एक्सक्लूसिव : भाजपा नेता की गोली मारकर हत्या

रुद्रपुर। पंतनगर शांति पूरी में भाजपा महानगर मण्डल संदीप कार्की की गोली मरकर हत्या कर दी। बता दे की संदीप कार्की अपने ही क्षेत्र में थे की बेखौफ बदमाशों ने आकर उन्हें गोली मार दी। इस पूरी घटना से क्षेत्र में हड़कप मच गया है और पुलिस भी सतर्क हो गई है। आनन फानन में भाजपा नेता को किच्छा के चिकिल्सलय ले जाया गया जहा उसकी हालत नाजुक ने देख चिकत्सको रेफर कर दिया। जिसके बाद भाजपा नेता को रुद्रपुर के मेडिसिटी हॉस्पिटल में भर्ती किया और डॉक्टर ने जाँच की लेकिन उनकी जब तक जान जा चुकी थी जहा डॉक्टरों ने भाजपा नेता को मृत घोषित कर दिया।

सुचना पर पहुंची पुलिस के अला अधिकारियो ने शव को कब्जे में लेकर पंचनमा भर पोस्टमाटर्म के लिए भेजा है। बता दे की गत रात्रि भी जनपद उधम सिंह नगर के काशीपुर में बदमाशों ने युवक पर फायरिंग की इससे साफ जाहिर होता है की अपराधियों में पुलिस का खौफ पूरी तरह खत्म हो गया है। बता दे पुलिस ने भाजपा नेता की हुई मौत की जाँच शुरू कर दी है और जल्द ही आरोपियों को जेल भेजा जायेगा।

इस वजह से हुआ था विवाद

शांतिपुरी में बड़े पैमाने पर अवैध खनन हो रहा है. मृतक संदीप बीजेपी के पन्तनगर मंडल का महामंत्री था. बीजेपी नेता और आरोपी ललित दोनों ही खनन कार्य से जुड़े थे और आपस मे दोस्त ही थे. बताया जा रहा है कि हत्यारे ललित मेहता के डम्पर में मृतक और साझेदार ने जेसीबी से खनिज भरा था, जिसका पैसा ललित ने नहीं दिया था. इसको लेकर उनकी अनबन भी हुई थी. इस बीच शनिवार की सुबह खनन के रास्ते को लेकर विवाद हुआ था. दरअसल ललित ने अपना वाहन रास्ते पर खड़ा कर दिया था और इसके बाद विवाद हो गया था. इसी विवाद में आरोपी ललित ने पहले दो लोगों के ऊपर अवैध असलहा तान कर धमकाया था, लेकिन संदीप ने बीच बचाव कर दिया था.

इसके बाद तमतमाये ललित ने पहले हवाई फायर किया और उसके बाद संदीप कार्की के सीने में असलहा सटाकर गोली मार दी. वहीं, घटना स्थल पर हड़कंप मच गया. आनन फानन में संदीप को पहले किच्छा अस्पताल से हायर सेंटर ले जाया गया, लेकिन हालत नाजुक होने पर उसे रुद्रपुर के निजी अस्पताल लाया गया,जहां डॉक्टर ने उसको मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद गांव में मातम है और परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है.

खनन ने बुझा दिए कई घरों के दीपक

उधम सिंह नगर के बाजपुर और शांतिपुरी में खनन को लेकर विवाद में गोलियां चलनी आम बात है और इसी को लेकर कई लोगों को जान गंवानी पड़ी है. शांतिपुरी की बात करें तो खनन को लेकर पहली हत्या साल 1999 में हुई थी, जिसमें हरीश रावत नाम के ग्रामीण ने जान गंवाई थी. साल 2001 में शांतिपुरी नंबर दो में दो युवक मुन्ना और नीतू की हत्या कर दी गई थी. इसके बाद वर्ष 2003 में खनन के वर्चस्व को लेकर योगेंद्र चौहान की गोली मार कर हत्या कर दी थी. हालांकि इसके बाद कुछ वर्ष शांति रही थी, लेकिन साल 2009 में रोहित तिवारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई. इसके बाद 2014 में शांतिपुरी के रहने वाले और खनन कारोबारी प्रताप बिष्ट की हत्या हुई थी. वहीं, अब अवैध खनन को लेकर भाजपा नेता संदीप कार्की की हत्या कर दी गई है.

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