उत्तराखंडवासियों के लिए खुशखबरी हरिद्वार और ऋषिकेश के बीच जल्द चलेगी मेट्रो ट्रैन

देहरादून : उत्तराखंडवासियों के लिए अच्छी खबर है। साल 2024 तक हरिद्वार और ऋषिकेश के बीच मेट्रो ट्रेन चल सकेगी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को हुई यूनिफाइड मेट्रोपोलिटन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (यूएमटीए) की बैठक में मेट्रो रेल परियोजना के प्लान को मंजूरी दे दी गई। कंप्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान (सीएमपी) के तहत दो चरणों में तीन शहरों हरिद्वार, ऋषिकेश और देहरादून के बीच मेट्रो लाइट ट्रेन संचालित की जाएगी। पहले चरण में हरिद्वार से ऋषिकेश के बीच मेट्रो लाइन वर्ष 2024 तक बिछाने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, देहरादून शहर में मेट्रो रेल कॉरपोरेशन नई दिल्ली के सहयोग से रोपवे प्रणाली विकसित की जाएगी। हरिद्वार शहर में पर्सनल रैपिड ट्रांजिट (पीआरटी) सिस्टम बनेगा। दूसरे चरण में नेपाली फार्म से देहरादून (विधानसभा) के बीच मेट्रो का प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। पहले चरण की अनुमानित लागत 14 हजार करोड़ रुपये है। इसके अलावा ऋषिकेश में श्री नीलकंठ महादेव मंदिर के लिए रोपवे भी प्रस्तावित है। बता दें कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में यूएमटीए का गठन किया गया है। इसमें उपाध्यक्ष पद पर आवास मंत्री, जबकि मुख्य सचिव सदस्य सचिव हैं। सचिव आवास, वित्त, परिवहन, नियोजन, राजस्व एवं शहरी विकास इसके सदस्य हैं। बैठक में एमडी उत्तराखंड मेट्रो रेल जितेंद्र त्यागी ने देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश मेट्रोलाइट सिस्टम पर विस्तार से प्रस्तुतिकरण दिया। इस अवसर पर उन्होंने हरिद्वार से ऋषिकेश, देहरादून से नेपाली फार्म तक मेट्रो लाइट के लिए रूट प्लान स्टडी के बारे में जानकारी दी। देहरादून व हरिद्वार शहर के लिए भी बनाई गई योजना के बारे में जानकारी दी गई। इस अवसर पर आवास मंत्री मदन कौशिक, प्रमुख सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव नितेश झा एवं सबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

दो चरणों में पूरी होगी मेट्रो रेल, पीआरटी, रोपवे की योजना

त्रिवेंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी मेट्रो रेल, रोपवे और पीआरटी योजना का निर्माण कार्य दो चरणों में पूरा होगा। पहले चरण में हरिद्वार से ऋषिकेश और दूसरे चरण में नेपाली फार्म से देहरादून तक मेट्रो लाइन का निर्माण कार्य किया जाएगा। सरकार ने मेट्रो रेल का किराया भी प्रस्तावित कर दिया है। इसमें दो किमी. तक 20 रुपये प्रति यात्री किराया तय किया गया है। यूएमटीए की बैठक में मेट्रो रेल, रोपवे और पीआरटी को मंजूरी दी गई है। हरिद्वार से ऋषिकेश और नेपाली फार्म से देहरादून तक मेट्रो रेल बनने से लोगों में आरामदायक सफर मिलेगा। वहीं, देहरादून में रोपवे और हरिद्वार में पर्सनल रेपिड ट्रांसपोर्ट (पीआरटी) यानी पॉड कार का निर्माण किया जाएगा। इससे लोगों को शहर में लगने वाले जाम से निजात मिलेगी। सरकार का मनाना है कि मेट्रो रेल 2024 तक तैयार हो जाएगी। वहीं, रोपवे और पीआरटी का निर्माण कार्य शुरू होने के एक साल के भीतर पूरा जाएगा। हरकी पैड़ी से चंडी देवी और ऋषिकेश से नीलकंठ के लिए रोपवे की मंजूरी हरिद्वार के हरकी पैड़ी से चंडी देवी और ऋषिकेश से नीलकंठ के लिए रोपवे का निर्माण किया जाएगा। इन धार्मिक स्थलों के लिए रोपवे बनने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेेगा।

मेट्रो रेल का प्रस्तावित किराया

दूरी प्रस्तावित किराया प्रति यात्री
0-2 किमी. 20 रुपये
2-5 किमी. 30 रुपये
5-12 किमी. 50 रुपये
12-21 किमी. 60 रुपये
21-32 किमी. 80 रुपये
32 किमी से अधिक 100 रुपये

 

देहरादून में रोपवे के लिए ये होंगे रूट

देहरादून शहर में सामान्य परिवहन के लिए रोपवे प्रणाली को मंजूरी मिल गई है। एफआईआर से घंटाघर होकर रिस्सना और आईएसबीटी से घंटाघर होकर कंडोली, मधुबन होटल तक रोपवे बनाने की योजना है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई यूएमटीए की बैठक में मेट्रो रेल परियोजना को मंजूरी दी गई है। दो चरणों में यह परियोजना पूरी होनी है। इसके लिए अब डीपीआर तैयार की जाएगी। हम यह मानकर चल रहे हैं कि समय से प्रक्रियाएं पूरी हुई तो हरिद्वार और ऋषिकेश के बीच का 33 किलोमीटर ट्रेक वर्ष 2024 तक पूरा कर लेंगे। नेपाली फार्म से देहरादून प्रोजेक्ट दूसरे चरण में किया जाएगा। देहरादून शहर में रोपवे निर्माण भी पहले चरण में होगा। इसके लिए दिल्ली मेट्रो से सहयोग लिया जा रहा है।
– मदन कौशिक, कैबिनेट मंत्री

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