कोरोना अपडेट : उत्तराखंड में गुरूवार को सामने आये 64 संक्रमित मरीज, वहीं एक भी संक्रमित मरीज की मौत नहीं हुई

देहरादून : उत्तराखंड में बीते 24 घंटे में 64 संक्रमित मिले हैं। वहीं एक भी संक्रमित मरीज की मौत नहीं हुई है। जबकि 120 मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया वहीं, सक्रिय मामलों की संख्या घटकर 1445 पहुंच गई है।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, गुरुवार को 24363 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। बागेश्वर जिले में एक भी संक्रमित मरीज सामने नहीं आया है। वहीं, अल्मोड़ा में चार, चमोली में पांच, चंपावत में दो, देहरादून में 17, हरिद्वार में 13, नैनीताल में चार, पौड़ी में चार, पिथौरागढ़ में चार, रुद्रप्रयाग में तीन, टिहरी में तीन, ऊधमसिंह नगर में चार और उत्तरकाशी में एक मामले सामने आए हैं।

प्रदेश में अब तक कोरोना के कुल संक्रमितों की संख्या तीन लाख 41 हजार 23 हो गई है। इनमें से तीन लाख 26 हजार 267 लोग ठीक हो चुके हैं। प्रदेश में कोरोना के चलते अब तक कुल 7338 लोगों की जान जा चुकी है।

हरिद्वार के सभी टीकाकरण केंद्रों पर लटके ताले 

हरिद्वार शहर के सभी टीकाकरण केंद्रों पर दो दिन से ताले लटके हैं। टीकाकरण नहीं होने से सैकड़ों लोग परेशान हैं। जानकारी के अनुसार अगले दो दिन भी वैक्सीन का कोटा मिलने की संभावना नहीं है।

मंगलवार को जनपद के कुछ केंद्रों पर टीकारण हो पाया था। बुधवार और बृहस्पतिवार को शहर व देहात के सभी टीकाकरण केंद्र बंद हो गए हैं। बृहस्पतिवार सुबह भी बड़ी संख्या में लोग शहर के टीकाकरण केंद्रों पर पहुंचे थे। घंटों इंतजार करने के बाद मायूस होकर लौट गए। कई लोग एक केंद्र से दूसरे केंद्रों का चक्कर काटते रहे।

सभी केंद्रों पर वैक्सीन नहीं होने का नोटिस चस्पा किया गया है, लेकिन कहीं कोई यह बताने को तैयार नहीं कि डोज कब तक आएगी। इस बात को लेकर लोगों में नाराजगी देखी गई। उधर, एसीएमओ डॉ. अजय कुमार का कहना है कि टीकाकरण की डोज मिलने का इंतजार किया जा रहा है।

फैक्टरी में काम करता हूं। टीकाकरण के लिए कई बार आ चुका हूं। हर बार खाली हाथ लौटना पड़ता है। सरकार को टीकाकरण के लिए पर्याप्त डोज की व्यवस्था करनी चाहिए।
चंद्र, ज्वालापुर

दो दिन से टीका लगवाने के लिए आ रही हूं। टीकाकरण केंद्र ही बंद पड़े हुए हैं। बंद पड़े टीकाकरण पर कोई बताने वाला भी नहीं मिलता कि कब टीके लगेंगे।
– पूनम, ज्वालापुर 

शहर में टीकाकरण केंद्र बंद पड़ होने से परेशानी हो रही है। कंपनी से छुट्टी लेकर कई बार आते हैं। केंद्रों पर आकर ताले देखते हैं तो निराशा हाथ लगती है।
– पंकज मिश्रा, नवोदय नगर 

गांव से शहर में टीकाकरण के लिए आते हैं। ग्रामीणों को समय और पैसा खर्च करने के बाद भी टीकाकरण न होने से मायूस लौटना पड़ रहा है।
-शीष पांडेय, महदूद

Leave A Reply

Your email address will not be published.