कोरोना अपडेट : उत्तराखंड में चारधाम यात्रा शुरू होते ही मंडराने लगा कोरोना संक्रमण का खतरा, जानिए रविवार का ताजा कोरोना अपडेट

देहरादून : उत्तराखंड में डेढ़ साल के बाद एक दिन में सबसे कम कोरोना संक्रमित मिले हैं। रविवार को चार जिलों में सिर्फ छह लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। प्रदेश में चारधाम यात्रा शुरू होने के साथ संक्रमितों की संख्या घटने से बड़ी राहत है। इसी के साथ कुल संक्रमितों की संख्या 343382 हो गई है।

केरल, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश समेत अन्य राज्यों में जहां कोरोना संक्रमित मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। वहीं, उत्तराखंड में संक्रमित मरीजों में कमी आई है। कोविड काल के डेढ़ साल के बाद एक दिन में सबसे कम संक्रमित मरीज मिले हैं। इससे पहले 18 मई 2020 को प्रदेश में चार मरीज मिले थे।

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक रविवार शाम को प्रदेश में 14861 सैंपलों की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई है। देहरादून में तीन, हरिद्वार, नैनीताल व रुद्रप्रयाग जिले में एक-एक संक्रमित मिला है। नौ जिलों में कोई नया मरीज नहीं मिला है। जबकि 15 मरीज स्वस्थ हुए हैं। इन्हें मिलाकर 329634 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। प्रदेश में अब तक 7390 कोरोना मरीजों की मौत हो चुकी है। प्रदेश में 273 सक्रिय मरीजों का इलाज चल रहा है। प्रदेश की रिकवरी दर 96 प्रतिशत दर्ज की गई है।

कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए पूरी निगरानी रखी जा रही है। प्रदेश में संक्रमितों मरीजों की संख्या कम हुई है लेकिन अभी संक्रमण का खतरा कम नहीं हुआ है। लोगों को कोविड प्रोटोकाल का पालन कर संक्रमण से बचाव करना है।
– डॉ. पंकज कुमार पांडेय, सचिव स्वास्थ्य

प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या घट रही है, लेकिन अभी हमें संक्रमण को लेकर और सतर्कता बरतने की जरूरत है। चारधाम यात्रा शुरू हो चुकी है। साथ ही त्योहारी सीजन आने वाला है। ऐसे में कोविड प्रोटोकॉल का पालन पर विशेष ध्यान देना होगा। लापरवाही बरतने पर कोरोना संक्रमण बढ़ने का खतरा हो सकता है।
– अनूप नौटियाल, अध्यक्ष, सोशल डेवलपमेंट फॉर कम्युनिटी फाउंडेशन

चारधाम यात्रा शुरू होते ही मंडराने लगा कोरोना संक्रमण का खतरा 

चारधाम यात्रा शुरू होने के बाद भी यूपी-उत्तराखंड बॉर्डर पर पुलिस की सख्ती नजर नहीं आ रही है। रविवार को यूपी समेत मैदानी राज्यों से आने वाले यात्री वाहन और प्राइवेट टैक्सियां नगर में प्रवेश करते रहे। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से बॉर्डर पर आरटीपीसीआर की व्यवस्था की गई है, लेकिन पुलिस की ओर से वाहनों को न रोकने के कारण सुबह दस बजे तक एक भी आरटीपीसीआर नहीं हो पाई थी। जिससे नगर में एक बार फिर कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है।

हाईकोर्ट से चारधाम यात्रा पर लगी रोक हटने के बाद शनिवार से चारधाम यात्रा शुरू हो गई है। सरकार ने चारधाम यात्रा के लिए आरटीपीआर निगेटिव रिपोर्ट साथ लाना अनिवार्य किया है। साथ ही उत्तराखंड के पोर्टल पर पंजीकरण और जिन लोगों को कोविड वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है, उनको वैक्सीनेशन सार्टिफिकेट साथ लाना अनिवार्य किया है। हालांकि कोटद्वार से चारधाम यात्रा का रूट तय नहीं है, लेकिन देवप्रयाग-ऋषिकेश मार्ग बरसात से खस्ताहाल होने के कारण मैदानी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में वाहन कोटद्वार से भी चारधाम यात्रा के लिए निकल रहे हैं।

मैदानी क्षेत्रों से प्राइवेट कारें, टैक्सियां, कैब समेत अन्य यात्री वाहन एक के बाद एक धड़ल्ले से नगर में प्रवेश करते रहे। पुलिस प्रशासन की सख्ती नहीं होने के कारण वाहन सीधे नगर में प्रवेश कर रहे हैं। ऐसे में यदि प्रशासन की ओर से सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो नगर में कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ जाएगा।
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इस संबंध में अभी शासन स्तर से कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। पूर्व की व्यवस्था के तहत नियमित वाहनों की आवाजाही हो रही है। नए निर्देश प्राप्त होने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
– मुक्ता मिश्रा, एसडीएम कोटद्वार।

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