रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने थपथपाई त्रिवेंद्र सरकार की पीठ

देहरादून : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उत्तराखंड परिश्रम और पराक्रम की धरती है। उन्होंने प्रदेश सरकार की कांट्रैक्ट फार्मिंग मॉडल एक्ट और गौरा देवी कन्याधन योजना की तारीफ की। कोविड-19 महामारी की रोकथाम को लेकर भराड़ीसैंण में बनाए गए क्वारंटीन सेंटर को लेकर भी उन्होंने त्रिवेंद्र सरकार की पीठ थपथपाई। राजनाथ ने कहा कि केंद्र सरकार की टीम ने भराडीसैंण में बनाए गए क्वारंटीन सेंटर की प्रशंसा की है। उन्होंने मेट्रो रेल योजना और भ्रष्टाचार मुक्त सरकार देने और गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित करने पर भी त्रिवेंद्र सरकार की सराहना की। कहा कि जीरो टालरेंस की नीति के तहत त्रिवेंद्र सरकार ने 150 लोगों को जेल भेजने का काम किया। उन्होंने केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों का भी जिक्र किया। कहा कि पीएम मोदी इसकी समीक्षा कर रहे हैं। उनका प्रयास है कि केदारनाथ का स्वरूप यात्रियों के लिए इको फ्रेंडली हो सके। देहरादून में प्रदेश भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के अलावा पार्टी के सभी सांसद, विधायक, पदाधिकारियों को अलावा गढ़वाल ही नहीं प्रदेश भर के सभी कार्यकर्ता रैली से ऑनलाइन जुड़े थे। रक्षा मंत्री ने उत्तराखंड से अपने पुराने संबंधों का जिक्र किया। राज्य के विकास में पूर्व मुख्यमंत्री नित्यानंद स्वामी, कोश्यारी, बीसी खंडूड़ी, डॉ. निशंक और त्रिवेंद्र के योगदान को सराहा। उन्होंने कहा कि पार्टी की परंपरा है कि उसने एक साल में क्या क्या किया, यह रिपोर्ट कार्ड लेकर वह जनता के बीच जाती है। कोविड-19 के चलते जनता के बीच जाकर संवाद करना संभव नहीं है। इसलिए वर्चुअल रैली के माध्यम से जनता संवाद किया जा रहा है। दिल्ली से प्रदेश पार्टी प्रभारी श्याम जाजू और केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने संबोधित किया। प्रदेश पार्टी कार्यालय से प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत और मुख्यमंत्री ने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार किया। मंच पर सांसद तीरथ सिंह रावत भी उपस्थित थे। इस अवसर पर प्रदेश संगठन महामंत्री अजय कुमार, पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी भी उपस्थित थे। पार्टी प्रवक्ता विनय गोयल ने कविता पाठ किया।

2022 तक एक भी व्यक्ति नहीं होगा बेघर

राजनाथ सिंह ने कहा कि 2022 तक देश में एक भी व्यक्ति ऐसा नहीं होगा, जिसके सिर पर पक्की छत न हो। उन्होंने मोदी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि छह वर्षों में केंद्र सरकार ने ढाई करोड़ मकान बनाए। 10 करोड़ शौचालयों का निर्माण कराया। ढाई करोड़ घरों में बिजली पहुंचाई। साढ़े आठ करोड़ महिलाओं को एलपीजी सिलेंडर दिए। आयुष्मान भारत में गरीब बीमार को गोल्डन कार्ड दिया, ताकि वह पांच लाख तक मुफ्त इलाज करा सके। 9.50 करोड़ किसानों को पेंशन दिलाई। सवा दो करोड़ को अटल पेंशन योजना का लाभ दिया। 25 करोड़ घरों तक पानी पहुंचाने के लिए हर घर नल की योजना शुरू की, इसके लिए अलग मंत्रालय बनाया। वन नेशन वन राशन कार्ड योजना शुरू की। 20 लाख करोड़ का आर्थिक पैकेज दिया ताकि कोविड -19 से उपजे हालातों के बीच रोजगार के संकट को दूर किया जा सके। एमएसएमई योजना परिभाषा ही बदल दी। तीन लाख करोड़ रुपये की बगैर गारंटी ऋण प्राप्त करने की व्यवस्था की।

आत्मनिर्भर भारत का करेंगे संकल्प

उन्होंने कहा कि छह वर्ष में देश ने काफी तरक्की की। अंतरराष्ट्रीय जगत में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी। जब देश आगे बढ़ रहा था, तो कोविड-19 महामारी की चुनौती खड़ी हो गई। दुनिया का कोई देश इससे अछूता नहीं है। पीएम ने सूझबूझ के साथ इस चुनौती से मुकाबला करने का प्रयास किया, जिसकी पूरी दुनिया और विश्व स्वास्थ्य संगठन सराहना कर रहा है। हम स्वास्थ्य सुरक्षा ढांचे को मजबूत किया। आज हम पीपीपी किट बना ही नहीं रहे हैं दुनिया के देशों को एक्सपोर्ट भी कर रहे हैं। हमारा संकल्प पक्का है कि हम सशक्त, स्वाभिमानी आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करेंगे।

राजनाथ को गृह मंत्री बोल गए भगत

प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत अपने संबोधन में राजनाथ सिंह को गृह मंत्री बोल गए। बाद में उन्हें इस गलती का एहसास हुआ।

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