देवपथ विशेष साक्षात्कार : पहाड़ की शान, युवा समाजसेवी भूपेंद्र कोरंगा के जीवन पर एक ख़ास नज़र

टीम “देवपथ” की युवा समाजसेवी, युवाओं के प्रेरणा कम उम्र में समाज में सकारात्मक उदाहरण पेश करने वाले भूपेंद्र कोरंगा से ख़ास बातचीत।

आइए युवा समाजसेवी भूपेंद्र कोरंगा के जीवन पर डालते है प्रकाश …

भूपेंद्र कोरंगा का जन्म 06 नवम्बर 1998 को उत्तराखंड प्रदेश के बागेश्वर जिले के कपकोट तहसील के एक छोटे से गांव लीती में एक साधारण परिवार में हुआ। प्रारंभिक शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर शामा, लीती एवं इंटर विवेकानंद विद्या मंदिर बागेश्वर में संपन्न हुई। स्कूली शिक्षा के दौरान गायन में रुचि के कारण 2013 में इंडियन आइडल शो में प्रतिभाग, 2014 में संस्कृत क्लासिकल म्यूजिक कॉम्पटीशन में प्रदेश में प्रथम स्थान एवं कई लाइव शो किए। स्काउट गाइड संस्था के माध्यम से राज्यपाल पुरस्कार भी प्राप्त किया। स्कूल के समय है कई समाजसेवी संस्थाओं, एनजीओ से जुड़े और समाजसेवा के लिए प्रेरित हुए। उनका मानना है कि मानव को सिर्फ अपने लिए नहीं बल्कि दूसरे के हित में भी सोचना चाहिए। यही मानव धर्म है।

वर्तमान में कई संगठनों से जुड़कर कर रहा हूं राष्ट्रहित में काम :- भूपेंद्र

भूपेंद्र कोरंगा कई संगठनों से जुड़कर देश-प्रदेश की तरक्की को लेकर कार्य करते आए हैं। निम्न संगठन है जिनसे जुड़कर भूपेंद्र कोरंगा समाज को प्रेरणा दे रहे हैं।

1- प्रदेश संयोजक युवा विकास संगठन उत्तराखंड।
2- सदस्य वन्दे मातरम् ग्रुप हल्द्वानी।
3- सदस्य सवाल संगठन उत्तराखंड।
4- प्रदेश अध्यक्ष उत्तराखंड राष्ट्रीय सूचनाधिकार, मानवाधिकार एवं पर्यावरण संरक्षण संगठन।
5- संस्थापक/डायरेक्टर आयुरविजन ग्रुप।
6- संस्थापक / अध्यक्ष देवभूमि गौ सेवा ट्रस्ट।

समाज की समस्या को निडरता से पहुंचाते हैं शासन-प्रशासन तक :- भूपेंद्र

अपने क्षेत्र और समाज की कई समस्याओं (संचार, शिक्षा, सड़क, चिकित्सा) को भूपेंद्र कोरंगा ने कई संगठनों के माध्यम से शासन प्रशासन तक पहुंचाने का काम किया है। कई बार प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को समाज हित में काम ना करने के संबंध में विवादों में भी रहें हैं।

समाजसेवा प्राथमिक लक्ष्य :- भूपेंद्र कोरंगा

अपना जन्मदिन कई बार वृद्धाश्रमों, अनाथालयों में मनाने वाले भूपेंद्र कोरंगा कई लोगों के लिए प्रेरणा है। कोविड-19 के प्रथम चरण में भूपेंद्र कोरंगा ने आयुरविजन ग्रुप के माध्यम से प्रदेश में कई जरुरतमंदो को राशन वितरित किया। प्रदेश से बाहर फसें हुए कई प्रवासियों को घर वापस आने मेे सहयोग किया।

कोविड-19 के दूसरे चरण में प्लाज्मा मुहैया करवाना। वन्दे मातरम् ग्रुप के माध्यम से उत्तराखंड प्रदेश के पर्वतीय गावों में मेडिकल किट ( मास्क, सेनिटाइजर, ऑक्सीमीटर थर्मामीटर, थर्मल स्कैनर, वेप राइजर, एवं जरूरी दवाइयां) पहुंचाई। भूपेंद्र कोरंगा ने कहा कि समाज में लोगों की हर एक परिस्थिति में हर संभव सेवा करना ही जिंदगी का असली मकसद है।

