीनी 25 रुपये किलो के हिसाब से देने की घोषणा की, जो शर्मनाक है। चीनी का बाजार भाव 40 रुपये किलो है।

ऐसे में कार्डधारक को एक माह में तीस रुपये का लाभ जनता को दिया गया। यानी एक दिन में एक परिवार को एक रुपये की राहत। इसमें भी सरकार अपनी पीठ ठोक रही है। धस्माना ने सीएम तीरथ सिंह से मांग की है कि वे जनता पर की गई इस तरह के भद्दे मजाक वाली मेहरबानी तुरंत वापस ले लें। या राज्य की जनता को प्रत्येक राशनकार्ड पर छह महीने तक दस किलो गेंहू, पांच किलो चावल, एक किलो चीनी, एक किलो दाल प्रति यूनिट मुफ्त दे।

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