कोरोना संक्रमण : जानिये लक्षण और बचने के उपाय

नयी दिल्ली। देश में कोरोना से संक्रमित मरीजों के आंकड़ें लगातार बढ़ते जा रहे हैं। वो दिन दूर नहीं जब आप या आपका कोई जानने वाला भी कोविड-19 वायरस के संपर्क में आ जाए और संक्रमित हो जाए। कोरोना के लक्षण में मुख्य रूप से खांसी, जुकाम, बुखार और सांस लेने में दिक्कत शामिल हैं लेकिन बाद में कोरोना के ऐसे मामले भी सामने आए जिनमें ऐसा कोई लक्षण नहीं दिखा।

अगर आपको जाने-अनजाने में किसी कोरोना संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आ जाते हैं तो आपको कोरोना वायरस से संबंधित इन बातों का जरूर ध्यान रखना चाहिए…

अगर किसी व्यक्ति के शरीर के अंदर कोरोना वायरस है और वो व्यक्ति आपके आस-पास खांस या छींक रहा है आपके मुंह, नाक और आंख के जरिए वायरस आपके शरीर के अंदर आ सकता है। इसके अलावा अगर आपने वायरस वाली किसी सतह को छू लिया हो तो भी वायरस आपके अंदर आ सकता है।
  • वायरस सांस की नली के जरिए आपके गले के पीछे श्लेष्मा झिल्ली में जाता है
  • वायरस के शरीर में घुसने पर औसतन पांच दिन में कोरोना के लक्षण दिखते हैं, लेकिन ये दो से 14 दिन के बीच भी दिख सकते हैं
  • आपका गला दर्द करने लगेगा और सूखी खांसी के लक्षण दिखने लगेंगे
  • बुखार जैसा महसूस हो सकता है, जिसका  तापमान 100 डिग्री हो सकता है।

    शरीर में कैसे फैलता है कोरोना वायरस?

  • शरीर में घुसने के बाद वायुमार्ग के जरिए वायरस फेफड़ों की झिल्लियों तक पहुंचता है और उनमें जलन पैदा करता है, जिसके बाद आपको सांस लेने में दिक्कत होनी शुरू हो जाती है।
  • इसके बाद न्यूमोनिया के लक्षण दिखाई देते हैं और वायुकोष एक तरल पदार्थ से भर जाता है जिससे सांस लेना मुश्किल हो जाता है
  • आपको सीने में भारीपन महसूस होने लगता है और सांस लेना मुश्किल सा हो जाता है
  • गंभीर रूप से न्यूमोनिया होने के बाद सांस लेने के लिए ऑक्सीजन सिस्टम या वेंटिलेटर के इस्तेमाल की जरूरत पड़ती है।

कोरोना वायरस का इलाज

  • मुख्य तौर पर फेफड़ें, दिल और किडनी का इलाज किया जाता है
  • ऑक्सीजन थैरेपी के जरिए मास्क या हाई-फ्लो नसल कैनुला के जरिए ऑक्सीजन दी जाती है
  • सांस लेने में दिक्कत होने पर मरीज को मैकेनिकल वेंटिलेटर पर लेटाया जाता है
  • मरीज को ECMO मशीन की मदद दी जाती है, जो दिल-फेफड़े के बायपास मशीन की तरह काम करती है

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