5 बार रक्तदान करके लोगों को किया है प्रेरित :- भूपेंद्र कोरंगा

भूपेंद्र कोरंगा ने पहली बार 18 साल की वर्ष में एक जरूरतमंद को रक्त दिया। जिसके बाद हर वर्ष 15 अगस्त को रक्तदान करने का संकल्प लिया। पांचवीं बार भूपेंद्र कोरंगा ने मई 2021 को रक्तदान कर वैक्सीन लगने से पहले रक्तदान करने के लिए समाज को संदेश दिया। उन्होंने सभी युवाओं से अपील की सभी को साल में एक बार रक्तदान जरूर करना चाहिए।जिससे कई लोगों की जान को बचाया जा सकें। साथ साथ ही उन्होंने कहा कि रक्त देने के किसी भी प्रकार का गलत असर शरीर को नहीं पड़ता है। इसलिए रक्तदान करने से डरे नहीं।

उत्तराखंड की संस्कृति को प्रचारित करना एवं छुपी हुई प्रतिभा को मंच देने का किया है सदैव प्रयास :- भूपेंद्र कोरंगा

उत्तराखंड की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए भूपेंद्र कोरंगा अपने गांव लीती में पिछले पांच साल से बसंत पंचमी के दिन बसंतोत्सव का आयोजन करते हैं। जहां पर उत्तराखड की पुरातन संस्कृति का प्रदर्शन होता है। उनके द्वारा कपकोट में कपकोट महोत्सव का आयोजन क्षेत्रीय कलाकारों को मंच प्रदान करवाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। आयुरविजन ग्रुप के माध्यम से उत्तराखंड के सैकड़ों कलाकारों को द वॉइस ऑफ हिल सिंगिग रियलिटी शो आयोजित करवा कर मंच देने का काम किया है। इसके अलावा उत्तराखंड की ऐपण कला को बढ़ावा देने के लिए प्रतियोगिता करवाकर कई ऐपण कलाकारों को एकजुट करके ऐपण कला को राष्ट्रीय, अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य पर कार्य किया है। भूपेंद्र कोरंगा ने बताया कि भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजन करवाते रहेंगे जिससे उत्तराखंड की छुपी प्रतिभा और उत्तराखंड की संस्कृति को उपलब्धियों तक पहुंचेगी।

बतौर मोटीवेशनल स्पीकर भी कई शहरों में जाकर सेमिनार कर कई लोगों को किया है मोटिवेट :- भूपेंद्र कोरंगा

भूपेंद्र कोरंगा एक अच्छे वक्ता भी हैं, जिनके द्वारा कई गोष्ठियों में संचालन भी किया जा चुका है। इसके अलावा कई लोगों, कई विद्यार्थियों को जीने की कला, हमेशा प्रेरित रहकर अपने लक्ष्य प्राप्ति के लिए काम करना, अपने सपनों को प्राथमिकता देना, जिंदगी का मैनेजमेंट जैसे कई विषयों पर मोटीवेशनल सेमिनार कर कई लोगों को प्रशिक्षित किया है। देश के कई मोटिवेशनल स्पीकर एवं लाईफ कोच के मागदर्शन में कार्य किया है। उनका यूट्यूब पर भी एक चैनल है जिसके माध्यम से लोगों तक प्रेरणादाई उदाहरणों और संदेश को प्रसारित करते हैं। भविष्य में भूपेंद्र कोरंगा की रूपरेखा है कि निशुल्क सेमिनार के माध्यम से विद्यार्थियों और महिलाओं को प्रेरित करेंगे।

मेरा पूरा जीवन गौ माता की रक्षा को रहेगा समर्पित :- भूपेंद्र कोरंगा।

अपने 3 युवा मित्रों के साथ मिलकर लावारिश गायों के संरक्षण हेतु देवभूमि गौ सेवा ट्रस्ट का निर्माण भूपेंद्र कोरंगा द्वारा किया गया है। इस मिशन मेे उनके साथ धीरे धीरे कई लोग जुड़ रहें हैं। लोग दूध देनें के बाद गौ माता को घर से बाहर कर देते हैं,उसके बाद समाज मेे कई लोग उन गायों के साथ बूरा व्यवहार करते हैं। गौ आवास बनाकर उन सभी लावारिश गायों के संरक्षण का कार्य कर रहे हैं। भूपेंद्र कोरंगा ने बताया कि देवभूमि गौ सेवा ट्रस्ट के स्वयंसेवक पूरे देश भर में बनाएं जाएंगे, जिससे पूरे देश के कई अन्य लोगों के माध्यम से इस नेक कार्य में हमको सहयोग मिलेंगा। बहुत जल्द कई जगहों पर गौ रक्षा जागरुकता कार्यक्रमों का आयोजन एवं गौ- आवास का निर्माण बहुत तेजी से होगा।

“मेरे प्राण मेरा पहाड़” मेरा नारा है :- भूपेंद्र कोरंगा।

सोशल मीडिया में कई बार भूपेंद्र कोरंगा अपने पोस्टों में “मेरे प्राण मेरा पहाड़” लिखते हैं, भूपेंद्र कोरंगा का कहना है कि पहाड़ उनके लिए उनका प्राण है। हमेशा पहाड़ में रहकर पहाड़ के लिए और पहाड़ के लोगों के लिए निस्वार्थ भाव से सेवा करेंगे। पहाड़ और पहाड़ के लोगों के जीवन से उनकी कई संवेदनाएं जुड़ी हुई है। अपने पहाड़ और पहाड़ के लोगों के विकास के लिए भविष्य में कोई भी कदम उठाना पड़े वो उठाएंगे ऐसा भूपेंद्र कोरंगा का कहना है। भूपेंद्र कोरंगा का कहना है कि पहाड़ को बचाने के लिए भू कानून बहुत जरूरी है। उत्तराखंड के भू-कानून की मांग के लिए कई संगठनों के साथ मिलकर वो बहुत जल्द बड़े स्तर पर सरकार तक बात पहुंचाएंगे। उन्होंने सभी उत्तराखंड वासियों से अपील की है कि वो भी भू कानून की मांग का समर्थन करें। साथ ही युवाओं से पहाड़ आकर स्वरोजगार अपनाने की बात कही।

युवाओं को आगे बढ़कर करना चाहिए समाजसेवा में प्रतिभाग :- भूपेंद्र

भूपेंद्र कोरंगा का कहना है कि युवा ही हमारे राष्ट्र की शक्ति है। जहां युवा वर्ग एकजुट हो जाएगा तो बहुत बड़ी क्रांति पैदा हो सकती है। यदि देश का प्रत्येक युवा एक महीने की कमाई का 5% और महीने में 10 घंटे भी निस्वार्थ भाव से देता है तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन जरूर आएगा। युवाओं के पास जिम्मेदारियां शादी से पहले काम होती है जिस कारण वह अपना समय समाज सेवा में दे सकता है। भूपेंद्र कोरंगा ने युवाओं से नशा नहीं करने की अपील के साथ एकजुट होकर समाज में अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए समाज हित में कार्य करना चाहिए।

माता-पिता, गुरुजनों और मित्रों का हमेशा रहा साथ और मार्गदर्शन :- भूपेंद्र

भूपेंद्र कोरंगा ने कहा कि उनके प्रत्येक कामों में माता-पिता की सहमति, आशीर्वाद, और दोस्तों का मार्गदर्शन रहता है। आज भी जिन अध्यापकों ने उन्हें स्कूल में अध्ययन करवाया है वो संपर्क में हैं, जिनसे भूपेंद्र कोरंगा समय-समय पर मार्गदर्शन लेते रहते है। भूपेंद्र कोरंगा का कहना है कि जब भी उनकी अपने गुरुजनों से बात होती है तब-तब उन्हें और अधिक शक्ति कार्य करने के लिए मिलती है। माता-पिता, गुरुजनों और मित्रों का प्रत्येक कार्यों में सहयोग मार्गदर्शन मिलना भूपेंद्र कोरंगा की कार्य शक्ति को हमेशा बढ़ावा देता है।

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